‘संकट’ के दौर से गुज़रती आम आदमी पार्टी
Wednesday - August 22, 2018 11:36 am ,
Category : WTN HINDI
अरविन्द केजरीवाल के सामने ‘बड़ी चुनौती’, आशुतोष के बाद आशीष खेतान ने किया पार्टी से ‘किनारा’
AUG 22 (WTN) – देश की राजनीति की दशा और दिशा बदलने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी इस समय ‘संकट’ के दौर से गुजर रही है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को एक और ‘बड़ा झटका’ लगा है। आम आदमी पार्टी से आशुतोष के इस्तीफ़े के बाद अब आशीष खेतान ने पार्टी से ‘दूरी’ बना ली है।
आपसी ‘मनमुटाव’ से जूझ रही आम आदमी पार्टी के चर्चित चेहरे आशीष खेतान का भी पार्टी से ‘मोहभंग’ हो गया है। 2014 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव हारने वाले खेतान का कहना है कि उनका पूरा ध्यासन अब लीगल प्रैक्टिस पर है और इसलिए वह सक्रिय राजनीति छोड़ रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले आशुतोष ने 15 अगस्तक को 'निजी कारणों' का हवाला देते हुए आम आदमी पार्टी से इस्तीेफ़ा दिया था, लेकिन पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उनके इस्तीाफ़े को स्वीआकार नहीं किया था और कहा था, “ना, इस जन्म में तो नहीं।“
कभी अरविन्द केजरीवाल के काफ़ी क़रीबी रहे आशीष खेतान ने ‘सक्रिय राजनीति’ से अलग होने के सम्बन्ध में आज ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मेरा पूरा ध्यान फिलहाल मेरी लीगल प्रैक्टिस पर है और मैं इस वक्त सक्रिय राजनीति में नहीं हूं।“ उनके इस ट्वीट के बाद तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक भले ही उन्होंने पार्टी से दूरी का कारण लीगल प्रैक्टिस को बताया है, लेकिन इसके पीछे की ‘वास्तविक वजह’ कुछ और है।
कहा जा रहा है कि खेतान की ‘नाराज़गी’ की वजह है कि उन्हें एक बार फिर से नई दिल्ली संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने की ‘इज़ाजत’ नहीं मिली है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक खेतान 2019 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी यहां से किसी पंजाबी चेहरे को मौका देना चाहती है। माना जा रहा है कि इसी कारण से ‘नाराज़’ होकर उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली है।
आशीष खेतान की तरह ही आशुतोष के इस्तीफ़े के पीछे भी ‘चुनाव सम्बन्धी नाराज़गी’ सामने आ रही है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने ‘निजी कारण’ बताकर इस्तीफ़ा दिया था, लेकिन नाराज़गी का कारण है राज्यसभा चुनाव में उनकी दावेदारी को ‘नकारना’।
कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी में सभी कुछ सही नहीं चल रहा है। पार्टी के कई दिग्गज नेता पार्टी नेतृत्व से ‘नाराज़’ बताए जा रहे हैं जिनमें कुमार विश्वास का नाम भी शामिल है। ये सभी नेता आम आदमी पार्टी से शुरुआती दौर से ही जुड़े थे। अपने पुराने साथियों के एक के बाद एक पार्टी छोड़ने के बाद अब बड़ा सवाल है कि क्या अरविन्द केजरीवाल 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए अपने पुराने साथियों को वापस पार्टी में लाने में, और मौजूदा साथियों को साथ रखने में कामयाब होंगे?
AUG 22 (WTN) – देश की राजनीति की दशा और दिशा बदलने का दावा करने वाली आम आदमी पार्टी इस समय ‘संकट’ के दौर से गुजर रही है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को एक और ‘बड़ा झटका’ लगा है। आम आदमी पार्टी से आशुतोष के इस्तीफ़े के बाद अब आशीष खेतान ने पार्टी से ‘दूरी’ बना ली है।
आपसी ‘मनमुटाव’ से जूझ रही आम आदमी पार्टी के चर्चित चेहरे आशीष खेतान का भी पार्टी से ‘मोहभंग’ हो गया है। 2014 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव हारने वाले खेतान का कहना है कि उनका पूरा ध्यासन अब लीगल प्रैक्टिस पर है और इसलिए वह सक्रिय राजनीति छोड़ रहे हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इससे पहले आशुतोष ने 15 अगस्तक को 'निजी कारणों' का हवाला देते हुए आम आदमी पार्टी से इस्तीेफ़ा दिया था, लेकिन पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने उनके इस्तीाफ़े को स्वीआकार नहीं किया था और कहा था, “ना, इस जन्म में तो नहीं।“
कभी अरविन्द केजरीवाल के काफ़ी क़रीबी रहे आशीष खेतान ने ‘सक्रिय राजनीति’ से अलग होने के सम्बन्ध में आज ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “मेरा पूरा ध्यान फिलहाल मेरी लीगल प्रैक्टिस पर है और मैं इस वक्त सक्रिय राजनीति में नहीं हूं।“ उनके इस ट्वीट के बाद तमाम तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक भले ही उन्होंने पार्टी से दूरी का कारण लीगल प्रैक्टिस को बताया है, लेकिन इसके पीछे की ‘वास्तविक वजह’ कुछ और है।
कहा जा रहा है कि खेतान की ‘नाराज़गी’ की वजह है कि उन्हें एक बार फिर से नई दिल्ली संसदीय सीट से लोकसभा चुनाव लड़ने की ‘इज़ाजत’ नहीं मिली है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक खेतान 2019 के लोकसभा चुनाव में नई दिल्ली लोकसभा सीट से चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन पार्टी यहां से किसी पंजाबी चेहरे को मौका देना चाहती है। माना जा रहा है कि इसी कारण से ‘नाराज़’ होकर उन्होंने पार्टी से दूरी बना ली है।
आशीष खेतान की तरह ही आशुतोष के इस्तीफ़े के पीछे भी ‘चुनाव सम्बन्धी नाराज़गी’ सामने आ रही है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक उन्होंने ‘निजी कारण’ बताकर इस्तीफ़ा दिया था, लेकिन नाराज़गी का कारण है राज्यसभा चुनाव में उनकी दावेदारी को ‘नकारना’।
कहा जा रहा है कि आम आदमी पार्टी में सभी कुछ सही नहीं चल रहा है। पार्टी के कई दिग्गज नेता पार्टी नेतृत्व से ‘नाराज़’ बताए जा रहे हैं जिनमें कुमार विश्वास का नाम भी शामिल है। ये सभी नेता आम आदमी पार्टी से शुरुआती दौर से ही जुड़े थे। अपने पुराने साथियों के एक के बाद एक पार्टी छोड़ने के बाद अब बड़ा सवाल है कि क्या अरविन्द केजरीवाल 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए अपने पुराने साथियों को वापस पार्टी में लाने में, और मौजूदा साथियों को साथ रखने में कामयाब होंगे?