कभी सोचा है आपने कि कैसे काम करता है इंडक्शन?
Friday - August 3, 2018 12:01 pm ,
Category : WTN HINDI
आख़िर क्यों इंडक्शन कुक टॉप नहीं होता ‘गर्म’?
AUG 03 (WTN) – आजकल लगभग हर घर में इंडक्शन पर लोग खाना बनाते हैं। धीरे-धीरे इंडक्शन भारतीय घरों में रसोई का आम डेली यूज का प्रोडक्ट बनता जा रहा है। उपयोग करने में इंडक्शन काफ़ी सरल और सुविधापूर्ण है। महिलाओं के बीच इसके लोकप्रिय होने का कारण है कि यह खाद्य सामग्री को जल्दी गर्म करता है।
लेकिन आप सोचते होंगे कि आख़िर इंडक्शन काम कैसे करता है? आख़िर क्यों इसके टॉप पर हाथ लगाने के बाद भी हम जलते नहीं है ? जबकि इंडक्शन पर खाना गर्म हो जाता है। चलिए हम आपको बताते हैं कि इंडक्शन कैसे काम करता है।
इंडक्शन विद्युत प्रेरण के नियम पर काम करता है। इंडक्शन के अंदर ताम्बे यानि कॉपर की एक क्वाइल होती है। जब आप इंडक्शन को चालू करते हैं तो बिजली की धारा इस क्वाइल में पहुंचती है। बिजली और कॉपर की क्वाइल मिलकर एक चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न करते हैं। इसके सम्पर्क में आने पर मैटेलिक पदार्थ के अंदर रखी वस्तु गर्म होने लगती है।
बिजली और कॉपर की क्वाइल मिलकर जो अस्थिर चुम्बकीय क्षेत्र बनाती हैं, उसमें किसी भी प्रकार की उष्मा या गर्मी नहीं होती है। जैसे ही आप इंडक्शन कुक टॉप पर बर्तन रखते हैं, तो कॉपर की क्वाइल बर्तन के धातु में छोटा विद्युत प्रवाह जिसे कि एडी करण्ट कहते हैं, को प्रेरित करती है। बर्तन में बहता एडी करण्ट बर्तन में रखी वस्तु को गर्म कर देता है। इसलिए कम समय में ही इंडक्शन में रखी खाद्य सामग्री गर्म हो जाती है।
इंडक्शन कुक टॉप में सिर्फ लोहे या इस्पात जैसे चुम्बकीय आकर्षण वाले धातु से बने बर्तन ही उपयोग में लाए जा सकते हैं, क्योंकि इन्हीं बर्तनों पर चुम्बकीय क्षेत्र का प्रभाव होता है। इंडक्शन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बर्तन के अलावा कहीं और गर्मी उत्पन्न नहीं होती है इसलिए बर्तन के अन्दर रखी वस्तु जल्द गर्म हो जाती है। इतना ही नहीं चूंकि इसमें ज्वाला नहीं होती है, इसलिए हवा में ऊर्जा का क्षय भी नहीं होता है।
AUG 03 (WTN) – आजकल लगभग हर घर में इंडक्शन पर लोग खाना बनाते हैं। धीरे-धीरे इंडक्शन भारतीय घरों में रसोई का आम डेली यूज का प्रोडक्ट बनता जा रहा है। उपयोग करने में इंडक्शन काफ़ी सरल और सुविधापूर्ण है। महिलाओं के बीच इसके लोकप्रिय होने का कारण है कि यह खाद्य सामग्री को जल्दी गर्म करता है।
लेकिन आप सोचते होंगे कि आख़िर इंडक्शन काम कैसे करता है? आख़िर क्यों इसके टॉप पर हाथ लगाने के बाद भी हम जलते नहीं है ? जबकि इंडक्शन पर खाना गर्म हो जाता है। चलिए हम आपको बताते हैं कि इंडक्शन कैसे काम करता है।
इंडक्शन विद्युत प्रेरण के नियम पर काम करता है। इंडक्शन के अंदर ताम्बे यानि कॉपर की एक क्वाइल होती है। जब आप इंडक्शन को चालू करते हैं तो बिजली की धारा इस क्वाइल में पहुंचती है। बिजली और कॉपर की क्वाइल मिलकर एक चुम्बकीय प्रभाव उत्पन्न करते हैं। इसके सम्पर्क में आने पर मैटेलिक पदार्थ के अंदर रखी वस्तु गर्म होने लगती है।
बिजली और कॉपर की क्वाइल मिलकर जो अस्थिर चुम्बकीय क्षेत्र बनाती हैं, उसमें किसी भी प्रकार की उष्मा या गर्मी नहीं होती है। जैसे ही आप इंडक्शन कुक टॉप पर बर्तन रखते हैं, तो कॉपर की क्वाइल बर्तन के धातु में छोटा विद्युत प्रवाह जिसे कि एडी करण्ट कहते हैं, को प्रेरित करती है। बर्तन में बहता एडी करण्ट बर्तन में रखी वस्तु को गर्म कर देता है। इसलिए कम समय में ही इंडक्शन में रखी खाद्य सामग्री गर्म हो जाती है।
इंडक्शन कुक टॉप में सिर्फ लोहे या इस्पात जैसे चुम्बकीय आकर्षण वाले धातु से बने बर्तन ही उपयोग में लाए जा सकते हैं, क्योंकि इन्हीं बर्तनों पर चुम्बकीय क्षेत्र का प्रभाव होता है। इंडक्शन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें बर्तन के अलावा कहीं और गर्मी उत्पन्न नहीं होती है इसलिए बर्तन के अन्दर रखी वस्तु जल्द गर्म हो जाती है। इतना ही नहीं चूंकि इसमें ज्वाला नहीं होती है, इसलिए हवा में ऊर्जा का क्षय भी नहीं होता है।