अजीत वाडेकर: वेस्टइण्डीज और इंग्लैण्ड की ज़मीन पर सीरीज जिताने वाले पहले कप्तान
Thursday - August 16, 2018 3:51 pm ,
Category : WTN HINDI
अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारत ने 1971 में वेस्टइण्डीज और इंग्लैण्ड को दी थी उन्हीं की ज़मी पर सीरीज में मात
AUG 16 (WTN) – वेस्टइण्डीज और इंग्लैण्ड में पहली बार सीरीज जीत का परचम लहराने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अजीत वाडेकर का निधन हो गया है। उन्होंने बुधवार को मुम्बई स्थित जसलोक हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर में अंतिम सांस ली।
अजीत वाडेकर के निधन पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत कई दिग्गज क्रिकेटरों ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। आइये आपको बताते हैं कि आखिर कैसा रहा था अजीत वाडेकर का क्रिकेटर करियर।
बाएं हाथ के बल्लेबाज अजित वाडेकर का पूरा नाम अजीत लक्ष्मण वाडेकर है। उनका जन्म एक अप्रैल 1941 को मुम्बई में हुआ था। उनका अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करिअर आठ साल का रहा। अजीत वाडेकर ने कुल 37 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 2113 रन 31.07 के औसत से बनाए। उन्होंने एकमात्र शतक (143 रन) 1967-68 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध बनाया था।
चार बार अजित वाडेकर 90 या अधिक रन बनाकर आउट हुए, पर शतक पूरा नहीं कर सके। एक बार उन्होंने 99 रन भी बनाए। उन्होंने अपने टेस्ट करिअर में 14 अर्धशतक लगाए। अजीत वाडेकर ने अपनी करिअर में सिर्फ दो ही एकदिवसीय मैच खेले थे। जिसमें उन्होंने कुल 73 रन बनाए। वनडे में उनका अधिकतम स्कोर 67 रन था।
वहीं 237 फर्स्ट-क्लास मैचों में वाडेकर ने 47 के बेहतरीन औसत से 15,380 रन बनाए। रणजी ट्रॉफी मैच में उनका स्कोर बहुत अच्छा रहा। उन्होंने 1966-67 के रणजी ट्रॉफी मैच में 323 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर मैसूर के ख़िलाफ़ बनाया था।
अजित वाडेकर ने कुल 18 दलीप ट्रॉफी मैच खेले जिनमें 6 में वह वेस्ट ज़ोन के कप्तान रहे। उन्होंने बम्बई टीम की 6 बार कप्तानी की।
अजित वाडेकर भारतीय क्रिकेट टीम के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने लगातार 3 सीरीज जीती हैं। जिनमें दो विदेशी धरती पर तथा एक भारत में। 1971 में अजीत वाडेकर के कप्तानी में ही भारत ने वेस्टइण्डीज और इंग्लैण्ड को उसी की ज़मी पर जाकर हराया था। इसके बाद उनकी कप्तानी में भारत में इंग्लैण्ड को हराया था।
1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारत ने वेस्टइण्डीज में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीती थी। इस सीरीज में किंग्सटन, जॉर्जटाउन, ब्रिजटाउन और पोर्ट ऑफ स्पेन के टेस्ट मैच ड्रा रहे थे। जबकि पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले गए एक अन्य टेस्ट मैच में भारत ने 7 विकेट से जीत हासिल की थी।
वहीं 1971 में इंग्लैण्ड में खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत ने 1-0 से जीत हासिल की थी। लॉर्डस और मैनचेस्टर के टेस्ट मैच ड्रा रहे थे। भारत ने ओवल में खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैण्ड को 4 विकेट से हराकर सीरीज 1-0 से भारत के नाम की थी।
अजीत वाडेकर को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। जिसमें पदमश्री और अर्जुन पुरस्कार प्रमुख है।
AUG 16 (WTN) – वेस्टइण्डीज और इंग्लैण्ड में पहली बार सीरीज जीत का परचम लहराने वाले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान अजीत वाडेकर का निधन हो गया है। उन्होंने बुधवार को मुम्बई स्थित जसलोक हॉस्पिटल व रिसर्च सेंटर में अंतिम सांस ली।
अजीत वाडेकर के निधन पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री समेत कई दिग्गज क्रिकेटरों ने अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। आइये आपको बताते हैं कि आखिर कैसा रहा था अजीत वाडेकर का क्रिकेटर करियर।
बाएं हाथ के बल्लेबाज अजित वाडेकर का पूरा नाम अजीत लक्ष्मण वाडेकर है। उनका जन्म एक अप्रैल 1941 को मुम्बई में हुआ था। उनका अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करिअर आठ साल का रहा। अजीत वाडेकर ने कुल 37 टेस्ट मैच खेले, जिनमें 2113 रन 31.07 के औसत से बनाए। उन्होंने एकमात्र शतक (143 रन) 1967-68 में न्यूजीलैंड के विरुद्ध बनाया था।
चार बार अजित वाडेकर 90 या अधिक रन बनाकर आउट हुए, पर शतक पूरा नहीं कर सके। एक बार उन्होंने 99 रन भी बनाए। उन्होंने अपने टेस्ट करिअर में 14 अर्धशतक लगाए। अजीत वाडेकर ने अपनी करिअर में सिर्फ दो ही एकदिवसीय मैच खेले थे। जिसमें उन्होंने कुल 73 रन बनाए। वनडे में उनका अधिकतम स्कोर 67 रन था।
वहीं 237 फर्स्ट-क्लास मैचों में वाडेकर ने 47 के बेहतरीन औसत से 15,380 रन बनाए। रणजी ट्रॉफी मैच में उनका स्कोर बहुत अच्छा रहा। उन्होंने 1966-67 के रणजी ट्रॉफी मैच में 323 का सर्वश्रेष्ठ स्कोर मैसूर के ख़िलाफ़ बनाया था।
अजित वाडेकर ने कुल 18 दलीप ट्रॉफी मैच खेले जिनमें 6 में वह वेस्ट ज़ोन के कप्तान रहे। उन्होंने बम्बई टीम की 6 बार कप्तानी की।
अजित वाडेकर भारतीय क्रिकेट टीम के एकमात्र ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने लगातार 3 सीरीज जीती हैं। जिनमें दो विदेशी धरती पर तथा एक भारत में। 1971 में अजीत वाडेकर के कप्तानी में ही भारत ने वेस्टइण्डीज और इंग्लैण्ड को उसी की ज़मी पर जाकर हराया था। इसके बाद उनकी कप्तानी में भारत में इंग्लैण्ड को हराया था।
1971 में अजीत वाडेकर की कप्तानी में भारत ने वेस्टइण्डीज में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज 1-0 से जीती थी। इस सीरीज में किंग्सटन, जॉर्जटाउन, ब्रिजटाउन और पोर्ट ऑफ स्पेन के टेस्ट मैच ड्रा रहे थे। जबकि पोर्ट ऑफ स्पेन में खेले गए एक अन्य टेस्ट मैच में भारत ने 7 विकेट से जीत हासिल की थी।
वहीं 1971 में इंग्लैण्ड में खेली गई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में भारत ने 1-0 से जीत हासिल की थी। लॉर्डस और मैनचेस्टर के टेस्ट मैच ड्रा रहे थे। भारत ने ओवल में खेले गए टेस्ट मैच में इंग्लैण्ड को 4 विकेट से हराकर सीरीज 1-0 से भारत के नाम की थी।
अजीत वाडेकर को कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया था। जिसमें पदमश्री और अर्जुन पुरस्कार प्रमुख है।