मूडीज की सलाह: ईरान से तेल आयात बंद करें भारतीय रिफाइनरी कम्पनियां
Friday - September 28, 2018 2:53 pm ,
Category : WTN HINDI
ईरान का दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीददार रहा है भारत
सउदी अरब या इराक से भारत खरीदे कच्चा तेल: मूडीज
SEP 28 (WTN) – नवम्बर से ईरान पर तेल के आयात के अमेरिकी प्रतिबंध शुरू होने जा रहे हैं। ऐसे में मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने राय जाहिर की है कि भारेत की रिफाइनरी कम्पनियों को अगले महीने के दौरान ईरान से कच्चे तेल का आयात घटाना चाहिए या पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। मूडीज ने सलाह दी है कि भारत को कच्चे तेल के आयात के लिए सऊदी अरब और इराक पर निर्भरता बढ़ानी चाहिए।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसी सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने सम्बोधन के दौरान कहा था कि ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंध पांच नवम्बर से लागू होंगे। ट्रम्प ने कहा, “अमेरिका उन देशों के साथ काम कर रहा है जो ईरानी तेल का आयात कर रहे हैं, जिससे ये देश ईरान से अपनी खरीद उल्लेखनीय रूप से घटा सकें।“
जैसा की आप जानते हैं कि चीन के बाद भारत ईरान से कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीददार है। अप्रैल-अगस्त, 2018 के दौरान ईरान से निर्यात किए गए कुल कच्चे तेल में भारत की हिस्सेदारी क़रीब 30 प्रतिशत रही है। प्रतिबंधों के काऱण पश्चिम एशिया के अन्य कच्चे तेल के ग्रेड की तुलना में ईरानी कच्चा तेल दो से चार डॉलर प्रति बैरल सस्ते में बेचा जाता है। ईरान की राष्ट्रीय तेल कम्पनी कच्चे तेल की आपूर्ति में ढुलाई लागत पर सब्सिडी भी देती है। साथ ही वह खरीददारों को भुगतान आगे करने की सुविधा भी देती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में ईरानी कच्चे तेल का आयात इण्डियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, रिलायंस इण्डस्ट्रीज़, नायरा एनर्जी और मेंगलूर रिफ़ाइनरी एण्ड पेट्रोकेमिकल्स जैसी कम्पनियां करती हैं। अब देखना होगा कि मूडीज की सलाह के बाद भारत की तेल रिफाइनरी कम्पनियां ईरान से कच्चे तेल का आयात कब तक बंद करती हैं और फिर कच्चे तेल की आयात के लिए कौन से देश से अनुबंध करती हैं।
SEP 28 (WTN) – नवम्बर से ईरान पर तेल के आयात के अमेरिकी प्रतिबंध शुरू होने जा रहे हैं। ऐसे में मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने राय जाहिर की है कि भारेत की रिफाइनरी कम्पनियों को अगले महीने के दौरान ईरान से कच्चे तेल का आयात घटाना चाहिए या पूरी तरह बंद कर देना चाहिए। मूडीज ने सलाह दी है कि भारत को कच्चे तेल के आयात के लिए सऊदी अरब और इराक पर निर्भरता बढ़ानी चाहिए।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसी सप्ताह संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने सम्बोधन के दौरान कहा था कि ईरानी तेल निर्यात पर प्रतिबंध पांच नवम्बर से लागू होंगे। ट्रम्प ने कहा, “अमेरिका उन देशों के साथ काम कर रहा है जो ईरानी तेल का आयात कर रहे हैं, जिससे ये देश ईरान से अपनी खरीद उल्लेखनीय रूप से घटा सकें।“
जैसा की आप जानते हैं कि चीन के बाद भारत ईरान से कच्चे तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीददार है। अप्रैल-अगस्त, 2018 के दौरान ईरान से निर्यात किए गए कुल कच्चे तेल में भारत की हिस्सेदारी क़रीब 30 प्रतिशत रही है। प्रतिबंधों के काऱण पश्चिम एशिया के अन्य कच्चे तेल के ग्रेड की तुलना में ईरानी कच्चा तेल दो से चार डॉलर प्रति बैरल सस्ते में बेचा जाता है। ईरान की राष्ट्रीय तेल कम्पनी कच्चे तेल की आपूर्ति में ढुलाई लागत पर सब्सिडी भी देती है। साथ ही वह खरीददारों को भुगतान आगे करने की सुविधा भी देती है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में ईरानी कच्चे तेल का आयात इण्डियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन, रिलायंस इण्डस्ट्रीज़, नायरा एनर्जी और मेंगलूर रिफ़ाइनरी एण्ड पेट्रोकेमिकल्स जैसी कम्पनियां करती हैं। अब देखना होगा कि मूडीज की सलाह के बाद भारत की तेल रिफाइनरी कम्पनियां ईरान से कच्चे तेल का आयात कब तक बंद करती हैं और फिर कच्चे तेल की आयात के लिए कौन से देश से अनुबंध करती हैं।