BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान के ‘ज़ुल्म’ की इंतेहा, पीने के पानी के लिए लोग हो रहे ‘मोहताज़'

Friday - September 21, 2018 11:17 am , Category : WTN HINDI
पीओके के लोगों पर ‘ज़ुल्म’ कर रहा है पाकिस्तान, हर रोज़ हो रहे हैं प्रदर्शन
पीओके के लोगों पर ‘ज़ुल्म’ कर रहा है पाकिस्तान, हर रोज़ हो रहे हैं प्रदर्शन

पीओके में बढ़ा पाकिस्तान का ‘अन्याय’, मुज़फ़्फ़राबाद में ‘अत्याचार’ के ख़िलाफ़ उठी आवाज़ें

SEP 21 (WTN) – भारत के कश्मीर प्रांत के निवासियों को भारत सरकार द्वारा ‘बेहतरीन सहूलियतें’ दी जाती हैं यह पूरी दुनिया जानती है। लेकिन आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में स्थानीय लोगों के मूलभूत अधिकारों का ‘हनन’ सालों से पाकिस्तान करता आ रहा है। पूरी दुनिया जानती है कि पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान की सेना और पुलिस ने ‘ज़ुल्म’ की इंतेहा कर रखी है। पाकिस्तान के शासन-प्रशासन के ख़िलाफ़ आए दिन वहां पर ‘प्रदर्शन’ हो रहे हैं।
 
पाक अधिकृत कश्मीर में वहां के लोगों पर हो रहे ज़ुल्म के ख़िलाफ़ अब आवाज़ संयुक्त राष्ट्र संघ में उठ चुकी है। जी हां पाकिस्तान की यूनाइटेड कश्‍मीर पीपुल्‍स नेशनल पार्टी ने भारत सरकार से मांग की है कि वो पाक अधिकृत कश्मीर में हो रहे ज़ुल्म के ‘ख़िलाफ़’ दख़ल दे।
 
पाकिस्तान से दूर निर्वासन में रह रहे यूनाइटेड कश्‍मीर पीपुल्‍स नेशनल पार्टी के चेयरमैन शौकत अली कश्‍मीरी का कहना है, “पाकिस्‍तान के कब्‍ज़े वाले कई इलाकों में आए दिन विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। न केवल मुज़फ़्फ़राबाद, बल्कि रावलकोट, तरारखेल, कोटली और अन्‍य हिस्‍सों में भी आंदोलन हो रहे हैं। लोग 'सेव नीलम रीवर, सेव मुज़फ़्फ़राबाद' के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे हैं।“
 
पाकिस्‍तान के कब्‍ज़े वाले कश्‍मीर में स्‍थानीय लोगों के ‘अधिकारों का हनन’ कोई नई बात नहीं है। स्थानीय लोग इसके विरोध में सालों से प्रदर्शन करते आ रहे हैं। पीओके में स्थानीय लोगों के दमन का मुद्दा उठाते हुए शौकत अली ने भारत सरकार से अनुरोध किया है कि वो इस पूरे मामले में दख़ल दे। शौकत अली का कहना है, “भारत ने कश्‍मीरियों का जीवन बचाने के लिए समझौता किया है। इसलिए उसे इस पूरे मामले में दख़ल देना चाहिए और स्‍थानीय लोगों के दमन के ख़िलाफ़ और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय पर दबाव बनाना चाहिए।“
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें पिछले दिनों संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ में बलूच और सिंधी समुदाय के कार्यकर्ताओं ने भी पूरी दुनिया के सामने बताया था कि पाकिस्‍तान की सेना चीन के साथ मिलकर बलूच और सिंधी समुदाय के लोगों पर ‘ज़ुल्म’ कर रही है।
 
बलूच और सिंधी समुदाय के लोगों को चीन पाकिस्‍तान इकोनॉमिक कॉरीडोर (CPEC) पर भी कड़ी ‘आपत्ति’ है। इन लोगों का आरोप है कि सीपीईसी के शुरू होने के बाद से उन पर पाकिस्तान और चीन की सेना का ‘दमन’ बढ़ गया है।
 
पाक अधिकृत कश्मीर में पाकिस्तान का ‘ज़ुल्म’ इतना बढ़ रहा है कि वहां के लोगों को पीने के पानी तक के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। मुज़फ़्फ़राबाद के लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान सरकार नीलम नदी का पानी पंजाब प्रांत की ओर मोड़ रही है। यदि इसे जल्द से जल्द रोका नहीं गया तो यहां के लोगों के सामने पीने के पानी की ‘मुसीबत’ खड़ी हो जाएगी।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुज़फ़्फ़राबाद के लिए नीलम नदी ‘जीवन रेखा’ की तरह है। पाकिस्तान सरकार यहां के निवासियों को सुनियोजित रूप से परेशान करने के लिए नीलम नदी का पानी पंजाब प्रांत की ओर मोड़ रही है। पाकिस्तान सरकार के नीलम-झेलम हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट के बाद से नीलम नदी की हालत ‘गंदे नाले’ जैसी हो गई है। लोगों का कहना है कि आने वाले दिनों में यहां पर पीने के पानी की बहुत बड़ी दिक्कत खड़ी हो जाएंगी।
 
भारत सरकार को चाहिए कि वो पाक अधिकृत कश्मीर में वहां के लोगों के साथ हो रहे ‘अत्याचार’ और ‘अन्याय’ का मुद्दा संयुक्त राष्ट्र संघ में उठाए। भारत के पास यह एक ‘सुनहरा मौका’ है कि वो पाकिस्तान सरकार के ‘क्रूर’ चेहरे को सबके सामने रखे ताकि पूरी दुनिया के सामने पाकिस्तान एक बार फिर से ‘बेनकाब’ हो सके। पूरी दुनिया को यह पता चलना चाहिए कि किस तरह से पाकिस्तान पीओके में रह रहे लोगों को पीने के पानी तक के लिए ‘परेशान’ कर रहा है।
Leave a Comment
* Name
* Email (will not be published)
*
* - Required fields