BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

सोमनाथ चटर्जी: जिनकी प्रशंसा उनके आलोचक भी करते थे

Monday - August 13, 2018 1:11 pm , Category : WTN HINDI
फाइल फोटो
फाइल फोटो

10 बार लोकसभा सांसद रहे सोमनाथ चटर्जी, सिर्फ एक बार मिली थी हार

AUG 13 (WTN) - पूर्व लोकसभा स्पीकर और दिग्गज सीपीएम नेता सोमनाथ चटर्जी का आज सुबह निधन हो गया है। सोमनाथ चटर्जी काफी समय से किडनी की बीमारी से पीड़ित और कोलकाता के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। सोमनाथ चटर्जी 89 साल के थे। वे साल 2004 से 2009 तक लोकसभा के अध्यक्ष रहे। 10 बार सांसद रहे सोमनाथ चटर्जी की प्रशंसा उनके विरोधी तक करते थे। 

माकपा के पूर्व नेता सोमनाथ चटर्जी 10 बार लोकसभा के सांसद रहे थे। वह पश्चिम बंगाल के बर्धमान, जादवपुर और बोलपुर से लोकसभा सांसद रहे। हालांकि, 1984 में जादवपुर में ममता बनर्जी से उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए-1 सरकार में वे 2004 से 2009 तक लोकसभा के अध्यक्ष रहे। इससे पहले साल 1996 में उन्हें सर्वश्रेष्ठ सांसद का पुरस्कार मिला था। यूपीए-1 शासनकाल में उनकी पार्टी सीपीएम की ओर से सरकार से समर्थन वापस लिए जाने के बाद उनसे स्पीकर पद छोड़ने को कहा गया था, लेकिन उन्होंने ऐसा करने से मना कर दिया। जिस कारण उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया।

सोमनाथ चटर्जी CPI(M) के केंद्रीय समिति के सदस्य रहे थे, और उन्हें प्रकाश करात के धुर विरोधी के रूप में जाना जाता था। सोमनाथ चटर्जी का जन्म 25 जुलाई 1929 को बंगाली ब्राह्मण निर्मलचन्द्र चटर्जी और वीणापाणि देवी के घर में असम के तेजपुर में हुआ था। उनके पिता एक वकील और अखिल भारतीय हिन्दू महासभा के संस्थापकों में से एक थे। 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2009 में सोमनाथ चटर्जी ने सक्रिय राजनीति से सन्यास ले लिया था। अपने अध्यक्षीय कार्यकाल में सोमनाथ चटर्जी ने लोकसभा के शून्य काल का लाइव प्रसारण लोकसभा टीवी पर शुरू कराया था। इनके लोकसभा अध्यक्ष रहते ही साल 2006 में लोकसभा टीवी का प्रसारण 24 घण्टे के लिए किया जाने लगा।
Leave a Comment
* Name
* Email (will not be published)
*
* - Required fields