क्या आप जानते हैं सीबीएसई और आईसीएसई में अंतर?
Thursday - September 20, 2018 3:49 pm ,
Category : WTN HINDI
आईसीएसई में होते हैं सिर्फ़ अंग्रेजी माध्यम के स्कूल
सीबीएसई भारत सरकार से अनुमोदित है, जबकि आईसीएसई को कई विदेशी शिक्षा प्रणालियों से मान्यता प्राप्त है
SEP 20 (WTN) – आपने स्कूलों से सम्बन्धित सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के बारे में तो सुना ही होगा। लेकिन, इन दोनों के बीच क्या अंतर है आप जानते हैं। यदि आप इन दोनों के बीच अंतर को नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि आखिर सीबीएसई और आईसीएसई के बीच क्या फ़र्क होता है।
सीबीएसई और आईसीएसई दोनों ही स्कूल शिक्षा से सम्बन्धित बोर्ड हैं। सीबीएसई का कार्यक्षेत्र सिर्फ़ भारत तक ही सीमित है, जबकि आईसीएसई का कार्यक्षेत्र पूरे दुनिया में है।
आईसीएसई बोर्ड में केवल अंग्रेजी माध्यम के स्कूली ही होते हैं, जबकि सीबीएसई बोर्ड के स्कूल हिन्दी या अंग्रेजी दोनों ही माध्यम के हो सकते हैं।
सीबीएसई बोर्ड में आईसीएसई बोर्ड की तुलना में विषयों की संख्या ज़्यादा होती है। उदाहरण के तौर पर यदि आप दसवीं कक्षा के सीबीएसई के छात्र हैं तो आपको केवल छह विषयों की पढ़ाई करना पड़ेगी, वहीं यदि आप आईसीएसई के छात्र हैं तो आपको 12 विषयों की पढ़ाई करना पड़ेगी। वैसे दोनों ही बोर्ड में मुख्य विषय समान ही होती है।
सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करने पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित किया जाता है, जबकि आईसीएसई में व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ परीक्षणों पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है।
सीबीएसई बोर्ड भारत सरकार द्वारा अनुमोदित है और एनसीईआरटी द्वारा मान्यता प्राप्त है। वहीं आईसीएसई को कई विदेशी शिक्षा प्रणालियों द्वारा मान्यता प्राप्त है। दुनिया के कई देशों में आईसीएसई के प्रमाण पत्र मान्य हैं।
भारत के अंदर सीबीएसई बोर्ड द्वारा संचालित हज़ारों की तादात में कई स्कूल हैं। जिन विद्यार्थियों के माता-पिता का स्थानांतरण समय-समय पर होता रहता है, उनके लिए एक शहर से दूसरे शहर में जाने पर सीबीएसई से सम्बन्धित स्कूलों में अपने बच्चों के प्रवेश के लिए आसानी रहती है। वहीं जिन बच्चों के माता-पिता को विदेशों में नौकरी के कारण देश बदलना होता रहता है उनके बच्चों के लिए आईसीएसई के स्कूल ज़्यादा लाभकारी हैं।
SEP 20 (WTN) – आपने स्कूलों से सम्बन्धित सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड के बारे में तो सुना ही होगा। लेकिन, इन दोनों के बीच क्या अंतर है आप जानते हैं। यदि आप इन दोनों के बीच अंतर को नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि आखिर सीबीएसई और आईसीएसई के बीच क्या फ़र्क होता है।
सीबीएसई और आईसीएसई दोनों ही स्कूल शिक्षा से सम्बन्धित बोर्ड हैं। सीबीएसई का कार्यक्षेत्र सिर्फ़ भारत तक ही सीमित है, जबकि आईसीएसई का कार्यक्षेत्र पूरे दुनिया में है।
आईसीएसई बोर्ड में केवल अंग्रेजी माध्यम के स्कूली ही होते हैं, जबकि सीबीएसई बोर्ड के स्कूल हिन्दी या अंग्रेजी दोनों ही माध्यम के हो सकते हैं।
सीबीएसई बोर्ड में आईसीएसई बोर्ड की तुलना में विषयों की संख्या ज़्यादा होती है। उदाहरण के तौर पर यदि आप दसवीं कक्षा के सीबीएसई के छात्र हैं तो आपको केवल छह विषयों की पढ़ाई करना पड़ेगी, वहीं यदि आप आईसीएसई के छात्र हैं तो आपको 12 विषयों की पढ़ाई करना पड़ेगी। वैसे दोनों ही बोर्ड में मुख्य विषय समान ही होती है।
सीबीएसई बोर्ड के विद्यार्थियों को सैद्धांतिक ज्ञान प्रदान करने पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित किया जाता है, जबकि आईसीएसई में व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ परीक्षणों पर ज़्यादा ज़ोर दिया जाता है।
सीबीएसई बोर्ड भारत सरकार द्वारा अनुमोदित है और एनसीईआरटी द्वारा मान्यता प्राप्त है। वहीं आईसीएसई को कई विदेशी शिक्षा प्रणालियों द्वारा मान्यता प्राप्त है। दुनिया के कई देशों में आईसीएसई के प्रमाण पत्र मान्य हैं।
भारत के अंदर सीबीएसई बोर्ड द्वारा संचालित हज़ारों की तादात में कई स्कूल हैं। जिन विद्यार्थियों के माता-पिता का स्थानांतरण समय-समय पर होता रहता है, उनके लिए एक शहर से दूसरे शहर में जाने पर सीबीएसई से सम्बन्धित स्कूलों में अपने बच्चों के प्रवेश के लिए आसानी रहती है। वहीं जिन बच्चों के माता-पिता को विदेशों में नौकरी के कारण देश बदलना होता रहता है उनके बच्चों के लिए आईसीएसई के स्कूल ज़्यादा लाभकारी हैं।