विश्लेषण: मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने चली ‘सियासी चाल’, भाजपा के सामने ‘चुनौती’
Wednesday - August 29, 2018 12:06 pm ,
Category : WTN HINDI
कमलनाथ: चुनाव में हम घोषणा पत्र नहीं, बल्कि ‘वचन पत्र’ जारी करेंगे
AUG 29 (WTN) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे पास आते जा रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक दलों की ‘रणनीति’ बन रही है। भाजपा को लगातार चौथी बार जिताने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ पर निकले हुए हैं। ऐसे में भाजपा की रणनीति को ‘मात’ देने के लिए कांग्रेस अब राहुल गांधी को मैदान में उतारने वाली है।
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल 17 सितम्बर से चुनाव अभियान की शुरूआत करेंगे। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक वे भोपाल में इस दिन संगठन की बैठक लेंगे। इसके बाद राहुल गांधी 22 या 24 सितम्बर को दूसरा दौरा कर सकते हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमलनाथ ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 17 सितम्बर से चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। वहीं कमलनाथ ने जनता को ‘आश्वासन’ देते हुए कहा है, “यदि राज्य में कांग्रेस सरकार बनती है तो पांच रुपए प्रति लीटर पेट्रोल और तीन रुपए प्रति लीटर डीज़ल के दामों को सीधे कम कर दिया जाएगा।“
कहा जा रहा है कि यदि कांग्रेस पेट्रोल और डीज़ल के दाम को कम करने का वादा यदि अपनी घोषणा पत्र में करती है तो यह उसका बहुत बड़ा ‘गेम प्लान’ होगा।
कांग्रेस घोषणा पत्र पर सवाल पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा, “चुनाव में हम घोषणा पत्र नहीं, बल्कि ‘वचन पत्र’ जारी करेंगे। इसमें किसान, नौजवान, मजदूर, व्यापारी सहित हर वर्ग के लोगों की बात को शामिल किया जाएगा। इसमें कर्ज़ माफ़ी, बिजली बिल आधा माफ़ करने और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने जैसे मुद्दों को शामिल करेंगे। वचन पत्र में महिला सुरक्षा को शामिल किया जा रहा है।“
कहा जा रहा है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में घोषणा पत्र को बनाने में पहले ही देर कर चुकी है। ऐसे में देखना होगा कि कांग्रेस अपना घोषणा पत्र समय पर पूरा कर पाती है कि नहीं। कांग्रेस के मुताबिक वो पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स कम करेगी, यदि कांग्रेस के इस वादे पर जनता ने ‘भरोसा’ कर लिया तो यह भाजपा के लिए ‘बड़ी चुनौती’ है।
कहा जा रहा है कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के बाद सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग भाजपा से ‘नाराज़’ चल रहा है। ऐसे में यदि भाजपा के इस परम्परागत वोट बैंक ने भाजपा से ‘विद्रोह’ कर दिया तो भाजपा को विधानसभा चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ सकता है। खैर देखना होगा कि कांग्रेस की चुनावी ‘रणनीति’ का क्या तोड़ भाजपा के पास है।
AUG 29 (WTN) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे पास आते जा रहे हैं वैसे-वैसे राजनीतिक दलों की ‘रणनीति’ बन रही है। भाजपा को लगातार चौथी बार जिताने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ पर निकले हुए हैं। ऐसे में भाजपा की रणनीति को ‘मात’ देने के लिए कांग्रेस अब राहुल गांधी को मैदान में उतारने वाली है।
जानकारी के मुताबिक, मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल 17 सितम्बर से चुनाव अभियान की शुरूआत करेंगे। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक वे भोपाल में इस दिन संगठन की बैठक लेंगे। इसके बाद राहुल गांधी 22 या 24 सितम्बर को दूसरा दौरा कर सकते हैं।
प्रदेश कांग्रेस कमलनाथ ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 17 सितम्बर से चुनाव अभियान की शुरुआत करेंगे। वहीं कमलनाथ ने जनता को ‘आश्वासन’ देते हुए कहा है, “यदि राज्य में कांग्रेस सरकार बनती है तो पांच रुपए प्रति लीटर पेट्रोल और तीन रुपए प्रति लीटर डीज़ल के दामों को सीधे कम कर दिया जाएगा।“
कहा जा रहा है कि यदि कांग्रेस पेट्रोल और डीज़ल के दाम को कम करने का वादा यदि अपनी घोषणा पत्र में करती है तो यह उसका बहुत बड़ा ‘गेम प्लान’ होगा।
कांग्रेस घोषणा पत्र पर सवाल पूछे जाने पर कमलनाथ ने कहा, “चुनाव में हम घोषणा पत्र नहीं, बल्कि ‘वचन पत्र’ जारी करेंगे। इसमें किसान, नौजवान, मजदूर, व्यापारी सहित हर वर्ग के लोगों की बात को शामिल किया जाएगा। इसमें कर्ज़ माफ़ी, बिजली बिल आधा माफ़ करने और युवाओं को बेरोजगारी भत्ता देने जैसे मुद्दों को शामिल करेंगे। वचन पत्र में महिला सुरक्षा को शामिल किया जा रहा है।“
कहा जा रहा है कि कांग्रेस मध्य प्रदेश में घोषणा पत्र को बनाने में पहले ही देर कर चुकी है। ऐसे में देखना होगा कि कांग्रेस अपना घोषणा पत्र समय पर पूरा कर पाती है कि नहीं। कांग्रेस के मुताबिक वो पेट्रोल और डीज़ल पर टैक्स कम करेगी, यदि कांग्रेस के इस वादे पर जनता ने ‘भरोसा’ कर लिया तो यह भाजपा के लिए ‘बड़ी चुनौती’ है।
कहा जा रहा है कि एससी-एसटी एक्ट में संशोधन के बाद सामान्य वर्ग और पिछड़ा वर्ग भाजपा से ‘नाराज़’ चल रहा है। ऐसे में यदि भाजपा के इस परम्परागत वोट बैंक ने भाजपा से ‘विद्रोह’ कर दिया तो भाजपा को विधानसभा चुनाव में भारी हार का सामना करना पड़ सकता है। खैर देखना होगा कि कांग्रेस की चुनावी ‘रणनीति’ का क्या तोड़ भाजपा के पास है।