आप भी जानिए एसी और डीसी करण्ट में अंतर
Friday - August 24, 2018 2:39 pm ,
Category : WTN HINDI
दिशा और मान के आधार पर है एसी और डीसी करण्ट में अंतर
AUG 24 (WTN) – बिजली का प्रयोग आजकल हर कहीं होता है। बिजली का प्रयोग करते हुए आपने कई बार करण्ट के एसी और डीसी रूप के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एसी और डीसी करण्ट क्या है, और इनके बीच क्या अंतर है? यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि इन दोनों में क्या अंतर होता है।
एसी - एसी का पूरा नाम अल्टरनेटिंग करण्ट है। यह करण्ट एक निश्चित समय के बाद अपनी दिशा (Direction) और मान (Value) दोनों बदलता है। इसलिए इसे अल्टरनेटिंग करण्ट कहा जाता है। एसी यानि अल्टरनेटिंग करंट से बहुत अधिक वोल्ट पैदा किया जा सकता है।
अल्टरनेटिंग करण्ट से लगभग 33,000 वोल्ट तक पैदा की जा सकती है। अल्टरनेटिंग करण्ट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे ज़्यादा दूरी तक आसानी से भेजा जा सकता है क्योंकि इसे ट्रांसफार्मर की मदद से कम या ज़्यादा किया जा सकता है। अल्टरनेटिंग करण्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की प्रक्रिया थोड़ी लम्बी है। लेकिन इसे बहुत ही आसानी से और बिना किसी हानि के एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकता है।
डीसी - डीसी का पूरा नाम डायरेक्ट करण्ट होता है। जो करण्ट अपनी दिशा और मान नहीं बदलता है उसे डायरेक्ट करण्ट कहते हैं। वैसे तो अल्टरनेटिंग करण्ट का इस्तेमाल आजकल हर जगह किया जा रहा है, लेकिन कुछ ऐसे काम हैं जिसे करने के लिए डायरेक्ट करण्ट की ही ज़रुरत होती है।
एसी और डीसी करण्ट में अंतर - अल्टरनेटिंग करण्ट का उत्पादन अल्टरनेटर के द्वारा किया जाता है। जबकि डायरेक्ट करण्ट का उत्पादन डायनमो से किया जाता है।
अल्टरनेटिंग करण्ट का उत्पादन 33,000 वोल्ट तक किया जा सकता है, जबकि डायरेक्ट करण्ट का उत्पादन सिर्फ 650 वोल्ट तक ही किया जा सकता है।
आमतौर पर घर में उपयोग में आना वाला करण्ट एसी होता है जिससे टीवी, पंखे, फ्रिज, मिक्सर और वाशिंग मशीन आदि चलाई जाती है। जबकि मोबाइल की बैट्री, सेल आदि में डीसी का उपयोग किया जाता है।
अल्टरनेटिंग करण्ट के सम्पर्क में आने से व्यक्ति को करण्ट लग सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है। जबकि डायरेक्ट करण्ट के सम्पर्क में आने पर करण्ट नहीं लगता है।
AUG 24 (WTN) – बिजली का प्रयोग आजकल हर कहीं होता है। बिजली का प्रयोग करते हुए आपने कई बार करण्ट के एसी और डीसी रूप के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एसी और डीसी करण्ट क्या है, और इनके बीच क्या अंतर है? यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि इन दोनों में क्या अंतर होता है।
एसी - एसी का पूरा नाम अल्टरनेटिंग करण्ट है। यह करण्ट एक निश्चित समय के बाद अपनी दिशा (Direction) और मान (Value) दोनों बदलता है। इसलिए इसे अल्टरनेटिंग करण्ट कहा जाता है। एसी यानि अल्टरनेटिंग करंट से बहुत अधिक वोल्ट पैदा किया जा सकता है।
अल्टरनेटिंग करण्ट से लगभग 33,000 वोल्ट तक पैदा की जा सकती है। अल्टरनेटिंग करण्ट का सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसे ज़्यादा दूरी तक आसानी से भेजा जा सकता है क्योंकि इसे ट्रांसफार्मर की मदद से कम या ज़्यादा किया जा सकता है। अल्टरनेटिंग करण्ट को एक जगह से दूसरी जगह भेजने की प्रक्रिया थोड़ी लम्बी है। लेकिन इसे बहुत ही आसानी से और बिना किसी हानि के एक जगह से दूसरी जगह भेजा जा सकता है।
डीसी - डीसी का पूरा नाम डायरेक्ट करण्ट होता है। जो करण्ट अपनी दिशा और मान नहीं बदलता है उसे डायरेक्ट करण्ट कहते हैं। वैसे तो अल्टरनेटिंग करण्ट का इस्तेमाल आजकल हर जगह किया जा रहा है, लेकिन कुछ ऐसे काम हैं जिसे करने के लिए डायरेक्ट करण्ट की ही ज़रुरत होती है।
एसी और डीसी करण्ट में अंतर - अल्टरनेटिंग करण्ट का उत्पादन अल्टरनेटर के द्वारा किया जाता है। जबकि डायरेक्ट करण्ट का उत्पादन डायनमो से किया जाता है।
अल्टरनेटिंग करण्ट का उत्पादन 33,000 वोल्ट तक किया जा सकता है, जबकि डायरेक्ट करण्ट का उत्पादन सिर्फ 650 वोल्ट तक ही किया जा सकता है।
आमतौर पर घर में उपयोग में आना वाला करण्ट एसी होता है जिससे टीवी, पंखे, फ्रिज, मिक्सर और वाशिंग मशीन आदि चलाई जाती है। जबकि मोबाइल की बैट्री, सेल आदि में डीसी का उपयोग किया जाता है।
अल्टरनेटिंग करण्ट के सम्पर्क में आने से व्यक्ति को करण्ट लग सकता है और उसकी मौत भी हो सकती है। जबकि डायरेक्ट करण्ट के सम्पर्क में आने पर करण्ट नहीं लगता है।