मध्य प्रदेश में नियमित होगी बालिका छात्रावास की निगरानी, सीएम ने दिये निर्देश
Friday - August 10, 2018 2:36 pm ,
Category : WTN HINDI
बालिका छात्रावासों के लिए बनेंगे विशेष नियम: शिवराज सिंह चौहान
AUG 10 (WT) – भोपाल में सरकारी अनुदान प्राप्त छात्रावास में मूक बधिर बच्ची से दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छात्राओं के छात्रावासों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। अब इन छात्रावासों का हर महीने निरीक्षण होगा।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, मूक-बधिर बच्ची से दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद सीएण शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य सचिव बीपी सिंह और डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला के साथ एक अहम बैठक की।
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने छात्राओं के छात्रावासों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि सभी छात्रावासों की सही मॉनिटरिंग हो ये सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम सीधे छात्राओं से बात करेगी और उनसे उनकी परेशानियों के बारे में बात की जाएगी।
इतना ही नहीं, सरकार ने अनाथ आश्रम और बालिका छात्रावासों के लिए विशेष नियम बनाने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया है कि अब अनाथ आश्रमों और छात्रावासों को संस्थाओं के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।
AUG 10 (WT) – भोपाल में सरकारी अनुदान प्राप्त छात्रावास में मूक बधिर बच्ची से दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद राज्य सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने छात्राओं के छात्रावासों की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। अब इन छात्रावासों का हर महीने निरीक्षण होगा।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, मूक-बधिर बच्ची से दुष्कर्म की घटना सामने आने के बाद सीएण शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य सचिव बीपी सिंह और डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला के साथ एक अहम बैठक की।
इस बैठक में मुख्यमंत्री ने छात्राओं के छात्रावासों की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया है कि सभी छात्रावासों की सही मॉनिटरिंग हो ये सुनिश्चित किया जाए। इसके बाद पुलिस और प्रशासन की टीम सीधे छात्राओं से बात करेगी और उनसे उनकी परेशानियों के बारे में बात की जाएगी।
इतना ही नहीं, सरकार ने अनाथ आश्रम और बालिका छात्रावासों के लिए विशेष नियम बनाने का भी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ कर दिया है कि अब अनाथ आश्रमों और छात्रावासों को संस्थाओं के भरोसे नहीं छोड़ा जाएगा।