सावधान! आप तो नहीं करते सूर्यास्त के समय ‘यह’ काम?
Wednesday - August 1, 2018 4:54 pm ,
Category : WTN HINDI
सूर्यास्त के समय के नियमों का करें पालन, जीवन में आएगी समृद्धि
AUG 01 (WTN) – सूर्यास्त यानि गोधूली बेला के समय का हिन्दू धर्म में काफ़ी महत्व है। हिन्दू शास्त्रों में सर्यास्त के समय को लेकर कई नियम दिए गए हैं। कहा जाता है कि जो भी इन नियमों का पालन करता है, उसका जीवन सुखपूर्वक रहता है। वहीं यदि कोई इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो लाख प्रयत्न करने के बाद भी जीवन में सुख-समृद्धि और धन-धान्य का सुख नहीं मिल पाता है। आइये आपको बताते हैं कि वे हिन्दू शास्त्रों में सूर्यास्त के समय के लिए कौन-कौन से नियम बताए गए हैं।
1.शाम ढलने के बाद कभी भी तुलसी का स्पर्श नहीं करना चाहिए, और ना ही उसे जल अर्पित करना चाहिए।
2.शाम ढलने के बाद तुलसी को दीपदान ज़रूर करना चाहिए।
3.मान्यता है कि गोधूली बेला में पहला दीपक तुलसी को, और दूसरा दीपक घर के मन्दिर में जलाना चाहिए।
4.कहा गया है कि यदि एक दीपक को लेकर पूरे घर घुमाया जाता है तो सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
5.सूर्यास्त के समय कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहि ए।
6.सूर्यास्त के समय शारीरिक सम्बन्ध भी नहीं बनाना चाहिए।
7.सूर्यास्त के समय कभी भी सोना नहीं चाहिए।
8.संध्या के समय वेदों और शास्त्रों का अध्ययन करना पूर्ण रूप से मना है। इस समय केवल ध्यान, साधना, भजन-आरती और दीपदान करना ही लाभप्रद होता है।
9.सूर्यास्त के बाद कभी भी किपसी को उधार न दें। ऐसी मान्यता है कि इस समय किसी को अपने कोष से धन निकाल कर देने से आप अपने भाग्य की लक्ष्मी किसी ओर के नाम कर देते हैं।
यदि आप इन नियमों का पालन करते हैं, तो आपके जीवन में सुख-सम्पत्ति और धन-धान्य की कभी भी कमी नहीं होगी।
AUG 01 (WTN) – सूर्यास्त यानि गोधूली बेला के समय का हिन्दू धर्म में काफ़ी महत्व है। हिन्दू शास्त्रों में सर्यास्त के समय को लेकर कई नियम दिए गए हैं। कहा जाता है कि जो भी इन नियमों का पालन करता है, उसका जीवन सुखपूर्वक रहता है। वहीं यदि कोई इन नियमों का पालन नहीं करता है, तो लाख प्रयत्न करने के बाद भी जीवन में सुख-समृद्धि और धन-धान्य का सुख नहीं मिल पाता है। आइये आपको बताते हैं कि वे हिन्दू शास्त्रों में सूर्यास्त के समय के लिए कौन-कौन से नियम बताए गए हैं।
1.शाम ढलने के बाद कभी भी तुलसी का स्पर्श नहीं करना चाहिए, और ना ही उसे जल अर्पित करना चाहिए।
2.शाम ढलने के बाद तुलसी को दीपदान ज़रूर करना चाहिए।
3.मान्यता है कि गोधूली बेला में पहला दीपक तुलसी को, और दूसरा दीपक घर के मन्दिर में जलाना चाहिए।
4.कहा गया है कि यदि एक दीपक को लेकर पूरे घर घुमाया जाता है तो सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
5.सूर्यास्त के समय कुछ भी खाना-पीना नहीं चाहि ए।
6.सूर्यास्त के समय शारीरिक सम्बन्ध भी नहीं बनाना चाहिए।
7.सूर्यास्त के समय कभी भी सोना नहीं चाहिए।
8.संध्या के समय वेदों और शास्त्रों का अध्ययन करना पूर्ण रूप से मना है। इस समय केवल ध्यान, साधना, भजन-आरती और दीपदान करना ही लाभप्रद होता है।
9.सूर्यास्त के बाद कभी भी किपसी को उधार न दें। ऐसी मान्यता है कि इस समय किसी को अपने कोष से धन निकाल कर देने से आप अपने भाग्य की लक्ष्मी किसी ओर के नाम कर देते हैं।
यदि आप इन नियमों का पालन करते हैं, तो आपके जीवन में सुख-सम्पत्ति और धन-धान्य की कभी भी कमी नहीं होगी।