जानिए ईरान, कम्बोडिया और श्रीलंका जैसे देशों के पुराने नाम
Saturday - September 22, 2018 4:23 pm ,
Category : WTN HINDI
ईरान का पुराना नाम था पर्शिया
ईरान का पुराना नाम था पर्शिया, वहीं श्रीलंका को कहते थे सीलोन
SEP 22 (WTN) – दुनिया में ऐसे कई देश है जिन्होंने अपने नाम में परिवर्तन किया है। जानते हैं ऐसे ही कुछ देशों को जिन्होंने अपने नाम में परिवर्तन किया है।
ईरान - ईरान का पुराना नाम पर्शिया हुआ करता था। साल 1935 में वहां की सरकार ने सभी देशों से कहा कि अब उसे पर्शिया की बजाय ईरान कहा जाए। ऐसा नहीं है कि इसका विरोध नहीं हुआ, लेकिन आज ईरान नाम ही सभी जगह पर प्रचलित है। 1979 में ईरान में हुई इस्लामी क्रांति के बाद देश का आधिकारिक नाम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान किया गया।
कम्बोडिया – कम्बोडिया देश ने कई बार अपना नाम बदला है। साल 1953 से 1970 के बीच इस देश का नाम किंगडम ऑफ़ कम्बोडिया था। वहीं 1970 से 1975 तक दुनिया इसे खमेर रिपब्लिक के नाम से जानती थी। जब फिर से यहां पर राजशाही बहाल हुई तो उसका नाम फिर किंगडम ऑफ़ कम्बोडिया हो गया। वैसे खमेर लोग खुद को कम्पुचिया कहलाना ज़्यादा पसंद करते हैं।
म्यांमार – म्यामांर को पहले बर्मा कहा जाता था। सैन्य सरकार ने साल 1989 में देश का नाम म्यांमार रखा। फ्रांस, जापान और संयुक्त राष्ट्र ने इस नये नाम को स्वीकार कर लिया, लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन लम्बे समय तक बर्मा नाम का ही इस्तेमाल करते रहे।
जॉर्डन – जॉर्डन जब ब्रिटेन के अधीन था तो उसका नाम ट्रांसजॉर्डन था। उसे साल 1946 में आज़ादी मिली और 1949 में देश का नाम फिर से "द हाशेमिते किंगडम ऑफ़ जॉर्डन" किया गया। जॉर्डन एक नदी का नाम है। ऐसी मान्यता है कि इसी नदी में ईसा मसीह का बपतिस्मा हुआ था।
बोत्सवाना – बोत्सवाना को मार्च 1885 में ब्रिटेन ने आधिकारिक तौर पर अपना उपनिवेश बनाया था और इसी के साथ उसका नाम बेचुयानालैण्ड हो गया था। लेकिन 30 सितम्बर 1966 को यह देश आज़ाद हुआ और देश का नाम बोत्सवाना रखा गया। बोत्सवाना नाम इस देश के सबसे बड़े जातीय समूह त्वाना के नाम पर रखा गया है।
श्रीलंका – अंग्रेजों के शासन में 1815 से लेकर 1948 तक श्रीलंका को सीलोन के नाम से जाना जाता था। 20वीं सदी के शुरुआत में आज़ादी का आंदोलन तेज़ हुआ तो देश का नाम श्रीलंका रखने की मांग ने भी ज़ोर पकड़ लिया। साल 1972 में देश का आधिकारिक नाम द रिपब्लिक ऑफ़ श्रीलंका रखा गया, जिसे 1978 में डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ़ श्रीलंका किया गया।
SEP 22 (WTN) – दुनिया में ऐसे कई देश है जिन्होंने अपने नाम में परिवर्तन किया है। जानते हैं ऐसे ही कुछ देशों को जिन्होंने अपने नाम में परिवर्तन किया है।
ईरान - ईरान का पुराना नाम पर्शिया हुआ करता था। साल 1935 में वहां की सरकार ने सभी देशों से कहा कि अब उसे पर्शिया की बजाय ईरान कहा जाए। ऐसा नहीं है कि इसका विरोध नहीं हुआ, लेकिन आज ईरान नाम ही सभी जगह पर प्रचलित है। 1979 में ईरान में हुई इस्लामी क्रांति के बाद देश का आधिकारिक नाम इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान किया गया।
कम्बोडिया – कम्बोडिया देश ने कई बार अपना नाम बदला है। साल 1953 से 1970 के बीच इस देश का नाम किंगडम ऑफ़ कम्बोडिया था। वहीं 1970 से 1975 तक दुनिया इसे खमेर रिपब्लिक के नाम से जानती थी। जब फिर से यहां पर राजशाही बहाल हुई तो उसका नाम फिर किंगडम ऑफ़ कम्बोडिया हो गया। वैसे खमेर लोग खुद को कम्पुचिया कहलाना ज़्यादा पसंद करते हैं।
म्यांमार – म्यामांर को पहले बर्मा कहा जाता था। सैन्य सरकार ने साल 1989 में देश का नाम म्यांमार रखा। फ्रांस, जापान और संयुक्त राष्ट्र ने इस नये नाम को स्वीकार कर लिया, लेकिन अमेरिका और ब्रिटेन लम्बे समय तक बर्मा नाम का ही इस्तेमाल करते रहे।
जॉर्डन – जॉर्डन जब ब्रिटेन के अधीन था तो उसका नाम ट्रांसजॉर्डन था। उसे साल 1946 में आज़ादी मिली और 1949 में देश का नाम फिर से "द हाशेमिते किंगडम ऑफ़ जॉर्डन" किया गया। जॉर्डन एक नदी का नाम है। ऐसी मान्यता है कि इसी नदी में ईसा मसीह का बपतिस्मा हुआ था।
बोत्सवाना – बोत्सवाना को मार्च 1885 में ब्रिटेन ने आधिकारिक तौर पर अपना उपनिवेश बनाया था और इसी के साथ उसका नाम बेचुयानालैण्ड हो गया था। लेकिन 30 सितम्बर 1966 को यह देश आज़ाद हुआ और देश का नाम बोत्सवाना रखा गया। बोत्सवाना नाम इस देश के सबसे बड़े जातीय समूह त्वाना के नाम पर रखा गया है।
श्रीलंका – अंग्रेजों के शासन में 1815 से लेकर 1948 तक श्रीलंका को सीलोन के नाम से जाना जाता था। 20वीं सदी के शुरुआत में आज़ादी का आंदोलन तेज़ हुआ तो देश का नाम श्रीलंका रखने की मांग ने भी ज़ोर पकड़ लिया। साल 1972 में देश का आधिकारिक नाम द रिपब्लिक ऑफ़ श्रीलंका रखा गया, जिसे 1978 में डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट रिपब्लिक ऑफ़ श्रीलंका किया गया।