सावधान! फेसबुक में हुई ‘सेंधमारी’, करोड़ों यूज़र्स की सूचनाएं चोरी
Saturday - September 29, 2018 11:19 am ,
Category : WTN HINDI
फेसबुक में ‘साइबर सेंधमारी’ से क़रीब पांच करोड़ यूज़र्स प्रभावित
एक बार फ़िर सवालों के घेरे में फेसबुक, सुरक्षित नहीं है यूज़र्स का डेटा
SEP 29 (WTN) – आपका फेसबुक पर अकाउंट तो होगा ही, लेकिन हमारी आपको सलाह है कि आप फेसबुक में कोई भी ऐसी जानकारी शेयर नहीं करें जो गोपनीय है, क्योंकि आपकी गोपनीय जानकारी हैकिंग के बाद किसी दूसरे के पास भी जा सकती है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि फेसबुक ने कबूल किया है कि उसकी सुरक्षा में सेंधमारी के कारण क़रीब 50 मिलियन यानि कि पांच करोड़ लोगों के अकाउंट पर असर पड़ा है। जानकारी के मुताबिक फेसबुक के कम्प्यूटर नेटवर्क पर हमला कर यूज़र्स की सूचनाएं हैक की गईं हैं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हफ़्ते की शुरुआत में ही हैकिंग की घटना सामने आई थी। हैकर्स फेसबुक कोड की एक फ़ीचर पर हमला कर यूज़र्स के अकाउंट तक पहुंच गए थे। हालांकि फेसबुक का दावा है कि उसने इस गड़बड़ी को अब ठीक कर लिया है और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सारी जानकारी दे दी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शुक्रवार सुबह क़रीब नौ करोड़ से ज़्यादा फेसबुक यूज़र्स को जबरन लॉगआउट कराया गया ताकि उनके अकाउंट को सुरक्षित रखा जा सके। जानकारों के मुताबिक सुरक्षा में सेंधमारी होने पर ऐसी तरकीब अपनाई जाती है। इस पूरे मामले में फेसबुक का कहना है कि साइबर हमलावरों के बारे में फ़िलहाल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक के इतिहास में कल यानि कि शुक्रवार की हैकिंग की घटना सबसे बड़ी मानी जा रही है। पिछले कई समय से फेसबुक को आलोचनाओं और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। रुस में साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में प्रोपगैंडा अभियान को लेकर भी फेसबुक को पूरी दुनिया में आलोचना का शिकार होना पड़ा था। वहीं कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल भी सामने आया था जिसमें कम्पनी को काफ़ी सफ़ाई देना पड़ी थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्रिटेन की कम्पनी कैम्ब्रिज एनालिटिका ने क़रीब पौने नौ करोड़ फेसबुक यूज़र्स के डेटा चुरा लिए थे।
इसी साल मई के महीने में एक बग (सॉफ्टवेयर सम्बन्धित ग़लती) के कारण फेसबुक के क़रीब 1.4 करोड़ यूज़र्स प्रभावित हुए थे। फेसबुक की यह इतनी बड़ी भूल थी जिसके कारण उसके यूज़र्स के पोस्ट को फेसबुक पर लॉग ऑन हुए बिना भी कोई भी देख सकता था।
बार बार विश्वसनीयता खोते जा रहे फेसबुक के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अपने यूज़र्स को यह भरोसा कैसे दिलाए कि उनका डेटा सम्भालने में कम्पनी पूरी तरह से सक्षम है। कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल मामले में फेसबुक के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने कहा था, “आपके डेटा सुरक्षित रखने की ज़िम्मेदारी हमारी है। अगर हम ऐसा नहीं कर सकते हैं तो हम आपकी सेवा करने के लायक नहीं हैं।“
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डेटा शेयरिंग और प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर फेसबुक अभी कई सरकारी जांच का सामना कर रही है। कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल के बाद अमेरिका में सिक्योरिटीज एण्ड एक्सचेंज कमीशन ने फेसबुक के ख़िलाफ़ जांच भी शुरू कर दी है।
दुनिया के करोड़ों लोग फेसबुक का उपयोग कर रहे हैं और अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर रहे हैं। जबकि करोड़ों लोग फेसबुक पर विश्वास करते हैं ऐसे में फेसबुक की ज़िम्मेदारी बनती है कि वो किसी भी तरह की साइबर सेंधमारी से अपने यूज़र्स के डेटा को सुरक्षित रखे। यदि फेसबुक ऐसा कर पाने में असफल रहा तो यह उसकी सबसे बड़ी हार होगी।
SEP 29 (WTN) – आपका फेसबुक पर अकाउंट तो होगा ही, लेकिन हमारी आपको सलाह है कि आप फेसबुक में कोई भी ऐसी जानकारी शेयर नहीं करें जो गोपनीय है, क्योंकि आपकी गोपनीय जानकारी हैकिंग के बाद किसी दूसरे के पास भी जा सकती है। हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि फेसबुक ने कबूल किया है कि उसकी सुरक्षा में सेंधमारी के कारण क़रीब 50 मिलियन यानि कि पांच करोड़ लोगों के अकाउंट पर असर पड़ा है। जानकारी के मुताबिक फेसबुक के कम्प्यूटर नेटवर्क पर हमला कर यूज़र्स की सूचनाएं हैक की गईं हैं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हफ़्ते की शुरुआत में ही हैकिंग की घटना सामने आई थी। हैकर्स फेसबुक कोड की एक फ़ीचर पर हमला कर यूज़र्स के अकाउंट तक पहुंच गए थे। हालांकि फेसबुक का दावा है कि उसने इस गड़बड़ी को अब ठीक कर लिया है और सुरक्षा एजेंसियों को इसकी सारी जानकारी दे दी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शुक्रवार सुबह क़रीब नौ करोड़ से ज़्यादा फेसबुक यूज़र्स को जबरन लॉगआउट कराया गया ताकि उनके अकाउंट को सुरक्षित रखा जा सके। जानकारों के मुताबिक सुरक्षा में सेंधमारी होने पर ऐसी तरकीब अपनाई जाती है। इस पूरे मामले में फेसबुक का कहना है कि साइबर हमलावरों के बारे में फ़िलहाल कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फेसबुक के इतिहास में कल यानि कि शुक्रवार की हैकिंग की घटना सबसे बड़ी मानी जा रही है। पिछले कई समय से फेसबुक को आलोचनाओं और समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। रुस में साल 2016 के राष्ट्रपति चुनाव में प्रोपगैंडा अभियान को लेकर भी फेसबुक को पूरी दुनिया में आलोचना का शिकार होना पड़ा था। वहीं कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल भी सामने आया था जिसमें कम्पनी को काफ़ी सफ़ाई देना पड़ी थी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ब्रिटेन की कम्पनी कैम्ब्रिज एनालिटिका ने क़रीब पौने नौ करोड़ फेसबुक यूज़र्स के डेटा चुरा लिए थे।
इसी साल मई के महीने में एक बग (सॉफ्टवेयर सम्बन्धित ग़लती) के कारण फेसबुक के क़रीब 1.4 करोड़ यूज़र्स प्रभावित हुए थे। फेसबुक की यह इतनी बड़ी भूल थी जिसके कारण उसके यूज़र्स के पोस्ट को फेसबुक पर लॉग ऑन हुए बिना भी कोई भी देख सकता था।
बार बार विश्वसनीयता खोते जा रहे फेसबुक के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वह अपने यूज़र्स को यह भरोसा कैसे दिलाए कि उनका डेटा सम्भालने में कम्पनी पूरी तरह से सक्षम है। कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल मामले में फेसबुक के सीईओ मार्क ज़करबर्ग ने कहा था, “आपके डेटा सुरक्षित रखने की ज़िम्मेदारी हमारी है। अगर हम ऐसा नहीं कर सकते हैं तो हम आपकी सेवा करने के लायक नहीं हैं।“
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डेटा शेयरिंग और प्राइवेसी पॉलिसी को लेकर फेसबुक अभी कई सरकारी जांच का सामना कर रही है। कैम्ब्रिज एनालिटिका स्कैंडल के बाद अमेरिका में सिक्योरिटीज एण्ड एक्सचेंज कमीशन ने फेसबुक के ख़िलाफ़ जांच भी शुरू कर दी है।
दुनिया के करोड़ों लोग फेसबुक का उपयोग कर रहे हैं और अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर रहे हैं। जबकि करोड़ों लोग फेसबुक पर विश्वास करते हैं ऐसे में फेसबुक की ज़िम्मेदारी बनती है कि वो किसी भी तरह की साइबर सेंधमारी से अपने यूज़र्स के डेटा को सुरक्षित रखे। यदि फेसबुक ऐसा कर पाने में असफल रहा तो यह उसकी सबसे बड़ी हार होगी।