जनवरी से अभी तक पेट्रोल 10 प्रतिशत तो डीज़ल 15 प्रतिशत तक महंगा, गिरता रुपया बना बड़ी वजह
Monday - August 27, 2018 12:03 pm ,
Category : WTN HINDI
महंगे कच्चे तेल और रुपये में गिरावट से ईंधन हुआ महंगा
AUG 27 (WTN) - तुर्की संकट के कारण रुपये के लगातार डॉलर के मुकाबले कमज़ोर होने और एक सप्ताह में कच्चे तेल के 5 प्रतिशत तक महंगा होने के कारण पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक आज दिल्ली में एक लीटर डीजल की कीमत 69.46 रुपये हो गई है। इसी के साथ ही डीज़ल यहां सबसे रिकॉर्ड भाव पर पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक यह पहली बार है जब डीज़ल यहां इतनी ज़्यादा क़ीमत पर मिल रहा है।
वहीं दिल्ली के अलावा अन्य शहरों की बात करें तो कोलकाता में डीज़ल 72.31 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है तो वहीं चेन्नई में डीज़ल 73.38 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। जानकारी के मुताबिक इन दोनों शहरों में भी डीज़ल रिकॉर्ड भाव में मिल रहा है।
बात करें देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई की तो यहां पर भी डीज़ल की क़ीमतों में वृद्धि हुई है। आज मुम्बई में एक लीटर डीज़ल की कीमत 73.74 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है।
डीज़ल के साथ-साथ पेट्रोल भी महंगा हुआ है। बात करें दिल्ली की तो यहां पर पेट्रोल की क़ीमत में 13 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई। जिसके बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 77.91 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं बात करें कोलकाता की तो यहां पर एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 80.84 रुपये चुकाने पड़ेंगे।
वहीं मुम्बई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 85.33 रुपये हो गई है तो चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 80.94 रुपये चुकाने पड़ेंगे।
अब सवाल उठता है कि आखिर क्यों एक बार फिर से डीज़ल और पेट्रोल महंगे बिक रहे हैं। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि शुरू हो गई है। पिछले एक सप्ताह में कच्चे तेल की क़ीमतों में पांच प्रतिशत तक की वृद्धि आई है।
कच्चे तेल के दामों में वृद्धि के अलावा डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये ने भी ईंधन की कीमतों को बढ़ाने का काम किया है। यदि आज की बात करें तो फिलहाल रुपया 70 के पार बना हुआ है। यूरोपीय देश तुर्की में जारी आर्थिक संकट के चलते रुपये में गिरावट बनी हुई है।
डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से तेल कम्पनियों को कच्चे तेल को आयात करने पर ज़्यादा खर्च करना पड़ रहा है। इन्हीं सभी वजहों के कारण ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल के शुरुआत में दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के दाम क़रीब 70 रुपये थे जबकि आज पेट्रोल क़रीब 78 रुपये के आसपास बिक रहा है। यानि कि जनवरी से लेकर अभी तक दिल्ली में पेट्रोल की दाम में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।
वहीं साल के शुरुआत में दिल्ली में डीज़ल के दाम लगभग 60 रुपये प्रति लीटर थे जबकि आज दिल्ली में डीज़ल 69 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। यानि कि इसी साल अभी तक दिल्ली में डीज़ल के दाम में 15 प्रतिशत बढ़ चुके हैं।
यदि रुपये में डॉलर के मुकाबले कमजोरी जारी रही तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीज़ल दोनों के दाम 90 के पार पहुंच सकते हैं। और यदि ऐसा होता है तो केन्द्र में सत्ता चली रही भाजपा को मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
AUG 27 (WTN) - तुर्की संकट के कारण रुपये के लगातार डॉलर के मुकाबले कमज़ोर होने और एक सप्ताह में कच्चे तेल के 5 प्रतिशत तक महंगा होने के कारण पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक आज दिल्ली में एक लीटर डीजल की कीमत 69.46 रुपये हो गई है। इसी के साथ ही डीज़ल यहां सबसे रिकॉर्ड भाव पर पहुंच गया है। जानकारी के मुताबिक यह पहली बार है जब डीज़ल यहां इतनी ज़्यादा क़ीमत पर मिल रहा है।
वहीं दिल्ली के अलावा अन्य शहरों की बात करें तो कोलकाता में डीज़ल 72.31 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है तो वहीं चेन्नई में डीज़ल 73.38 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। जानकारी के मुताबिक इन दोनों शहरों में भी डीज़ल रिकॉर्ड भाव में मिल रहा है।
बात करें देश की आर्थिक राजधानी मुम्बई की तो यहां पर भी डीज़ल की क़ीमतों में वृद्धि हुई है। आज मुम्बई में एक लीटर डीज़ल की कीमत 73.74 रुपये प्रति लीटर हो चुकी है।
डीज़ल के साथ-साथ पेट्रोल भी महंगा हुआ है। बात करें दिल्ली की तो यहां पर पेट्रोल की क़ीमत में 13 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई। जिसके बाद दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल 77.91 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। वहीं बात करें कोलकाता की तो यहां पर एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 80.84 रुपये चुकाने पड़ेंगे।
वहीं मुम्बई में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 85.33 रुपये हो गई है तो चेन्नई में एक लीटर पेट्रोल के लिए आपको 80.94 रुपये चुकाने पड़ेंगे।
अब सवाल उठता है कि आखिर क्यों एक बार फिर से डीज़ल और पेट्रोल महंगे बिक रहे हैं। तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि शुरू हो गई है। पिछले एक सप्ताह में कच्चे तेल की क़ीमतों में पांच प्रतिशत तक की वृद्धि आई है।
कच्चे तेल के दामों में वृद्धि के अलावा डॉलर के मुकाबले कमजोर होते रुपये ने भी ईंधन की कीमतों को बढ़ाने का काम किया है। यदि आज की बात करें तो फिलहाल रुपया 70 के पार बना हुआ है। यूरोपीय देश तुर्की में जारी आर्थिक संकट के चलते रुपये में गिरावट बनी हुई है।
डॉलर के मुकाबले रुपये के कमजोर होने से तेल कम्पनियों को कच्चे तेल को आयात करने पर ज़्यादा खर्च करना पड़ रहा है। इन्हीं सभी वजहों के कारण ईंधन की कीमतों में वृद्धि हो रही है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल के शुरुआत में दिल्ली में एक लीटर पेट्रोल के दाम क़रीब 70 रुपये थे जबकि आज पेट्रोल क़रीब 78 रुपये के आसपास बिक रहा है। यानि कि जनवरी से लेकर अभी तक दिल्ली में पेट्रोल की दाम में लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि हो चुकी है।
वहीं साल के शुरुआत में दिल्ली में डीज़ल के दाम लगभग 60 रुपये प्रति लीटर थे जबकि आज दिल्ली में डीज़ल 69 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। यानि कि इसी साल अभी तक दिल्ली में डीज़ल के दाम में 15 प्रतिशत बढ़ चुके हैं।
यदि रुपये में डॉलर के मुकाबले कमजोरी जारी रही तो आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीज़ल दोनों के दाम 90 के पार पहुंच सकते हैं। और यदि ऐसा होता है तो केन्द्र में सत्ता चली रही भाजपा को मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में होने वाले विधानसभा चुनाव में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।