अब बस एक कॉल पर पशुओं का इलाज!
Saturday - August 4, 2018 1:04 pm ,
Category : WTN HINDI
एक कॉल पर घर इलाज के लिए आएंगे पशु चिकित्सक, मुफ़्त में होगा इलाज
AUG 04 (WTN) – अभी तक आपने विदेशों में ही सुना होगा कि पालतु पशुओं के बीमार होने पर फ़ोन कॉल पर डॉक्टर दवाइयों के साथ इलाज के लिए आता है। लेकिन अब ऐसा मध्य प्रदेश में होने जा रहा है। राज्य सरकार के मुताबिक, अब पशुपालकों को अपने पशुओं के बीमार होने पर अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने पशु संजीवनी नाम की नई योजना शुरू की है। पालतु पशु की बीमारी की सूचना टोल फ्री नम्बर 1962 पर देने पर पास के विकासखण्ड से वैन इलाज के लिए पहुंच जाएगी। इस वैन में पशु चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ और जरुरत की दवाइयां होंगी।
मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पशु संजीवनी योजना 15 अगस्त से पूरे मध्यप्रदेश में लागू होने जा रही है। इस योजना के तहत पशुओं को मुफ़्त में इलाज किया जाएगा।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस योजना को पहले ग्यारह ज़िलों में शुरू किया गया था, लेकिन फ़ोन कॉल अटेंड करने की इसमें दिक्कत आ रही थी। लेकिन अब इन दिक्कतों को दूर कर लिया गया है। अब हर विकासखण्ड में एक वैन रहेगी जो कॉल सेंटर से अटैच रहेगी।
जानकारी के मुताबिक, पशु की बीमारी के स्तर को देखते हुए यह तय होगा कि कितने घण्टे के अंदर बीमार पशु को देखना है। इसकी बाकायदा पूरी सूचना एक एसएमएस के माध्यम से पशुपालक को भेजी जाएगी। पशु संजीवनी योजना के लिए गाड़ी आउटसोर्स की जाएगी। इस गाड़ी में ड्राइवर और एक गौ-सेवक भी रहेगा।
AUG 04 (WTN) – अभी तक आपने विदेशों में ही सुना होगा कि पालतु पशुओं के बीमार होने पर फ़ोन कॉल पर डॉक्टर दवाइयों के साथ इलाज के लिए आता है। लेकिन अब ऐसा मध्य प्रदेश में होने जा रहा है। राज्य सरकार के मुताबिक, अब पशुपालकों को अपने पशुओं के बीमार होने पर अस्पताल ले जाने की जरूरत नहीं होगी।
इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार ने पशु संजीवनी नाम की नई योजना शुरू की है। पालतु पशु की बीमारी की सूचना टोल फ्री नम्बर 1962 पर देने पर पास के विकासखण्ड से वैन इलाज के लिए पहुंच जाएगी। इस वैन में पशु चिकित्सक, पैरा मेडिकल स्टाफ और जरुरत की दवाइयां होंगी।
मध्य प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पशु संजीवनी योजना 15 अगस्त से पूरे मध्यप्रदेश में लागू होने जा रही है। इस योजना के तहत पशुओं को मुफ़्त में इलाज किया जाएगा।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इस योजना को पहले ग्यारह ज़िलों में शुरू किया गया था, लेकिन फ़ोन कॉल अटेंड करने की इसमें दिक्कत आ रही थी। लेकिन अब इन दिक्कतों को दूर कर लिया गया है। अब हर विकासखण्ड में एक वैन रहेगी जो कॉल सेंटर से अटैच रहेगी।
जानकारी के मुताबिक, पशु की बीमारी के स्तर को देखते हुए यह तय होगा कि कितने घण्टे के अंदर बीमार पशु को देखना है। इसकी बाकायदा पूरी सूचना एक एसएमएस के माध्यम से पशुपालक को भेजी जाएगी। पशु संजीवनी योजना के लिए गाड़ी आउटसोर्स की जाएगी। इस गाड़ी में ड्राइवर और एक गौ-सेवक भी रहेगा।