‘भूत-प्रेत’ की बाधाओं को दूर करता है ललिता सहस्त्रनाम का पाठ!
Thursday - August 2, 2018 9:58 am ,
Category : WTN HINDI
अत्यन्त लाभदायक है ललिता सहस्त्रनाम से ‘अभिमन्त्रित जल’
AUG 02 (WTN) – सनातम धर्म में कष्टों से मुक्ति के लिए कई मंत्रों का उल्लेख है। ऐसा ही फलदायक है ‘ललिता सहस्त्रनाम’ का पाठ करना। मान्यता है कि ललिता सहस्त्रनाम के पाठ से इष्टदेवी शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं। ललिता सहस्त्रनाम के विषय में कहा जाता है कि यदि कोई उपासक इसका प्रतिदिन पाठ नहीं कर पा रहा है, तो पुण्य दिवसों पर इसका पाठ करने से मनवांछित फल प्राप्त होता है।
ललिता सहस्त्रनाम का पाठ संक्रान्ति, दीक्षा दिवस, पूर्णिमा, शुक्रवार और अपने जन्मदिवस पर किया जा सकता है।
कहा जाता है कि दक्षिणायन, उत्तरायण, नवमी और चतुर्दशी के समय यदि इसका पाठ किया जाता है तो समस्त कष्टों का निवारण होता है।
पूर्णिमा के दिन श्रीचन्द्र बिम्ब में श्रीजी का ध्यान करने के बाद, पंचोपचार पूजा के उपरान्त ललिता सहस्त्रनाम का पाठ करने से साधक के समस्त रोग नष्ट हो जाते हैं।
मान्यता है कि बुखार से पीड़ित व्यक्ति के सिर पर हाथ रखकर ललिता सहस्त्रनाम का पाठ करने से जल्द ही बुखार उतर जाता है।
ललिता सहस्त्रनाम से अभिमन्त्रित भस्म को धारण करने से सभी रोग नष्ट हो जाते हैं।
मान्यता है कि ललिता सहस्त्रनाम से अभिमन्त्रित जल से अभिषेक करने से उपासक के दुख दूर होते हैं। कहा जाता है कि यदि किसी पर ग्रह या ऊपरी बाधा का चक्कर है, तो अभिमन्त्रित जल के अभिषेक से यह समस्त पीड़ाकारक बाधाएं दूर हो जाती हैं।
AUG 02 (WTN) – सनातम धर्म में कष्टों से मुक्ति के लिए कई मंत्रों का उल्लेख है। ऐसा ही फलदायक है ‘ललिता सहस्त्रनाम’ का पाठ करना। मान्यता है कि ललिता सहस्त्रनाम के पाठ से इष्टदेवी शीघ्र प्रसन्न हो जाती हैं। ललिता सहस्त्रनाम के विषय में कहा जाता है कि यदि कोई उपासक इसका प्रतिदिन पाठ नहीं कर पा रहा है, तो पुण्य दिवसों पर इसका पाठ करने से मनवांछित फल प्राप्त होता है।
ललिता सहस्त्रनाम का पाठ संक्रान्ति, दीक्षा दिवस, पूर्णिमा, शुक्रवार और अपने जन्मदिवस पर किया जा सकता है।
कहा जाता है कि दक्षिणायन, उत्तरायण, नवमी और चतुर्दशी के समय यदि इसका पाठ किया जाता है तो समस्त कष्टों का निवारण होता है।
पूर्णिमा के दिन श्रीचन्द्र बिम्ब में श्रीजी का ध्यान करने के बाद, पंचोपचार पूजा के उपरान्त ललिता सहस्त्रनाम का पाठ करने से साधक के समस्त रोग नष्ट हो जाते हैं।
मान्यता है कि बुखार से पीड़ित व्यक्ति के सिर पर हाथ रखकर ललिता सहस्त्रनाम का पाठ करने से जल्द ही बुखार उतर जाता है।
ललिता सहस्त्रनाम से अभिमन्त्रित भस्म को धारण करने से सभी रोग नष्ट हो जाते हैं।
मान्यता है कि ललिता सहस्त्रनाम से अभिमन्त्रित जल से अभिषेक करने से उपासक के दुख दूर होते हैं। कहा जाता है कि यदि किसी पर ग्रह या ऊपरी बाधा का चक्कर है, तो अभिमन्त्रित जल के अभिषेक से यह समस्त पीड़ाकारक बाधाएं दूर हो जाती हैं।