रिज़र्व बैंक ने दिया ज़ोर का झटका ज़ोर से
Wednesday - August 1, 2018 4:05 pm ,
Category : WTN HINDI
आरबीआई ने रेपो रेट में की वृद्धि, महंगा होगा होम, ऑटो और पर्सनल लोन
AUG 01 (WTN) – आने वाले दिनों में आपके होम, ऑटो और पर्सनल लोन की ईएमआई बढ़ने वाली है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आरबीआई यानि भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी नई मौद्रिक नीति में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है। यानि कि अब रेपो रेट 6.25 प्रतिशत से बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिज़र्व बैंक ने लगातार दूसरी क्रेडिट पॉलिसी में रेपो रेट में वृद्धि की है। कहा जा रहा है कि आरबीआई ने महंगाई की चिंता के कारण दरों में वृद्धि की है। रेपो रेट को बढ़ाने का फ़ैसला रिज़र्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने 3 दिनों तक चलने वाली बैठक में किया है।
आप जानने चाहेंगे कि आख़िर रेपो रेट होती क्या है ? दरअसर, रेपो रेट वो दर होती है जिस दर पर बैंक रिज़र्व बैंक से पैसा लेते हैं। इसके कम या ज़्यादा होने पर आपकी ईएमआई पर सीधा असर पड़ता है।
रेपो रेट में वृद्धि की जैसी ही ख़बर मार्केट में आई, शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिज़र्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2019 के लिए जीडीपी 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। रिज़र्व बैंक को लगता है कि अप्रैल-जून 2019 में महंगाई बढ़कर 5 प्रतिशत हो सकती है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक इस बारे में रिज़र्व बैंक ने अपना मत 'न्यूट्रल' रखा है। कहा जा रहा है कि इसके बाद रिवर्स रेपो रेट 6.25 हो जाएगा। रिज़र्व बैंक का अनुमान है कि जुलाई से सितम्बर के बीच महंगाई दर 4.2 प्रतिशत रहेगी और अक्टूबर से मार्च 2019 तक बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो जाएगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर 2013 के बाद से पहली बार ऐसा हुआ है की लगातार दो पॉलिसी में रेपो रेट को बढ़ाया गया है। इससे पहले जून में भी रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की थी। रेपो रेट बढ़ाने के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि रिज़र्व बैंक ने महंगाई को 4 प्रतिशत रखने का लक्ष्य बनाया है।
जैसा कि आप जानते हैं कि जून में महंगाई की दर पांच प्रतिशत के पार हो गई थी। इधर केन्द्र सरकार ने किसानों की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की है जिसके कारण खाने का सामान महंगा होना स्वाभाविक है, इससे महंगाई दर बढ़ेगी। वहीं यदि मानसून पूर्वानुमान के अनुसार नहीं रहा तो महंगाई पर और भी असर पड़ सकता है। इसलिए भविष्य की सभी आशंकाओं को देखते हुए रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट में वृद्धि करने का फ़ैसला लिया है।
AUG 01 (WTN) – आने वाले दिनों में आपके होम, ऑटो और पर्सनल लोन की ईएमआई बढ़ने वाली है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि आरबीआई यानि भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी नई मौद्रिक नीति में रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की है। यानि कि अब रेपो रेट 6.25 प्रतिशत से बढ़कर 6.5 प्रतिशत हो गया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिज़र्व बैंक ने लगातार दूसरी क्रेडिट पॉलिसी में रेपो रेट में वृद्धि की है। कहा जा रहा है कि आरबीआई ने महंगाई की चिंता के कारण दरों में वृद्धि की है। रेपो रेट को बढ़ाने का फ़ैसला रिज़र्व बैंक की मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी ने 3 दिनों तक चलने वाली बैठक में किया है।
आप जानने चाहेंगे कि आख़िर रेपो रेट होती क्या है ? दरअसर, रेपो रेट वो दर होती है जिस दर पर बैंक रिज़र्व बैंक से पैसा लेते हैं। इसके कम या ज़्यादा होने पर आपकी ईएमआई पर सीधा असर पड़ता है।
रेपो रेट में वृद्धि की जैसी ही ख़बर मार्केट में आई, शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिज़र्व बैंक ने वित्तीय वर्ष 2019 के लिए जीडीपी 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया है। रिज़र्व बैंक को लगता है कि अप्रैल-जून 2019 में महंगाई बढ़कर 5 प्रतिशत हो सकती है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक इस बारे में रिज़र्व बैंक ने अपना मत 'न्यूट्रल' रखा है। कहा जा रहा है कि इसके बाद रिवर्स रेपो रेट 6.25 हो जाएगा। रिज़र्व बैंक का अनुमान है कि जुलाई से सितम्बर के बीच महंगाई दर 4.2 प्रतिशत रहेगी और अक्टूबर से मार्च 2019 तक बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो जाएगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अक्टूबर 2013 के बाद से पहली बार ऐसा हुआ है की लगातार दो पॉलिसी में रेपो रेट को बढ़ाया गया है। इससे पहले जून में भी रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की वृद्धि की थी। रेपो रेट बढ़ाने के पीछे तर्क यह दिया जा रहा है कि रिज़र्व बैंक ने महंगाई को 4 प्रतिशत रखने का लक्ष्य बनाया है।
जैसा कि आप जानते हैं कि जून में महंगाई की दर पांच प्रतिशत के पार हो गई थी। इधर केन्द्र सरकार ने किसानों की फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की है जिसके कारण खाने का सामान महंगा होना स्वाभाविक है, इससे महंगाई दर बढ़ेगी। वहीं यदि मानसून पूर्वानुमान के अनुसार नहीं रहा तो महंगाई पर और भी असर पड़ सकता है। इसलिए भविष्य की सभी आशंकाओं को देखते हुए रिज़र्व बैंक ने रेपो रेट में वृद्धि करने का फ़ैसला लिया है।