अटलजी के विषय में सत्य साबित हुई कवि नीरज की भविष्यवाणी
Friday - August 17, 2018 4:06 pm ,
Category : WTN HINDI
कवि नीरज ने की थी भविष्यवाणी, “तीस दिनों के अंतराल में होगी उनकी और अटलजी की मृत्यु”
AUG 17 (WTN) – अटल बिहारी वाजपेयी आज हमारे बीच नहीं हैं। पूरा देश उन्हें आज याद कर रहा है। मृत्यु तो अंतिम सत्य है। जिसने भी जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है। लेकिन क्या मृत्यु का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है? हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि प्रख्यात कवि गोपालदास नीरज ने नौ साल पहले ही भविष्यवाणी कर दी कि उनकी और अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु एक महीने के अंतराल से हो जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अटलजी और नीरज दोनों ही काफी उत्कृष्ट कवि और ज्योतिष शास्त्र के जानकार थे।
पिछले महीने 19 जुलाई को कवि नीरज का निधन हो गया। और उसकी मृत्यु के 28 दिनों के बाद अटलजी का निधन हो गया। कवि नीरज ने नौ साल पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि उनकी और अटलजी की मृत्यु में 30 दिनों का अंतर रहेगा। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, 27 जनवरी 2009 के दिन जब पूर्व राष्ट्रपति आर. वेंकटरमण के निधन की खबर कवि नीरज को लगी तो वो गमगीन हो गए। पूर्व राष्ट्रपति के निधन के कारण तीन दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया गया था। इसी के कारण उसी दिन शाम को होने वाले नीरज निशा कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।
कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना मिलने पर नीरज ने कहा, ”मैंने वेंकटरमण के हाथों पद्मश्री हासिल किया था। अटलजी और रमण मेरे जिगर के टुकड़े हैं। खैर, मौत के आगे किसी की नहीं चलती।“ इस दौरान जब पत्रकारों से उनसे अटलजी से रिश्तों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “अटलजी और मेरी दोनों की कुण्डली के ग्रहों का चरित्र एक जैसा है।“ नीरज ने कहा,”दोनों की कुण्डली में शनिदेव खास भूमिका अदा करेंगे। शनि ने हम दोनों को ही रंक से राजा बनाया है। मैं गीतों राजकुमार बना और अटलजी देश के।“ कवि नीरज ने कहा, “शनिदेव ही हम दोनों के महाप्रयाण का सबब बनेंगे।“
उस समय नीरज ने दावा किया था कि मृत्यु से दोनों को गम्भीर रोगों से गुजरना पड़ेगा। आगे नीरज ने कहा, “बृहस्पति की कृपा से मैं गम्भीर रोगग्रस्त होते हुए भी अपने हाथ पैर चलता रहूंगा। लेकिन अटलजी कोमा में चले जाएंगे।“ तभी कवि नीरज ने भविष्यवाणी की थी, ”शनि के प्रभाव के कारण मेरी और अटलजी की मृत्यु तीस दिनों के अंतराल से होगी।“ और आखिरकार कवि नीरज के निधन के 28 दिनों बाद ही अटलजी का निधन हो गया।
AUG 17 (WTN) – अटल बिहारी वाजपेयी आज हमारे बीच नहीं हैं। पूरा देश उन्हें आज याद कर रहा है। मृत्यु तो अंतिम सत्य है। जिसने भी जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है। लेकिन क्या मृत्यु का पूर्वानुमान लगाया जा सकता है? हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि प्रख्यात कवि गोपालदास नीरज ने नौ साल पहले ही भविष्यवाणी कर दी कि उनकी और अटल बिहारी वाजपेयी की मृत्यु एक महीने के अंतराल से हो जाएगी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अटलजी और नीरज दोनों ही काफी उत्कृष्ट कवि और ज्योतिष शास्त्र के जानकार थे।
पिछले महीने 19 जुलाई को कवि नीरज का निधन हो गया। और उसकी मृत्यु के 28 दिनों के बाद अटलजी का निधन हो गया। कवि नीरज ने नौ साल पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी कि उनकी और अटलजी की मृत्यु में 30 दिनों का अंतर रहेगा। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, 27 जनवरी 2009 के दिन जब पूर्व राष्ट्रपति आर. वेंकटरमण के निधन की खबर कवि नीरज को लगी तो वो गमगीन हो गए। पूर्व राष्ट्रपति के निधन के कारण तीन दिन का राजकीय शोक घोषित कर दिया गया था। इसी के कारण उसी दिन शाम को होने वाले नीरज निशा कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया।
कार्यक्रम स्थगित होने की सूचना मिलने पर नीरज ने कहा, ”मैंने वेंकटरमण के हाथों पद्मश्री हासिल किया था। अटलजी और रमण मेरे जिगर के टुकड़े हैं। खैर, मौत के आगे किसी की नहीं चलती।“ इस दौरान जब पत्रकारों से उनसे अटलजी से रिश्तों के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, “अटलजी और मेरी दोनों की कुण्डली के ग्रहों का चरित्र एक जैसा है।“ नीरज ने कहा,”दोनों की कुण्डली में शनिदेव खास भूमिका अदा करेंगे। शनि ने हम दोनों को ही रंक से राजा बनाया है। मैं गीतों राजकुमार बना और अटलजी देश के।“ कवि नीरज ने कहा, “शनिदेव ही हम दोनों के महाप्रयाण का सबब बनेंगे।“
उस समय नीरज ने दावा किया था कि मृत्यु से दोनों को गम्भीर रोगों से गुजरना पड़ेगा। आगे नीरज ने कहा, “बृहस्पति की कृपा से मैं गम्भीर रोगग्रस्त होते हुए भी अपने हाथ पैर चलता रहूंगा। लेकिन अटलजी कोमा में चले जाएंगे।“ तभी कवि नीरज ने भविष्यवाणी की थी, ”शनि के प्रभाव के कारण मेरी और अटलजी की मृत्यु तीस दिनों के अंतराल से होगी।“ और आखिरकार कवि नीरज के निधन के 28 दिनों बाद ही अटलजी का निधन हो गया।