जानिए किस ज्योतिर्लिंग की पूजा करने से आएगी कन्या राशि के जातकों के जीवन में सुख समृद्धि ?
Wednesday - August 8, 2018 9:49 am ,
Category : WTN HINDI
कन्या राशि के जातकों के लिए फलदायी है भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग
AUG 08 (WTN) – आज हम आपको बताते हैं कि कन्या राशि के जातकों को कौन से ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा करना चाहिए जिससे उनके जीवन में सुख समृद्धि और सकारात्मकता आए।
शास्त्रों के अनुसार मान्यता है कि कन्या राशि वाले जातकों को भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए। महाराष्ट्र में भीमा नदी के किनारे बसा भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कन्या राशि का ज्योर्तिलिंग माना गया है। कन्या राशि वाले भगवान भीमाशंकर को प्रसन्न करने के लिए दूध में घी मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराएं। इससे सभी उचित मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी पहचाना जाता है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे से लगभग 110 किलोमीटर दूर सहाद्रि पर्वत पर स्थित है। यहीं से भीमा नदी निकली हुई है। सावन के महीने में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का बहुत ज्यादा महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से व्यक्ति को समस्त दु:खों से छुटकारा मिल जाता है।
इस ज्योतिर्लिंग के पीछे पौराणिक कथा इस तरह है। इस स्थान पर भगवान शंकर ने कुम्भकर्ण के राक्षस पुत्र भीम का अंत किया था। देवताओं के आग्रह पर भगवान शंकर यहां पर ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजित हैं। मान्यता है कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से कन्या राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मकता आती है और बुरे विचार मन में नहीं आते हैं।
AUG 08 (WTN) – आज हम आपको बताते हैं कि कन्या राशि के जातकों को कौन से ज्योतिर्लिंग के दर्शन और पूजा करना चाहिए जिससे उनके जीवन में सुख समृद्धि और सकारात्मकता आए।
शास्त्रों के अनुसार मान्यता है कि कन्या राशि वाले जातकों को भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग की पूजा करनी चाहिए। महाराष्ट्र में भीमा नदी के किनारे बसा भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग कन्या राशि का ज्योर्तिलिंग माना गया है। कन्या राशि वाले भगवान भीमाशंकर को प्रसन्न करने के लिए दूध में घी मिलाकर शिवलिंग को स्नान कराएं। इससे सभी उचित मनोकामनाएं पूर्ण होंगी।
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग को मोटेश्वर महादेव के नाम से भी पहचाना जाता है। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के पुणे से लगभग 110 किलोमीटर दूर सहाद्रि पर्वत पर स्थित है। यहीं से भीमा नदी निकली हुई है। सावन के महीने में भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन का बहुत ज्यादा महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने मात्र से व्यक्ति को समस्त दु:खों से छुटकारा मिल जाता है।
इस ज्योतिर्लिंग के पीछे पौराणिक कथा इस तरह है। इस स्थान पर भगवान शंकर ने कुम्भकर्ण के राक्षस पुत्र भीम का अंत किया था। देवताओं के आग्रह पर भगवान शंकर यहां पर ज्योतिर्लिंग के रूप में विराजित हैं। मान्यता है कि भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से कन्या राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मकता आती है और बुरे विचार मन में नहीं आते हैं।