मीन राशि के जातकों का लीवर होता है कमज़ोर, रोज़ करें कपालभाति प्रणायाम
Sunday - September 23, 2018 10:29 am ,
Category : WTN HINDI
रोज़ करें खाली पेट योग
मीन राशि के जातकों को एलर्जी के कारण हो सकता है अस्थमा, सर्दी या फ्लू
SEP 23 (WTN) – आइये जानते हैं कि ज्योतिष के अनुसार मीन राशि के जातकों का स्वास्थ्य कैसा रहता है। देखा गया है कि मीन राशि के जातकों की रंग प्रतिरोधी क्षमता बहुत कमज़ोर होती है। जिसके कारण इनकी आंखें सोई-सोई सी रहती हैं। इनको सलाह है कि सुबह उठकर खाली पेट भ्रामरी प्राणायाम करना चाहिए जिससे आंखों में चमक बनी रहे।
मीन राशि के जातकों की खाने-पीने की आदतें गलत होती हैं इसके कारण इनके फेंफड़े मज़बूत नहीं होते हैं। वहीं एलर्जी के कारण इन्हें अस्थमा, सर्दी या फ्लू की शिकायत भी हो सकती है। मीन राशि के जातक यदि ठण्डी जगहों पर रह रहे हैं, तो उन्हें ठण्ड से बचकर रहना चाहिए। इसके लिए इन्हें गला, सिर और हाथों को ढकना चाहिए।
ज्योतिष के अनुसार मीन राशि के ज़्यादातर लोगों का कद सामान्य ही होता है। इन लोगों के हाथ लम्बे होते हैं। मीन राशि के जातकों के पैर या तो बहुत बड़े होते हैं या फिर बहुत छोटे। इस राशि के लोगों को नियमित व्यायाम और योग करना चाहिए नहीं तो इनका वजन बढ़ सकता है। देखा गया है कि मीन राशि के जातकों के ठोड़ी के पास मांस ज़्यादा होता है, वहीं इनका मुंह बड़ा और आंखें भी फैली हुई होती हैं।
मीन राशि के जातकों को कमजोर लीवर और अपचन की शिकायत रहती है। इससे बचने के लिए इन्हें रोज़ कपालभाति प्राणायाम करना चाहिए। इनके पैरों और टखनों पर जल्दी चोट लगने की आशंका रहती है। मीन राशि के जातकों को यदि कला, संगीत या नृत्य में दिलचस्पी है तो इससे इनकी थकी हुई मांसपेशियों को आराम मिलता है। मीन राशि का चिन्ह मछली होता है। माना जाता है कि मीन राशि के जातकों के लिए तैराकी एक अच्छा व्यायाम है।
SEP 23 (WTN) – आइये जानते हैं कि ज्योतिष के अनुसार मीन राशि के जातकों का स्वास्थ्य कैसा रहता है। देखा गया है कि मीन राशि के जातकों की रंग प्रतिरोधी क्षमता बहुत कमज़ोर होती है। जिसके कारण इनकी आंखें सोई-सोई सी रहती हैं। इनको सलाह है कि सुबह उठकर खाली पेट भ्रामरी प्राणायाम करना चाहिए जिससे आंखों में चमक बनी रहे।
मीन राशि के जातकों की खाने-पीने की आदतें गलत होती हैं इसके कारण इनके फेंफड़े मज़बूत नहीं होते हैं। वहीं एलर्जी के कारण इन्हें अस्थमा, सर्दी या फ्लू की शिकायत भी हो सकती है। मीन राशि के जातक यदि ठण्डी जगहों पर रह रहे हैं, तो उन्हें ठण्ड से बचकर रहना चाहिए। इसके लिए इन्हें गला, सिर और हाथों को ढकना चाहिए।
ज्योतिष के अनुसार मीन राशि के ज़्यादातर लोगों का कद सामान्य ही होता है। इन लोगों के हाथ लम्बे होते हैं। मीन राशि के जातकों के पैर या तो बहुत बड़े होते हैं या फिर बहुत छोटे। इस राशि के लोगों को नियमित व्यायाम और योग करना चाहिए नहीं तो इनका वजन बढ़ सकता है। देखा गया है कि मीन राशि के जातकों के ठोड़ी के पास मांस ज़्यादा होता है, वहीं इनका मुंह बड़ा और आंखें भी फैली हुई होती हैं।
मीन राशि के जातकों को कमजोर लीवर और अपचन की शिकायत रहती है। इससे बचने के लिए इन्हें रोज़ कपालभाति प्राणायाम करना चाहिए। इनके पैरों और टखनों पर जल्दी चोट लगने की आशंका रहती है। मीन राशि के जातकों को यदि कला, संगीत या नृत्य में दिलचस्पी है तो इससे इनकी थकी हुई मांसपेशियों को आराम मिलता है। मीन राशि का चिन्ह मछली होता है। माना जाता है कि मीन राशि के जातकों के लिए तैराकी एक अच्छा व्यायाम है।