ट्रेन में बाहर से खाना मंगवाना पड़ेगा अब महंगा!
Friday - August 3, 2018 1:38 pm ,
Category : WTN HINDI
भोपाल स्टेशन पर ट्रेन में बाहर का खाना मंगवाने पर लगेगा 15 रुपये डिलेवरी चार्ज
AUG 03 (WTN) – ट्रेन के सफ़र में यदि मनपसंद खाना भी मिल जाए तो स़फर का मज़ा दोगुना हो जाता है। जिन यात्रियों को ट्रेन की पेन्ट्री कार का बना खाना पसन्द नहीं है, वे बाहर से खाना मंगवाना पसन्द करते हैं। लेकिन यदि अब आप नई दिल्ली, नागपुर के बाद भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के बाहर से खाना मंगवाएंगे, तो आपको खाने-पीने की सामग्री की क़ीमत के साथ-साथ 15 रुपये डिलेवरी चार्ज के अतिरिक्त देने होंगे।
अभी तक यात्रियों से इस तरह का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। ना ही पेन्ट्री कार से खाने पर कोई डिलेवरी चार्ज लगता है। नई दिल्ली और नागपुर रेलवे स्टेशन के बाद अगले सप्ताह से भोपाल स्टेशन पर भी यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक रेलवे ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि अवैध वेडर्स के द्वारा भोजन सप्लाई पर रोक लगाई जा सके, और यात्रियों को गर्म और ताज़ा खाना मिल सके।
रेलवे ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अभी नई दिल्ली, नागपुर, भोपाल, इटारसी और झांसी स्टेशन को इसके लिए चुना है। अब जैसे ही कोई यात्री आईआरसीटीसी से अधिकृत रेस्टोरेन्ट या होटल को खाने-पीने का ऑर्डर देगा, इसकी सूचना कम्पनी के पास आ जाएगी। कम्पनी का कर्मचारी ऑर्डर लेकर स्टेशन आएगा और यहां पर एक डिलेवरी टीम होगी जो सम्बन्धित यात्री को खाने की डिलेवरी देगी। डिलेवरी के साथ ही यात्री को खाने-पीने की क़ीमत के साथ ही 15 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। रेलवे का तर्क है कि इससे यात्रियों और होटल-रेस्टारेन्ट संचालकों दोनों को भी फ़ायदा होगा।
AUG 03 (WTN) – ट्रेन के सफ़र में यदि मनपसंद खाना भी मिल जाए तो स़फर का मज़ा दोगुना हो जाता है। जिन यात्रियों को ट्रेन की पेन्ट्री कार का बना खाना पसन्द नहीं है, वे बाहर से खाना मंगवाना पसन्द करते हैं। लेकिन यदि अब आप नई दिल्ली, नागपुर के बाद भोपाल रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के बाहर से खाना मंगवाएंगे, तो आपको खाने-पीने की सामग्री की क़ीमत के साथ-साथ 15 रुपये डिलेवरी चार्ज के अतिरिक्त देने होंगे।
अभी तक यात्रियों से इस तरह का कोई भी शुल्क नहीं लिया जाता है। ना ही पेन्ट्री कार से खाने पर कोई डिलेवरी चार्ज लगता है। नई दिल्ली और नागपुर रेलवे स्टेशन के बाद अगले सप्ताह से भोपाल स्टेशन पर भी यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। जानकारी के मुताबिक रेलवे ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि अवैध वेडर्स के द्वारा भोजन सप्लाई पर रोक लगाई जा सके, और यात्रियों को गर्म और ताज़ा खाना मिल सके।
रेलवे ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अभी नई दिल्ली, नागपुर, भोपाल, इटारसी और झांसी स्टेशन को इसके लिए चुना है। अब जैसे ही कोई यात्री आईआरसीटीसी से अधिकृत रेस्टोरेन्ट या होटल को खाने-पीने का ऑर्डर देगा, इसकी सूचना कम्पनी के पास आ जाएगी। कम्पनी का कर्मचारी ऑर्डर लेकर स्टेशन आएगा और यहां पर एक डिलेवरी टीम होगी जो सम्बन्धित यात्री को खाने की डिलेवरी देगी। डिलेवरी के साथ ही यात्री को खाने-पीने की क़ीमत के साथ ही 15 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। रेलवे का तर्क है कि इससे यात्रियों और होटल-रेस्टारेन्ट संचालकों दोनों को भी फ़ायदा होगा।