अब मध्य प्रदेश में खुलेंगी सहकारिता विभाग की दवा दुकानें!
Wednesday - August 8, 2018 10:47 am ,
Category : WTN HINDI
सामान्य और जीवनरक्षक दवाएं सस्ते दाम पर उपलब्ध कराने का दावा
AUG 08 (WTN) – रोजगार के लिए मध्य प्रदेश में युवाओं को मौका देने और सस्ते दामों पर लोगों को दवा उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सहकारिता विभाग ने अब दवा व्यापार के क्षेत्र में कदम आगे बढ़ाया है। जानकारी के मुताबिक बाकायदा इसके लिए एक महासंघ बनाया जाएगा, और भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में दुवा की दुकानें खोलकर इसकी शुरुआत की जाएगी।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक इसकी शुरुआत 25 दुकानों के साथ की जा सकती है। कहा जा रहा है कि इन दुकानों को 15 अगस्त से शुरू होने वाली आयुष्मान भारत योजना के साथ जोड़ा जाएगा।
देश में आयुष्मान योजना लागू होने के बाद कहा जा रहा है कि देश में हेल्थ सेक्टर में काफी परिवर्तन आएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए रोजगार की सम्भावनाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश के सहकारिता विभाग ने सहकारी समिति बनाकर दवा दुकानें सन्चालित करने की एक योजना बनाई है।
जानकारी के अनुसार, इन दवा दुकानों को संचालित करने के लिए बकायदा एक महासंघ बनाया जाएगा। इसके लिए पहले प्राथमिक सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा। फिर ज़िला स्तर पर संगठन तैयार करने के बाद एक महासंघ बनाया जाएगा। इतना ही नहीं दुकानें हासिल करने के लिए बाकायदा लाइसेंस लिया जाएगा।
सहकारिता विभाग की इन दवा दुकानों पर सामान्य और जीवन रक्षक दोनों तरह की दवाएं मिलेंगी। प्रयोग के तौर पर पहले इन दुकानों को बड़े शहरों में शुरू किया जाएगा। इनके परिणाम देखने के बाद ज़िला स्तर पर इन दुकानों को खोला जाएगा। इन दुकानों से मिलने वाली दवा के बारे में दावा किया जा रहा है कि यहां पर दवा अन्य दवा दुकानों के मुकाबले कम दाम पर मिलेंगी।
सहकारिता विभाग का दवा दुकानें खोलने का प्रयास सराहनीय है, लेकिन बड़ा सवाल है कि यह दुकानें कौन सी दवा उपलब्ध कराएंगी? जो सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को लिखते हैं या फिर जो निजी डॉक्टर लिखते हैं? यह सभी जानते हैं कि दवा के व्यापार में कमीशन का काफी बड़ा खेल होता है। अब देखना होगा कि कमीशन के खेल से दूर, सहकारिता विभाग की दवा दुकानें आम जनता को कितना फायदा दे पाती हैं।
AUG 08 (WTN) – रोजगार के लिए मध्य प्रदेश में युवाओं को मौका देने और सस्ते दामों पर लोगों को दवा उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सहकारिता विभाग ने अब दवा व्यापार के क्षेत्र में कदम आगे बढ़ाया है। जानकारी के मुताबिक बाकायदा इसके लिए एक महासंघ बनाया जाएगा, और भोपाल, इन्दौर, जबलपुर, उज्जैन और ग्वालियर जैसे बड़े शहरों में दुवा की दुकानें खोलकर इसकी शुरुआत की जाएगी।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक इसकी शुरुआत 25 दुकानों के साथ की जा सकती है। कहा जा रहा है कि इन दुकानों को 15 अगस्त से शुरू होने वाली आयुष्मान भारत योजना के साथ जोड़ा जाएगा।
देश में आयुष्मान योजना लागू होने के बाद कहा जा रहा है कि देश में हेल्थ सेक्टर में काफी परिवर्तन आएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए रोजगार की सम्भावनाओं को देखते हुए मध्य प्रदेश के सहकारिता विभाग ने सहकारी समिति बनाकर दवा दुकानें सन्चालित करने की एक योजना बनाई है।
जानकारी के अनुसार, इन दवा दुकानों को संचालित करने के लिए बकायदा एक महासंघ बनाया जाएगा। इसके लिए पहले प्राथमिक सहकारी समितियों का गठन किया जाएगा। फिर ज़िला स्तर पर संगठन तैयार करने के बाद एक महासंघ बनाया जाएगा। इतना ही नहीं दुकानें हासिल करने के लिए बाकायदा लाइसेंस लिया जाएगा।
सहकारिता विभाग की इन दवा दुकानों पर सामान्य और जीवन रक्षक दोनों तरह की दवाएं मिलेंगी। प्रयोग के तौर पर पहले इन दुकानों को बड़े शहरों में शुरू किया जाएगा। इनके परिणाम देखने के बाद ज़िला स्तर पर इन दुकानों को खोला जाएगा। इन दुकानों से मिलने वाली दवा के बारे में दावा किया जा रहा है कि यहां पर दवा अन्य दवा दुकानों के मुकाबले कम दाम पर मिलेंगी।
सहकारिता विभाग का दवा दुकानें खोलने का प्रयास सराहनीय है, लेकिन बड़ा सवाल है कि यह दुकानें कौन सी दवा उपलब्ध कराएंगी? जो सरकारी अस्पताल के डॉक्टर मरीजों को लिखते हैं या फिर जो निजी डॉक्टर लिखते हैं? यह सभी जानते हैं कि दवा के व्यापार में कमीशन का काफी बड़ा खेल होता है। अब देखना होगा कि कमीशन के खेल से दूर, सहकारिता विभाग की दवा दुकानें आम जनता को कितना फायदा दे पाती हैं।