बरमूडा ट्रायएंगल: जहां ‘गायब’ हो जाते हैं विमान और जहाज
Friday - August 10, 2018 12:46 pm ,
Category : WTN HINDI
अभी तक ‘रहस्य’ है बरमूडा ट्रायएंगल
AUG 10 (WTN) – आप सभी ने बरमूडा ट्रायएंगल के बारे में तो सुना ही होगा। यदि सुना ही है, लेकिन उसके बारे में जानते नहीं हैं, तो हम आज आपको बताते हैं कि आखिर क्या है बरमूडा ट्रायएंगल। बरमूडा ट्रायएंगल को ‘मौत का त्रिकोण’ भी कहा जाता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण पूर्वी अटलांटिक महासागर के अक्षांश 25 डिग्री से 45 डिग्री उत्त र तथा देशांतर 55 से 85 डिग्री के बीच फैले 39,00,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को बरमूडा ट्रायएंगल कहा जाता है। यह क्षेत्र एक ‘काल्प्निक त्रिकोण’ जैसा दिखाई देता है।
इस त्रिकोण के तीन कोनों में बरमूडा द्वीप, अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य का मियामी शहर और प्यूटो रीको का सान जुआन टापू शामिल है। ज़्यादातार दुर्घटनाएं त्रिकोण की दक्षिणी सीमा के पास होती है, जो बहामास और फ्लॉरिडा के पास स्थित है।
कहा जाता है कि यह एक रहस्यमयी जलक्षेत्र है जो कि उत्तारी अटलांटिक महासागर में स्थित है। यहां पर अब तक सैकड़ों की संख्या में विमान, पानी के जहाज़ तथा व्यक्ति संदिग्धक रूप से ‘लापता’ हो गये हैं जिनका काफी कोशिशें करने के बाद कुछ पता नहीं चल सका है। ऐसा एक दो बार नहीं, बल्कि कई बार हो चुका है।
अटलांटिक महासागर के इस भाग में विमानों और जहाजों के गायब होने की जो घटनाएं अब तक हुई हैं उनमें पाया गया है कि जब भी कोई विमान या जहाज यहां पहुंचता है, तो उसके राडार, रेडियो वायरलेस और कम्पास जैसे यन्त्र या तो ठीक से काम नहीं करते, या फिर धीरे-धीरे काम करना ही बन्द कर देते हैं। ऐसा होने से इन जहाजों और वायुयानों का शेष विश्व से सम्पर्क टूट जाता है। इस प्रकार ये अपना रास्त भटक कर दुघर्टना का शिकार हो जाते हैं।
कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में भौतिक के कुछ नियम बदल जाते हैं, जिस कारण ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं। वहीं कुछ लोग इसे किसी परालौकिक ताकत की करामात मानते हैं, तो कुछ को यह सामान्य घटनाक्रम लगता है।
बरमूडा ट्रायएंगल का विषय कितना रोचक है कि इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस पर कई किताबें और लेख लिखे जाने के साथ ही फ़िल्में भी बन चुकी हैं। तमाम तरह के शोध भी हुए लेकिन कोई भी इस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है कि आखिर विमान और जहाज़ कैसे और कहां गायब हुए।
AUG 10 (WTN) – आप सभी ने बरमूडा ट्रायएंगल के बारे में तो सुना ही होगा। यदि सुना ही है, लेकिन उसके बारे में जानते नहीं हैं, तो हम आज आपको बताते हैं कि आखिर क्या है बरमूडा ट्रायएंगल। बरमूडा ट्रायएंगल को ‘मौत का त्रिकोण’ भी कहा जाता है।
संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण पूर्वी अटलांटिक महासागर के अक्षांश 25 डिग्री से 45 डिग्री उत्त र तथा देशांतर 55 से 85 डिग्री के बीच फैले 39,00,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र को बरमूडा ट्रायएंगल कहा जाता है। यह क्षेत्र एक ‘काल्प्निक त्रिकोण’ जैसा दिखाई देता है।
इस त्रिकोण के तीन कोनों में बरमूडा द्वीप, अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य का मियामी शहर और प्यूटो रीको का सान जुआन टापू शामिल है। ज़्यादातार दुर्घटनाएं त्रिकोण की दक्षिणी सीमा के पास होती है, जो बहामास और फ्लॉरिडा के पास स्थित है।
कहा जाता है कि यह एक रहस्यमयी जलक्षेत्र है जो कि उत्तारी अटलांटिक महासागर में स्थित है। यहां पर अब तक सैकड़ों की संख्या में विमान, पानी के जहाज़ तथा व्यक्ति संदिग्धक रूप से ‘लापता’ हो गये हैं जिनका काफी कोशिशें करने के बाद कुछ पता नहीं चल सका है। ऐसा एक दो बार नहीं, बल्कि कई बार हो चुका है।
अटलांटिक महासागर के इस भाग में विमानों और जहाजों के गायब होने की जो घटनाएं अब तक हुई हैं उनमें पाया गया है कि जब भी कोई विमान या जहाज यहां पहुंचता है, तो उसके राडार, रेडियो वायरलेस और कम्पास जैसे यन्त्र या तो ठीक से काम नहीं करते, या फिर धीरे-धीरे काम करना ही बन्द कर देते हैं। ऐसा होने से इन जहाजों और वायुयानों का शेष विश्व से सम्पर्क टूट जाता है। इस प्रकार ये अपना रास्त भटक कर दुघर्टना का शिकार हो जाते हैं।
कुछ वैज्ञानिकों का मानना है कि इस क्षेत्र में भौतिक के कुछ नियम बदल जाते हैं, जिस कारण ऐसी दुर्घटनाएं होती हैं। वहीं कुछ लोग इसे किसी परालौकिक ताकत की करामात मानते हैं, तो कुछ को यह सामान्य घटनाक्रम लगता है।
बरमूडा ट्रायएंगल का विषय कितना रोचक है कि इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इस पर कई किताबें और लेख लिखे जाने के साथ ही फ़िल्में भी बन चुकी हैं। तमाम तरह के शोध भी हुए लेकिन कोई भी इस नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सका है कि आखिर विमान और जहाज़ कैसे और कहां गायब हुए।