यदि दुर्घटनाओं से है बचना, तो वृश्चिक राशि के जातक करें ‘इस’ ज्योतिर्लिंग की उपासना!
Friday - August 10, 2018 9:52 am ,
Category : WTN HINDI
वृश्चिक राशि के जातक करें नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा
AUG 10 (WTN) – यदि वृश्चिक राशि के जातक दुर्घटनाओं से बचना चाहते हैं तो उन्हें नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा करना चाहिए। आइये जानते हैं नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के विषय में विस्तार से।
शास्त्रों में मान्यता है कि वृश्चिक राशि के जातकों को नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा करना चाहिए। मान्यता है कि नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का सम्बन्ध वृश्चिक राशि से है। वृश्चिक जाति के लोगों को महाशिवरात्रि के दिन नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना चाहिए, ऐसा करने से दुर्घटनाओं से बचाव होता है।
यदि महाशिवरात्रि के दिन नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन ना कर सकें, तो दूध और धान की लावा से भगवान शिव की पूजा करना फलदायी है। वृश्चिक राशि के लोगों को श्रद्धा भक्ति के साथ भगवान शिव को गेंदे का फूल, शमी एवं बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। इस दौरान “ह्रीं ओम नमः शिवाय ह्रीं” मंत्र का जाप करने से सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।
नागेश्वर यानि नागों का ईश्वर। कहा जाता है कि नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से विष आदि से बचाव होता है। यह मंदिर गुजरात के द्वारकापुरी से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कहा गया है कि जो श्रद्धापूर्वक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा सुनेगा उसे सारे पापों से छुटकारा मिल जाएगा, और वो समस्त सुखों का भोग करेगा और अंत में उसे मुक्ति प्राप्त होगी।
AUG 10 (WTN) – यदि वृश्चिक राशि के जातक दुर्घटनाओं से बचना चाहते हैं तो उन्हें नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा करना चाहिए। आइये जानते हैं नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के विषय में विस्तार से।
शास्त्रों में मान्यता है कि वृश्चिक राशि के जातकों को नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा करना चाहिए। मान्यता है कि नागेश्वर ज्योतिर्लिंग का सम्बन्ध वृश्चिक राशि से है। वृश्चिक जाति के लोगों को महाशिवरात्रि के दिन नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करना चाहिए, ऐसा करने से दुर्घटनाओं से बचाव होता है।
यदि महाशिवरात्रि के दिन नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन ना कर सकें, तो दूध और धान की लावा से भगवान शिव की पूजा करना फलदायी है। वृश्चिक राशि के लोगों को श्रद्धा भक्ति के साथ भगवान शिव को गेंदे का फूल, शमी एवं बेलपत्र चढ़ाना चाहिए। इस दौरान “ह्रीं ओम नमः शिवाय ह्रीं” मंत्र का जाप करने से सुख समृद्धि में वृद्धि होती है।
नागेश्वर यानि नागों का ईश्वर। कहा जाता है कि नागेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन करने से विष आदि से बचाव होता है। यह मंदिर गुजरात के द्वारकापुरी से 25 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। कहा गया है कि जो श्रद्धापूर्वक नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की कथा सुनेगा उसे सारे पापों से छुटकारा मिल जाएगा, और वो समस्त सुखों का भोग करेगा और अंत में उसे मुक्ति प्राप्त होगी।