राहुल गांधी ने चली सियासी चाल, अहमद पटेल को बनाया पार्टी का कोषाध्यक्ष
Tuesday - August 21, 2018 4:19 pm ,
Category : WTN HINDI
मुस्लिम समुदाय को खुश करने की कोशिश, राहुल गांधी ने दी अहमद पटेल को अहम ज़िम्मेदारी
AUG 21 (WTN) – केन्द्र की सत्ता से दूर और कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हार रही कांग्रेस पार्टी में बड़े बदलाव का दौर जारी है। पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद से राहुल गांधी ने कांग्रेस संगठन में काफी बदलाव किये हैं। इसी क्रम में आज राहुल गांधी ने कई नेताओं को अहम ज़िम्मदारी सौंपी है। बड़े घटनाक्रम के तहत सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव रहे अहमद पटेल को कोषाध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया है।
गुजरात के कद्दावर नेता अहमद पटेल का आज जन्मदिन है। इसे अहमद पटेल के लिए जन्मदिन का तोहफा समझा जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस कोषाध्यक्ष की अहम ज़िम्मेदारी काफी समय से छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा देख रहे थे।
सोनिया गांधी जब कांग्रेस अध्यक्ष थीं, उस समय अहमद पटेल का कांग्रेस में अलग ही रुतबा था। अहमद पटेल कांग्रेस के सबसे शीर्ष परिवार यानी गांधी परिवार के प्रति वफ़ादार रहे हैं। इसी का नतीजा था कि सोनिया गांधी ने उन्हें अपना राजनीतिक सलाहकार बनाया था। राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से वे पार्टी से 'साइड लाइन' माने जा रहे थे।
हालांकि कांग्रेस की नई कार्यसमिति में अहमद पटेल को राहुल गांधी ने सदस्य बनाया था। अब जबकि उन्हें पार्टी के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है तो देखा जाना है कि वे इस ज़िम्मेदारी को कैसे निभाते हैं। लगातार दस सालों तक जब कांग्रेस में सत्ता में थी तो कांग्रेस के पास लगातार चंदा आ रहा था, लेकिन सत्ता हाथ से जाने के बाद पार्टी के चंदे में कमी आई है। ऐसे में पटेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि सत्ता से बाहर रहते हुए पार्टी के खज़ाने में वे कैसे इज़ाफा करते हैं।
माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने अहमद पटेल को कोषाध्यक्ष बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी को कोषाध्यक्ष जैसे मह्त्वपूर्ण पद पर मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति पर भरोसा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अहमद पटेल के ज़रिये राहुल गांधी ने एक सियासी चाल चली है जिसके जरिये वे अल्पसंख्यक समुदाय से पार्टी के लिए चंदा के साथ-साथ वोट की गुहार भी लगा सकते हैं। अब देखना होगा कि राहुल गांधी की यह सियासी चाल कितनी सही बैठती है।
AUG 21 (WTN) – केन्द्र की सत्ता से दूर और कई राज्यों में विधानसभा चुनाव हार रही कांग्रेस पार्टी में बड़े बदलाव का दौर जारी है। पार्टी अध्यक्ष बनने के बाद से राहुल गांधी ने कांग्रेस संगठन में काफी बदलाव किये हैं। इसी क्रम में आज राहुल गांधी ने कई नेताओं को अहम ज़िम्मदारी सौंपी है। बड़े घटनाक्रम के तहत सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव रहे अहमद पटेल को कोषाध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया है।
गुजरात के कद्दावर नेता अहमद पटेल का आज जन्मदिन है। इसे अहमद पटेल के लिए जन्मदिन का तोहफा समझा जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कांग्रेस कोषाध्यक्ष की अहम ज़िम्मेदारी काफी समय से छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता मोतीलाल वोहरा देख रहे थे।
सोनिया गांधी जब कांग्रेस अध्यक्ष थीं, उस समय अहमद पटेल का कांग्रेस में अलग ही रुतबा था। अहमद पटेल कांग्रेस के सबसे शीर्ष परिवार यानी गांधी परिवार के प्रति वफ़ादार रहे हैं। इसी का नतीजा था कि सोनिया गांधी ने उन्हें अपना राजनीतिक सलाहकार बनाया था। राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद से वे पार्टी से 'साइड लाइन' माने जा रहे थे।
हालांकि कांग्रेस की नई कार्यसमिति में अहमद पटेल को राहुल गांधी ने सदस्य बनाया था। अब जबकि उन्हें पार्टी के कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है तो देखा जाना है कि वे इस ज़िम्मेदारी को कैसे निभाते हैं। लगातार दस सालों तक जब कांग्रेस में सत्ता में थी तो कांग्रेस के पास लगातार चंदा आ रहा था, लेकिन सत्ता हाथ से जाने के बाद पार्टी के चंदे में कमी आई है। ऐसे में पटेल के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि सत्ता से बाहर रहते हुए पार्टी के खज़ाने में वे कैसे इज़ाफा करते हैं।
माना जा रहा है कि राहुल गांधी ने अहमद पटेल को कोषाध्यक्ष बनाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि पार्टी को कोषाध्यक्ष जैसे मह्त्वपूर्ण पद पर मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति पर भरोसा है। अनुमान लगाया जा रहा है कि अहमद पटेल के ज़रिये राहुल गांधी ने एक सियासी चाल चली है जिसके जरिये वे अल्पसंख्यक समुदाय से पार्टी के लिए चंदा के साथ-साथ वोट की गुहार भी लगा सकते हैं। अब देखना होगा कि राहुल गांधी की यह सियासी चाल कितनी सही बैठती है।