पापों का होगा प्रायश्चित, यदि मीन राशि के जातक करेंगे इस ज्योतिर्लिंग का अभिषेक
Tuesday - August 14, 2018 11:24 am ,
Category : WTN HINDI
मीन राशि के जातक करें घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा
AUG 14 (WTN) – ज्योतिष में मान्यता है कि मीन राशि के जातकों को घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा करना चाहिए। इस ज्योतिर्लिंग का सम्बन्ध मीन राशि से है। मान्यता है कि मीन राशि के जातकों को सावन के महीने में दूध में केसर मिलाकर घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का अभिषेक करना चाहिए। अभिषेक के बाद ज्योतिर्लिंग को गाय के दूध से बना घी, शहद अर्पित करना चाहिए। साथ ही कनेर का पीला फूल और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए।
मीन राशि के जातक विधि विधान से इस ज्योतिर्लिंग की पूजा करते हैं तो मान्यता है कि ऐसा करने से सभी जन्मों के पापों का प्रायश्चित हो जाता है और पुण्य प्राप्त होता है। मीन राशि के जातकों को इस ज्योतिर्लिंग की पूजा करते समय महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए।
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के दौलताबाद से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग वेरुल नामक गांव में स्थित है जो कि औरंगाबाद की एलोरा गुफाओं के पास स्थित है। इस मंदिर का निर्माण अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था। 12 ज्योतिर्लिंगों में यह सबसे अन्तिम ज्योतिर्लिंग है।
AUG 14 (WTN) – ज्योतिष में मान्यता है कि मीन राशि के जातकों को घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग की पूजा करना चाहिए। इस ज्योतिर्लिंग का सम्बन्ध मीन राशि से है। मान्यता है कि मीन राशि के जातकों को सावन के महीने में दूध में केसर मिलाकर घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग का अभिषेक करना चाहिए। अभिषेक के बाद ज्योतिर्लिंग को गाय के दूध से बना घी, शहद अर्पित करना चाहिए। साथ ही कनेर का पीला फूल और बेलपत्र चढ़ाना चाहिए।
मीन राशि के जातक विधि विधान से इस ज्योतिर्लिंग की पूजा करते हैं तो मान्यता है कि ऐसा करने से सभी जन्मों के पापों का प्रायश्चित हो जाता है और पुण्य प्राप्त होता है। मीन राशि के जातकों को इस ज्योतिर्लिंग की पूजा करते समय महामृत्युंजय मंत्र का जप करना चाहिए।
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के दौलताबाद से 30 किलोमीटर दूर स्थित है। यह ज्योतिर्लिंग वेरुल नामक गांव में स्थित है जो कि औरंगाबाद की एलोरा गुफाओं के पास स्थित है। इस मंदिर का निर्माण अहिल्याबाई होल्कर ने कराया था। 12 ज्योतिर्लिंगों में यह सबसे अन्तिम ज्योतिर्लिंग है।