आप भी जानिए टर्मिनस, सेन्ट्रल और जंक्शन में अंतर
Monday - August 20, 2018 11:51 am ,
Category : WTN HINDI
भोपाल रेलवे स्टेशन है जंक्शन तो मुम्बई का छत्रपति शिवाजी स्टेशन है टर्मिनस
AUG 20 (WTN) – भारतीय रेलवे का नेटवर्क काफी बड़ा है। भारतीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े पांच रेल नेटवर्क में शामिल है। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत रेल का नेटवर्क सबसे बड़ा है। आप जब रेल यात्रा करते हैं तो आपने स्टेशनों के पीछे टर्मिनस, सेन्ट्रल और जंक्शन लिखा देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सबका क्या अर्थ होता है? यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि इनमें क्या अंतर होता है।
टर्मिनस - ये वो स्टेशन होता है जहां से आगे कोई ट्रेन के लिए कोई रास्ता नहीं होता है। यानि कहा जा सकता है कि यहां से ट्रैक खत्म हो जाता है। इस स्टेशन से ट्रेन सिर्फ एक ही दिशा में जा सकती है। यानी जिधर से ट्रेन आई हो, उधर ही वापस। इस समय भारत में 27 टर्मिनल कैटेगिरी के रेलवे स्टेशन हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और लोकमान्य तिलक टर्मिनस देश के सबसे बड़े टर्मिनस स्टेशन हैं।
सेन्ट्रल - सेंट्रल उस रेलवे स्टेशन के बाद लगाया जाता है जो उस शहर का सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन होता है। कहा जा सकता है कि वह स्टेशन उस शहर का सबसे पुराना स्टेशन भी होता है। हालांकि वो सबसे पुराना हो ही, ये ज़रूरी नहीं है। यह भी कहा जा सकता है कि किसी भी शहर का सेन्ट्रल स्टेशन सबसे ज़्यादा व्यस्त होता है। सेन्ट्रल स्टेशन पर गाड़ियों की आवाज़ाही बाकी स्टेशनों की तुलना में ज़्यादा रहती है।
यह ज़रूरी नहीं है कि किसी शहर में एक से ज़्यादा स्टेशन होने हों तो वहां कोई सेंट्रल स्टेशन हो ही। दिल्ली में कई रेलवे स्टेशन हैं लेकिन वहां पर कोई भी सेन्ट्रल स्टेशन नहीं है। भारत में पांच स्टेशन हैं जो कि सेन्ट्रल कहे जाते हैं। मुम्बई सेन्ट्रल, चेन्नई सेन्ट्रल, त्रिवेन्द्रम सेन्ट्रल, मैंगलोर सेन्ट्रल और कानपुर सेन्ट्रल
जंक्शन - जंक्शन उस स्टेशन को कहा जाता है जहां पर स्टेशन आने जाने के लिए कम से कम तीन रेल रूट हों। यानि तीन से ज़्यादा ट्रैक जिस स्टेशन पर आते हैं उस स्टेशन को जंक्शन कहा जाता है। जानकारी के मुताबिक भारत में इस समय 300 से ज़्यादा जंक्शन हैं। इनमें सबसे ज़्यादा रूट्स वाला जंक्शन मथुरा का है। मशुरा जंक्शन से सात रूट निकलते हैं। वहीं सेलम जंक्शन से छह और विजयवाड़ा जंक्शन से पांच रूट निकलते हैं।
AUG 20 (WTN) – भारतीय रेलवे का नेटवर्क काफी बड़ा है। भारतीय रेल नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े पांच रेल नेटवर्क में शामिल है। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत रेल का नेटवर्क सबसे बड़ा है। आप जब रेल यात्रा करते हैं तो आपने स्टेशनों के पीछे टर्मिनस, सेन्ट्रल और जंक्शन लिखा देखा होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन सबका क्या अर्थ होता है? यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि इनमें क्या अंतर होता है।
टर्मिनस - ये वो स्टेशन होता है जहां से आगे कोई ट्रेन के लिए कोई रास्ता नहीं होता है। यानि कहा जा सकता है कि यहां से ट्रैक खत्म हो जाता है। इस स्टेशन से ट्रेन सिर्फ एक ही दिशा में जा सकती है। यानी जिधर से ट्रेन आई हो, उधर ही वापस। इस समय भारत में 27 टर्मिनल कैटेगिरी के रेलवे स्टेशन हैं। छत्रपति शिवाजी टर्मिनस और लोकमान्य तिलक टर्मिनस देश के सबसे बड़े टर्मिनस स्टेशन हैं।
सेन्ट्रल - सेंट्रल उस रेलवे स्टेशन के बाद लगाया जाता है जो उस शहर का सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन होता है। कहा जा सकता है कि वह स्टेशन उस शहर का सबसे पुराना स्टेशन भी होता है। हालांकि वो सबसे पुराना हो ही, ये ज़रूरी नहीं है। यह भी कहा जा सकता है कि किसी भी शहर का सेन्ट्रल स्टेशन सबसे ज़्यादा व्यस्त होता है। सेन्ट्रल स्टेशन पर गाड़ियों की आवाज़ाही बाकी स्टेशनों की तुलना में ज़्यादा रहती है।
यह ज़रूरी नहीं है कि किसी शहर में एक से ज़्यादा स्टेशन होने हों तो वहां कोई सेंट्रल स्टेशन हो ही। दिल्ली में कई रेलवे स्टेशन हैं लेकिन वहां पर कोई भी सेन्ट्रल स्टेशन नहीं है। भारत में पांच स्टेशन हैं जो कि सेन्ट्रल कहे जाते हैं। मुम्बई सेन्ट्रल, चेन्नई सेन्ट्रल, त्रिवेन्द्रम सेन्ट्रल, मैंगलोर सेन्ट्रल और कानपुर सेन्ट्रल
जंक्शन - जंक्शन उस स्टेशन को कहा जाता है जहां पर स्टेशन आने जाने के लिए कम से कम तीन रेल रूट हों। यानि तीन से ज़्यादा ट्रैक जिस स्टेशन पर आते हैं उस स्टेशन को जंक्शन कहा जाता है। जानकारी के मुताबिक भारत में इस समय 300 से ज़्यादा जंक्शन हैं। इनमें सबसे ज़्यादा रूट्स वाला जंक्शन मथुरा का है। मशुरा जंक्शन से सात रूट निकलते हैं। वहीं सेलम जंक्शन से छह और विजयवाड़ा जंक्शन से पांच रूट निकलते हैं।