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जानिए अमेरिका और चीन के बीच ‘व्यापार युद्ध’ से भारत पर क्या पड़ेगा असर

Wednesday - September 19, 2018 2:21 pm , Category : WTN HINDI
अमेरिका और चीन के बीच ‘व्यापार युद्ध’ की शुरूआत
अमेरिका और चीन के बीच ‘व्यापार युद्ध’ की शुरूआत

अमेरिका-चीन के ‘व्यापार युद्ध’ से बिगड़ेंगे दुनिया के आर्थिक हालात, डॉलर होगा महंगा, बढ़ेंगे तेल के दाम

SEP 19 (WTN) – यदि आप सोच रहे हैं कि आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल सस्ता होने वाला है तो शायद आप गलत सोच रहे हैं। डॉलर के मुकाबले लगातार कमज़ोर होते रुपये और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में क्रूड ऑयल के महंगा होने के कारण देश में पेट्रोल और डीज़ल के दाम लगभग हर दिन बढ़ रहे हैं। ऐसे में दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं, अमेरिका और चीन के बीच शुरू हो चुके ‘व्यापार युद्ध’ के कारण आने वाले दिनों में रुपया और कमज़ोर होगा जिससे तेल की क़ीमतों और भी बढ़ेंगी।
 
आप सोच रहे होंगे कि आख़िर यह व्यापार युद्ध क्या है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं अमेरिका और चीन ने एक दूसरे के देशों में आयातित माल पर ऊंचे शुल्क लगाकर ऐसी व्यापारिक प्रतिस्पर्धा शुरू कर दी है जिससे पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा, उसे ही ‘व्यापार युद्ध’ का नाम दिया जा रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका ने अपने यहां आयातित चीन के 200 अरब डॉलर के माल पर आयात ऊंचा शुल्क लगाने की घोषणा की है।
 
अमेरिका के इस बड़े कदम के बाद दुनिया की इन दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार युद्ध और गहराने का ख़तरा पैदा हो गया है। इससे पहले अमेरिका दो बार में कुल मिला कर 50 अरब डॉलर के चीनी सामानों पर आयात शुल्क बढ़ा चुका है। इधर जवाब में चीन ने भी कुछ अमेरिकी सामानों पर आयात शुल्क बढ़ाया है। अमेरिका के इस कदम के बाद चीन का कहना है कि ट्रम्प प्रशासन के फैसले से दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत को लेकर ‘नई अनिश्चितता’ पैदा हुई है।
 
विश्व व्यापार में चीन के लगातार बढ़ते वर्चस्व से घबराया हुआ अमेरिका अब चीन के आयात पर भारी शुल्क लगाकर उसे नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने तीसरे दौर की पहल करते हुए चीन के और 200 अरब डॉलर के आयात पर 10 प्रतिशत शुल्क लगा दिया है। इस साल के आख़िरी तक यह शुल्क बढ़कर 25 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
 
ऐसा नहीं है कि अमेरिका के इस कदम से चीन शांत बैठ गया है। चीन ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि अमेरिकी सरकार के नये शुल्क के ख़िलाफ वो उसी तरह के उपाय करने को मज़बूर है। शुरुआती प्रतिक्रिया में चीन ने अमेरिका के 60 अरब डॉलर के सामान पर आयात शुल्क बढ़ा दिया है।
 
अपने गरम स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले अमेरिकी राष्ट्रपित डोनाल्ड ट्रम्प ने चीन को चेतावनी दी है कि यदि उसने अमेरिका के लगाए ऊंचे आयात शुल्क के ख़िलाफ़ कोई जवाबी कार्रवाई की तो अमेरिका, चीन के और 267 अरब डॉलर के आयात पर शुल्क लगा देगा। यदि ऐसा होता है तो चीन से होने वाले क़रीब-क़रीब सभी तरह के आयात पर अमेरिका में शुल्क लग जाएगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चीन से अमेरिका को क़रीब 522.9 अरब डॉलर का निर्यात होता है।
 
दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प चीन के साथ हो रहे व्यापार में अमेरिका के व्यापार घाटे को कम करने के लिए दबाव बनाए हुए हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2017 में अमेरिका को चीन के साथ व्यापार में 335.4 अरब डॉलर का घाटा हुआ था।
 
अमेरिकी चीन के बीच व्यापार युद्ध का प्रभाव भारत के घरेलू वित्तीय बाजारों में ज़्यादा महसूस किया जाएगा। जानकारों के मुताबिक, यह स्थिति 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट की तरह हो सकती है। वहीं अमेरिका द्वारा आयात शुल्क लगाने से कुछ भारतीय उत्पाद अधिक प्रतिस्पर्धी हो जाएंगे। एक विश्लेषण के अनुसार भारत को अमेरिकी बाज़ार में मशीनरी, इलेक्ट्रिकल उपकरण, वाहन, परिवहन कलपुर्जे, रसायन, प्लास्टिक और रबड़ उत्पादों पर ध्यान देना चाहिए।
 
इस व्यापार युद्ध का सबसे बुरा प्रभाव भारतीय रुपये पर पड़ेगा और यह डॉलर के मुक़ाबले और भी कमज़ोर होता चला जाएगा, रुपया कमज़ोर होने से क्रूड ऑयल का आयात महंगा होगा जिससे पेट्रोल-डीज़ल के दाम बढ़ेंगे। ऐसा होने से देश में महंगाई बढ़ेगी और इसका ख़ामियाज़ा देश की आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
 
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