चुनावी चर्चा: ‘विदिशा काण्ड’ की जांच के लिए कमलनाथ ने बनाई कमेटी, दिग्विजय सिंह की सक्रियता से भाजपा में ‘हड़कम्प’
Wednesday - August 8, 2018 2:35 pm ,
Category : WTN HINDI
विदिशा काण्ड की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी, दिग्विजय सिंह की ‘एकता यात्रा’ से ‘सक्रिय’ हुआ भाजपा संगठन
AUG 08 (WTN) – कांग्रेस में गुटबाजी किसी से भी छिपी नहीं है। मध्य प्रदेश कांग्रेस में शीर्ष नेताओं के बीच सामंजस्य नहीं होना और गुटबाजी के कारण ही कहा जाता है कि कांग्रेस पिछले 15 सालों से विधानसभा चुनाव हार रही है। लगातार हार के बाद भी लगता नहीं है कि कांग्रेसी नेताओं ने कुछ सीखा है। विधानसभा चुनाव के पहले रीवा और विदिशा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बदसलूकी ने एक बार फिर से मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी की पोल खोलकर रख दी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रीवा में कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया के साथ सबके सामने बदसलूकी हो चुकी है। दरअसल रीवा में पत्रकारों ने बावरिया से सवाल किया था कि यदि कांग्रेस विधानसभा चुनाव जीतती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस सवाल के जवाब में दीपक बावरिया ने कहा था कि मध्य प्रदेश में सीएम पद के दो ही चेहरे हैं, एक कमलनाथ और दूसरे ज्योतिरादित्य सिंधिया।
कहा जा रहा है कि दीपक बावरिया के इस जवाब से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समर्थक नाराज़ हो गए और उन्होंने दीपक बावरिया के साथ धक्कामुक्की और बदसलूकी की। इस घटना के बाद प्रदेश से लेकर दिल्ली तक हड़कम्प मच गया था। कहा जाता है कि दीपक बावरिया कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के काफी करीबी माने जाते हैं। रीवा में दीपक बावरिया के साथ हुई बदसलूकी से नाराज राहुल गांधी ने प्रदेश के बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाकर नाराज़गी ज़ाहिर की थी। इसके बाद 6 कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया था।
वहीं विदिशा में जब दीपक बावरिया र्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। तब किसी बात पर कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने खुलकर गाली-गलौज की थी और फिर झूमा झटकी की थी।
लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बदसलूकी से नाराज़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विदिशा में दीपक बावरिया की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बदसुलूकी की जांच के लिए के कमेटी का गठन किया है। दो सदस्यीय इस कमेटी में वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा और साजिद अली को शामिल किया गया है।
इधर, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस समन्वय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह की सक्रियता से भाजपा में हड़कम्प मच गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म कर कांग्रेस में एकता लाने की कोशिश इन दिनों दिग्विजय सिंह कर रहे हैं और इसके लिए वे पूरे मध्य प्रदेश में एकता यात्रा कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह की इस एकता यात्रा को कांग्रेस में अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भाजपा ने ज़िलों में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने और सत्ता-संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए मंत्रियों और पदाधिकारियों को सम्बन्धित ज़िलो में जाने के निर्देश दिए थे। अब पार्टी ने उन मंत्रियों और पदाधिकारियों की टीम से बैठकों का फीडबैक मांगा है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक बैठकें नहीं करने वालों को तत्काल ज़िलों में जाकर बैठकें पूरी करने के लिए कहा गया है।
AUG 08 (WTN) – कांग्रेस में गुटबाजी किसी से भी छिपी नहीं है। मध्य प्रदेश कांग्रेस में शीर्ष नेताओं के बीच सामंजस्य नहीं होना और गुटबाजी के कारण ही कहा जाता है कि कांग्रेस पिछले 15 सालों से विधानसभा चुनाव हार रही है। लगातार हार के बाद भी लगता नहीं है कि कांग्रेसी नेताओं ने कुछ सीखा है। विधानसभा चुनाव के पहले रीवा और विदिशा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बदसलूकी ने एक बार फिर से मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी की पोल खोलकर रख दी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रीवा में कुछ दिनों पहले मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी दीपक बावरिया के साथ सबके सामने बदसलूकी हो चुकी है। दरअसल रीवा में पत्रकारों ने बावरिया से सवाल किया था कि यदि कांग्रेस विधानसभा चुनाव जीतती है तो मुख्यमंत्री कौन बनेगा? इस सवाल के जवाब में दीपक बावरिया ने कहा था कि मध्य प्रदेश में सीएम पद के दो ही चेहरे हैं, एक कमलनाथ और दूसरे ज्योतिरादित्य सिंधिया।
कहा जा रहा है कि दीपक बावरिया के इस जवाब से विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह समर्थक नाराज़ हो गए और उन्होंने दीपक बावरिया के साथ धक्कामुक्की और बदसलूकी की। इस घटना के बाद प्रदेश से लेकर दिल्ली तक हड़कम्प मच गया था। कहा जाता है कि दीपक बावरिया कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के काफी करीबी माने जाते हैं। रीवा में दीपक बावरिया के साथ हुई बदसलूकी से नाराज राहुल गांधी ने प्रदेश के बड़े नेताओं को दिल्ली बुलाकर नाराज़गी ज़ाहिर की थी। इसके बाद 6 कार्यकर्ताओं को पार्टी से निकाल दिया था।
वहीं विदिशा में जब दीपक बावरिया र्यकर्ताओं के साथ बैठक कर रहे थे। तब किसी बात पर कांग्रेस कार्यकर्ता आपस में ही भिड़ गए थे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने खुलकर गाली-गलौज की थी और फिर झूमा झटकी की थी।
लगातार कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बदसलूकी से नाराज़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने विदिशा में दीपक बावरिया की मौजूदगी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं की बदसुलूकी की जांच के लिए के कमेटी का गठन किया है। दो सदस्यीय इस कमेटी में वरिष्ठ नेता पीसी शर्मा और साजिद अली को शामिल किया गया है।
इधर, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस समन्वय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह की सक्रियता से भाजपा में हड़कम्प मच गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मध्य प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी को खत्म कर कांग्रेस में एकता लाने की कोशिश इन दिनों दिग्विजय सिंह कर रहे हैं और इसके लिए वे पूरे मध्य प्रदेश में एकता यात्रा कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह की इस एकता यात्रा को कांग्रेस में अच्छा रिस्पांस मिल रहा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भाजपा ने ज़िलों में पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बनाने और सत्ता-संगठन से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए मंत्रियों और पदाधिकारियों को सम्बन्धित ज़िलो में जाने के निर्देश दिए थे। अब पार्टी ने उन मंत्रियों और पदाधिकारियों की टीम से बैठकों का फीडबैक मांगा है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक अभी तक बैठकें नहीं करने वालों को तत्काल ज़िलों में जाकर बैठकें पूरी करने के लिए कहा गया है।