रंग लाई मोदी सरकार की ‘मेहनत’!
Wednesday - August 1, 2018 12:14 pm ,
Category : WTN HINDI
पिछले साल से दोगुने हुए इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले
AUG 01 (WTN) – भारत में इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए लोगों को रुझान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइलिंग में इस बार क़रीब दोगुनी वृद्धि हुई है। जैसा कि आप जानते हैं कि सरकार ने इस साल इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आख़िरी तारीख़ 31 अगस्त 2018 कर दी है। अभी जबकि रिटर्न भरने की आख़िरी तारीख़ नहीं आई है, फ़िर भी अभी तक पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में क़रीब दो गुने से ज़्यादा रिटर्न फ़ाइल हुए हैं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार रिफण्ड के 81 प्रतिशत मामले निपटाए गए हैं। इस तरह के क़रीब 65 लाख केस पेण्डिंग थे। इस बार सरकार ने 77,000 करोड़ रुपए का रिफण्ड दिया है। जबकि पिछले साल यह सिर्फ़ 57,551 करोड़ रुपए था। माना जा रहा है कि रिटर्न प्रोसेस करने के नए सिस्टम से सरकार और रिटर्न भरने वाले दोनों को ही काफ़ी आसानी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, इस साल इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फ़ाइल हुए क़रीब 60 प्रतिशत केस प्रोसेस कर दिए गए हैं। इस बार सरकार का 1.25 करोड़ नये टैक्स पेयर्स बढ़ाने का लक्ष्य है। इसलिए सरकार इस बार व्यक्तिगत रिटर्न फ़ाइलिंग को बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।
जैसा कि आप जानते ही हैं कि इस बार से रिटर्न फ़ाइलिंग में देरी होने पर पेनल्टी का भी प्रावधान है। लेकिन यदि आप व्यक्तिगत कर दाता हैं, तो अब 31 अगस्त तक रिटर्न फ़ाइल करने पर पेनल्टी नहीं लगेगी। देरी से रिटर्न फ़ाइल करने पर 10 हज़ार रुपये तक की पेनाल्टी का प्रावधान इस बार किया गया है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले गुरुवार तक क़रीब 3.07 करोड़ ई-रिटर्न फ़ाइल हो चुके थे। जबकि पिछले साल 26 जुलाई तक 1.7 करोड़ रिटर्न ही फ़ाइल हुए थे। ताज़ा जानकारी के मुताबिक इस बार अभी तक क़रीब 2.96 करोड़ रिटर्न फ़ाइल हुए हैं, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 1.4 करोड़ थी।
AUG 01 (WTN) – भारत में इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए लोगों को रुझान धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, इनकम टैक्स रिटर्न फ़ाइलिंग में इस बार क़रीब दोगुनी वृद्धि हुई है। जैसा कि आप जानते हैं कि सरकार ने इस साल इनकम टैक्स रिटर्न भरने की आख़िरी तारीख़ 31 अगस्त 2018 कर दी है। अभी जबकि रिटर्न भरने की आख़िरी तारीख़ नहीं आई है, फ़िर भी अभी तक पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में क़रीब दो गुने से ज़्यादा रिटर्न फ़ाइल हुए हैं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक इस बार रिफण्ड के 81 प्रतिशत मामले निपटाए गए हैं। इस तरह के क़रीब 65 लाख केस पेण्डिंग थे। इस बार सरकार ने 77,000 करोड़ रुपए का रिफण्ड दिया है। जबकि पिछले साल यह सिर्फ़ 57,551 करोड़ रुपए था। माना जा रहा है कि रिटर्न प्रोसेस करने के नए सिस्टम से सरकार और रिटर्न भरने वाले दोनों को ही काफ़ी आसानी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, इस साल इलेक्ट्रॉनिक तरीके से फ़ाइल हुए क़रीब 60 प्रतिशत केस प्रोसेस कर दिए गए हैं। इस बार सरकार का 1.25 करोड़ नये टैक्स पेयर्स बढ़ाने का लक्ष्य है। इसलिए सरकार इस बार व्यक्तिगत रिटर्न फ़ाइलिंग को बढ़ाने पर ज़ोर दे रही है।
जैसा कि आप जानते ही हैं कि इस बार से रिटर्न फ़ाइलिंग में देरी होने पर पेनल्टी का भी प्रावधान है। लेकिन यदि आप व्यक्तिगत कर दाता हैं, तो अब 31 अगस्त तक रिटर्न फ़ाइल करने पर पेनल्टी नहीं लगेगी। देरी से रिटर्न फ़ाइल करने पर 10 हज़ार रुपये तक की पेनाल्टी का प्रावधान इस बार किया गया है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले गुरुवार तक क़रीब 3.07 करोड़ ई-रिटर्न फ़ाइल हो चुके थे। जबकि पिछले साल 26 जुलाई तक 1.7 करोड़ रिटर्न ही फ़ाइल हुए थे। ताज़ा जानकारी के मुताबिक इस बार अभी तक क़रीब 2.96 करोड़ रिटर्न फ़ाइल हुए हैं, जबकि पिछले साल इनकी संख्या 1.4 करोड़ थी।