बिना अनुमति के हड़ताल नहीं कर सकेंगे वकील, हाईकोर्ट ने दिया आदेश
Wednesday - August 1, 2018 12:26 pm ,
Category : WTN HINDI
हड़ताल के लिए चीफ़ जस्टिस या ज़िला जज की अनुमति जरूरी
AUG 01 (WTN) - मध्य प्रदेश में अब वकील बिना अनुमति के हड़ताल नहीं कर सकेंगे। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को निर्देश दिया है कि बिना हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस या ज़िला जज की अनुमति के हड़ताल नहीं होगी।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर स्टेट बार काउन्सिल ने बिना अनुमति हड़ताल करने का ऐलान किया, तो महाधिवक्ता इसकी ज़िम्मेदारी देखेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वकील प्रवीण पाण्डेय ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, और यह दलील रखी थी कि वकीलों के हड़ताल पर जाने से पक्षकारों को परेशानी होती है और मामले लम्बित हो जाते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में वकीलों की हड़ताल के कारण कई बार न्यायिक मामले प्रभावित होते रहे हैं। कुछ दिनों पहले एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदेश भर के वकील हड़ताल कर रहे थे जिसे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया था।
AUG 01 (WTN) - मध्य प्रदेश में अब वकील बिना अनुमति के हड़ताल नहीं कर सकेंगे। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट ने बार एसोसिएशन को निर्देश दिया है कि बिना हाईकोर्ट के चीफ़ जस्टिस या ज़िला जज की अनुमति के हड़ताल नहीं होगी।
हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि अगर स्टेट बार काउन्सिल ने बिना अनुमति हड़ताल करने का ऐलान किया, तो महाधिवक्ता इसकी ज़िम्मेदारी देखेंगे। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वकील प्रवीण पाण्डेय ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी, और यह दलील रखी थी कि वकीलों के हड़ताल पर जाने से पक्षकारों को परेशानी होती है और मामले लम्बित हो जाते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश में वकीलों की हड़ताल के कारण कई बार न्यायिक मामले प्रभावित होते रहे हैं। कुछ दिनों पहले एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने समेत अन्य मांगों को लेकर प्रदेश भर के वकील हड़ताल कर रहे थे जिसे मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया था।