सोच समझकर करें क्रेडिट कार्ड का उपयोग
Sunday - September 9, 2018 10:44 am ,
Category : WTN HINDI
समय पर चुकाएं क्रेडिट कार्ड का पेमेण्ट, दूर रहें रिवॉर्ड प्वाइंट के चक्कर से
SEP 09 (WTN) – नोटबंदी के बाद से भारत में क्रेडिट कार्ड का चलन काफ़ी बढ़ गया है। बैंक भी तरह-तरह के फ़ायदे गिनाकर अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड दे रही हैं। बाद में पैसा चुकाने के लालच में आजकल हर कोई क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर कर रहा है। लेकिन यदि आप क्रेडिट कार्ड उपयोग कर रहे हैं, तो उसके साथ कुछ सावधानियां भी याद रखिए, क्योंकि कहीं ऐसा ना हो कि आप क्रेडिट कार्ड के चक्कर में कर्ज़ के जाल में फंस जाएं।
सबसे पहले आपको अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट पता होना चाहिए। बैंकिंग सेक्टर के जानकारों की सलाह रहती है कि हमेशा कम लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड ही उपयोग करना चाहिए, और अपनी लिमिट का सिर्फ़ 30 से 40 प्रतिशत ही उपयोग करना चाहिए।
क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें मुफ़्त की क्रेडिट लिमिट मिलती है। अगर आप समय से पहले कर्ज़ चुका देंगे तो आपको ब्याज नहीं देना होता है। लेकिन यदि आप समय पर कर्ज़ नहीं चुका पाए, तो आपको अलग-अलग बैंक के अलग-अलग क्रेडिट कार्ड के अनुसार क़रीब 36 प्रतिशत तक ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
कुछ बैंक कर्ज़ चुकाने के लिए ग्रेस पीरियड देते हैं। जानकारों की सलाह है कि आपको इस समय तक इंतज़ार बिल्कुल नहीं करना चाहिए। आपको फ्री क्रेडिट पीरियड के दौरान ही अपना कर्ज़ चुका देना चाहिए। यदि आप कर्ज़ चुकाने में देरी करते हैं, तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है, और यदि अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम होगा तो आगे आपको लोन मिलने में परेशानी आ सकती है।
कभी भी रिवॉर्ड प्वाइंट के चक्कर में नहीं पड़ें। क्रेडिट कार्ड देने वाली बैंक हमेशा चाहेगी कि आप उनके क्रेडिट कार्ड का ज़्यादा से ज़्यादा उपयोग करें। अगर आप समय पर पेमेण्ट नहीं करेंगे, तो वो जो ब्याज वसूलेंगे उससे उनको बहुत फ़ायदा होगा। इसलिए बैंक आकर्षक रिवॉर्ड प्वाइंट स्कीम लाती हैं ताकि आप ज़्यादा से ज़्यादा खर्च करें।
ऑनलाइन ख़रीदी करते समय अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी वेबसाइट पर कभी भी स्टोर न करें। अगर आप ऐसा करेंगे तो धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। कई बार वायरस के हमले से वेबसाइट का डेटा चोरी हो जाता है जिससे आपके कार्ड का डेटा भी चोरी हो सकता है। हमारी सलाह है कि हमेशा दो चरणों में ट्रांजेक्शन को पूरा करें। किसी फास्ट फॉरवर्ड ट्रांजेक्शन के चक्कर में कभी न फंसे। साथ ही अगर किसी वेबसाइट की शुरूआत में एचटीटीपीएस नहीं दिखे, तो वो वहां पर अपने कार्ड की जानकारी न डालें।
पूरी कोशिश करें कि कभी भी एटीएम से क्रेडिट कार्ड के ज़रिये पैसे ना निकालें। क्योंकि एटीएम से यदि क्रेडिट कार्ड से आप पैसा निकालते हैं, तो आपको बहुत ज़्यादा फ़ीस देनी पड़ सकती है।
एक क्रेडिट कार्ड का पैसा भरने के लिए दूसरे क्रेडिट कार्ड का उपयोग न करें। इससे आपके कर्ज़ के जाल में फंस सकते हैं।
SEP 09 (WTN) – नोटबंदी के बाद से भारत में क्रेडिट कार्ड का चलन काफ़ी बढ़ गया है। बैंक भी तरह-तरह के फ़ायदे गिनाकर अपने ग्राहकों को क्रेडिट कार्ड दे रही हैं। बाद में पैसा चुकाने के लालच में आजकल हर कोई क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर कर रहा है। लेकिन यदि आप क्रेडिट कार्ड उपयोग कर रहे हैं, तो उसके साथ कुछ सावधानियां भी याद रखिए, क्योंकि कहीं ऐसा ना हो कि आप क्रेडिट कार्ड के चक्कर में कर्ज़ के जाल में फंस जाएं।
सबसे पहले आपको अपने क्रेडिट कार्ड की लिमिट पता होना चाहिए। बैंकिंग सेक्टर के जानकारों की सलाह रहती है कि हमेशा कम लिमिट वाला क्रेडिट कार्ड ही उपयोग करना चाहिए, और अपनी लिमिट का सिर्फ़ 30 से 40 प्रतिशत ही उपयोग करना चाहिए।
क्रेडिट कार्ड का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसमें मुफ़्त की क्रेडिट लिमिट मिलती है। अगर आप समय से पहले कर्ज़ चुका देंगे तो आपको ब्याज नहीं देना होता है। लेकिन यदि आप समय पर कर्ज़ नहीं चुका पाए, तो आपको अलग-अलग बैंक के अलग-अलग क्रेडिट कार्ड के अनुसार क़रीब 36 प्रतिशत तक ब्याज चुकाना पड़ सकता है।
कुछ बैंक कर्ज़ चुकाने के लिए ग्रेस पीरियड देते हैं। जानकारों की सलाह है कि आपको इस समय तक इंतज़ार बिल्कुल नहीं करना चाहिए। आपको फ्री क्रेडिट पीरियड के दौरान ही अपना कर्ज़ चुका देना चाहिए। यदि आप कर्ज़ चुकाने में देरी करते हैं, तो इससे आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित हो सकता है, और यदि अगर आपका क्रेडिट स्कोर कम होगा तो आगे आपको लोन मिलने में परेशानी आ सकती है।
कभी भी रिवॉर्ड प्वाइंट के चक्कर में नहीं पड़ें। क्रेडिट कार्ड देने वाली बैंक हमेशा चाहेगी कि आप उनके क्रेडिट कार्ड का ज़्यादा से ज़्यादा उपयोग करें। अगर आप समय पर पेमेण्ट नहीं करेंगे, तो वो जो ब्याज वसूलेंगे उससे उनको बहुत फ़ायदा होगा। इसलिए बैंक आकर्षक रिवॉर्ड प्वाइंट स्कीम लाती हैं ताकि आप ज़्यादा से ज़्यादा खर्च करें।
ऑनलाइन ख़रीदी करते समय अपने क्रेडिट कार्ड की जानकारी वेबसाइट पर कभी भी स्टोर न करें। अगर आप ऐसा करेंगे तो धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। कई बार वायरस के हमले से वेबसाइट का डेटा चोरी हो जाता है जिससे आपके कार्ड का डेटा भी चोरी हो सकता है। हमारी सलाह है कि हमेशा दो चरणों में ट्रांजेक्शन को पूरा करें। किसी फास्ट फॉरवर्ड ट्रांजेक्शन के चक्कर में कभी न फंसे। साथ ही अगर किसी वेबसाइट की शुरूआत में एचटीटीपीएस नहीं दिखे, तो वो वहां पर अपने कार्ड की जानकारी न डालें।
पूरी कोशिश करें कि कभी भी एटीएम से क्रेडिट कार्ड के ज़रिये पैसे ना निकालें। क्योंकि एटीएम से यदि क्रेडिट कार्ड से आप पैसा निकालते हैं, तो आपको बहुत ज़्यादा फ़ीस देनी पड़ सकती है।
एक क्रेडिट कार्ड का पैसा भरने के लिए दूसरे क्रेडिट कार्ड का उपयोग न करें। इससे आपके कर्ज़ के जाल में फंस सकते हैं।