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जीएसटी रिफण्ड हो सकता है आसान, जीएसटी काउन्सिल की बैठक में हो सकता है फैसला

Friday - August 3, 2018 2:42 pm , Category : WTN HINDI

छोटे कारोबारियों की मांगें हो सकती हैं पूरी

AUG 03 (WTN) – जीएसटी काउन्सिल की अगली बैठक 4 अगस्त यानि कि कल होने वाली है। माना जा रहा है कि इस बैठक में ख़ास तौर से छोटे कारोबारियों के मुद्दों पर चर्चा होगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जीएसटी काउन्सिल की यह 29वीं बैठक है।

अप्रत्यक्ष कर से जुड़े अधिकारियों को इस बैठक के लिए कारोबारियों को क्या दिक्कत आ रही है, इसकी सूची बनाने के लिए कहा गया है। वित्तमंत्री का प्रभार देख रहे पीयूष गोयल जीएसटी काउन्सिल की बैठक की दूसरी बार अध्यक्षता करेंगे।

जानकारी के मुताबिक, कई कारोबारियों को जीएसटी रिफण्ड में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन कारोबारियों की मांग है कि रिफ़ण्ड प्रक्रिया को आसान बनाया जाए। उनका कहना है कि रिफण्ड समय पर नहीं आने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।

कारोबारियों की एक और मांग है कि जीएसटी रजिस्ट्रेशन की सुविधा भारत में किसी भी जगह से होना चाहिए। वर्तमान में व्यवस्था है कि कारोबारी जिस राज्य के हैं वहीं उनका रजिस्ट्रेशन होता है। कारोबारियों की मांग है कि यदि सिंगल जीएसटी आईडी रहेगी तो इससे कारोबार आसान होगा। कहा जा रहा है कि कल होने वाली जीएसटी काउन्सिल की बैठक में इस पर कुछ फ़ैसला आ सकता है।

वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को एक साल के लिए आगे बढ़ा दिया गया है। इसके अंतर्गत अगर किसी कारोबारी ने बिना रजिस्ट्रेशन वाले कारोबारी से सामान खरीदा है तो टैक्स भरने की जिम्मेदारी उसकी ही होगी। कारोबारियों का कहना है कि इससे उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को 30 सितम्बर 2019 तक बढ़ाया गया है। 

जैसा कि आप जानते हैं कि जीएसटी काउन्सिल ने अपनी पिछली बैठक में पांच करोड़ तक के टर्नओवर वाले कारोबारियों को हर महीने रिटर्न भरने से छूट दी थी। अब ऐसे कारोबारियों को हर तिमाही में रिटर्न भरना होगा। छोटे कारोबारियों की मांग को देखते हुए जीएसटी काउन्सिल की इस बैठक में कुछ ठोस और बड़े फ़ैसले लिए जा सकते हैं।
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