मोदी सरकार को मिला 50,000 करोड़ रुपये का लाभांश
Thursday - August 9, 2018 2:03 pm ,
Category : WTN HINDI
पिछले साल के मुकाबले 64 प्रतिशत ज्यादा लाभांश
AUG 09 (WTN) – आरबीआई यानि भारतीय रिज़र्व बैंक, केन्द्र की मोदी सरकार को 50 हज़ार करोड़ रुपयों का लाभांश देगा। कहा जा रहा है कि रिज़र्व बैंक का यह कदम केन्द्र सरकार के आम बजट के प्रावधानों के अनुकूल है। कहा जा रहा है कि आरबीआई के इस लाभांश से केन्द्र सरकार को राजकोषीय रूपरेखा बनाये रखने में मदद मिलेगी।
इस वित्तीय वर्ष में आरबीआई केन्द्र सरकार को 64 प्रतिशत ज़्यादा लाभांश दे रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले वित्त वर्ष में उनसे सरकार को 30,659 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था। 30 जून 2018 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए 50 हज़ार करोड़ रुपये का अधिशेष हस्तांतरित करने का फ़ैसला आरबीआई के निदेशकों की केन्द्रीय बोर्ड की बैठक में लिया गया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले इसी साल मार्च में आरबीआई ने सरकार को वित्त वर्ष के लिए दस हज़ार करोड़ रुपयों का अंतरिम लाभांश दिया था। कहा जा रहा है कि केन्द्र सरकार ने रिज़र्व बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लगभग 54,817.25 करोड़ रुपये लाभांश के रूप में मिलने का अनुमान लगाया है। पिछले साल सरकार को इस मद से 51,623.24 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
पिछले वित्त वर्ष में आरबीआई ने सरकार को 30,659 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था जो कि साल 2016 में दिये गये लाभांश के मुकाबले आधा था। जून 2017 में समाप्त वित्त वर्ष में लाभांश कम रहने का कारण नोटबंदी के बाद नये नोटों की छपाई का खर्च है। 50 हज़ार करोड़ रुपये का लाभांश मिलने के बाद कहा जा रहा है कि मोदी सरकार को काफी सहारा मिलेगा और काफी जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए धनराशि उपलब्ध हो जाएगी।
AUG 09 (WTN) – आरबीआई यानि भारतीय रिज़र्व बैंक, केन्द्र की मोदी सरकार को 50 हज़ार करोड़ रुपयों का लाभांश देगा। कहा जा रहा है कि रिज़र्व बैंक का यह कदम केन्द्र सरकार के आम बजट के प्रावधानों के अनुकूल है। कहा जा रहा है कि आरबीआई के इस लाभांश से केन्द्र सरकार को राजकोषीय रूपरेखा बनाये रखने में मदद मिलेगी।
इस वित्तीय वर्ष में आरबीआई केन्द्र सरकार को 64 प्रतिशत ज़्यादा लाभांश दे रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पिछले वित्त वर्ष में उनसे सरकार को 30,659 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था। 30 जून 2018 को समाप्त हुए वित्त वर्ष के लिए 50 हज़ार करोड़ रुपये का अधिशेष हस्तांतरित करने का फ़ैसला आरबीआई के निदेशकों की केन्द्रीय बोर्ड की बैठक में लिया गया।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले इसी साल मार्च में आरबीआई ने सरकार को वित्त वर्ष के लिए दस हज़ार करोड़ रुपयों का अंतरिम लाभांश दिया था। कहा जा रहा है कि केन्द्र सरकार ने रिज़र्व बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लगभग 54,817.25 करोड़ रुपये लाभांश के रूप में मिलने का अनुमान लगाया है। पिछले साल सरकार को इस मद से 51,623.24 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
पिछले वित्त वर्ष में आरबीआई ने सरकार को 30,659 करोड़ रुपये का लाभांश दिया था जो कि साल 2016 में दिये गये लाभांश के मुकाबले आधा था। जून 2017 में समाप्त वित्त वर्ष में लाभांश कम रहने का कारण नोटबंदी के बाद नये नोटों की छपाई का खर्च है। 50 हज़ार करोड़ रुपये का लाभांश मिलने के बाद कहा जा रहा है कि मोदी सरकार को काफी सहारा मिलेगा और काफी जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए धनराशि उपलब्ध हो जाएगी।