मध्य प्रदेश सरकार की ‘बिल लो और ईनाम पाओ’ योजना!
Saturday - October 6, 2018 10:50 am ,
Category : WTN HINDI
मध्य प्रदेश सरकार की ‘ख़ाली खजाना’ भरने की क़वायद
टैक्स कलेक्शन बढ़ाने और टैक्स चोरी रोकने के लिए नई योजना
OCT 06 (WTN) – यदि आप मध्य प्रदेश में बिल लेकर खरीददारी करते हैं, तो आप जैसे ईमानदार करदाताओं के लिए राज्य सरकार ने एक ईनामी योजना शुरू की है। दरअसल जैसा कि आप जानते हैं कि लोक लुभावन घोषणाओं के चलते मध्य प्रदेश का खजाना ख़ाली हो चुका है और राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। बड़ी मुश्किल से कर्मचारियों को वेतन मिल पा रहा है। ऐसे में राज्य का ख़ाली खजाना भरने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने एक ईनामी योजना शुरू की है। सरकार का मानना है कि इस योजना से उपभोक्ताओं में बिल लेने की आदत पड़ेगी और सरकार का राजस्व कलेक्शन भी बढ़ेगा।
राज्य की बिगड़ती वित्तीय हालत को देखते हुए, टैक्स कलेक्शन बढ़ाने और टैक्स चोरी रोकने के लिए मध्य प्रदेश में वाणिज्यिक कर विभाग ने ‘मध्य प्रदेश बिल संग्रहण व पुरस्कार योजना 2018’ चालू की है। इस योजना के तहत सामान खरीदकर बिल लेने वाले ‘विजेता उपभोक्ताओं’ को पुरस्कार दिया जाएगा। शर्त यह है कि यह बिल मध्य प्रदेश में ही जनरेट होना चाहिए। यह योजना ग्राहक द्वारा खरीदे गए सामान और उपयोग की गई सेवा दोनों के लिए होगी। जिसको भी यह पुरस्कार मिलता है, उसे पुरस्कार लेते समय बिल की मूल प्रति दिखाना होगी।
जानकारी के मुताबिक़, यदि आप मध्य प्रदेश में 200 रुपये से ज़्यादा के सामान की खरीदी करते हैं या फिर कोई सेवा का उपयोग करते हैं जिसका शुल्क 200 रुपये से ज़्यादा है, तो ऐसे में उपभोक्ता को अपना बिल वाणिज्यिक कर विभाग की वेबसाइट पर स्कैन करके अपलोड करना होगा साथ ही अपनी पूरी जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नम्बर भी देना होगा। वाणिज्यिक कर विभाग हर तीन महीने में विजेता उपभोक्ताओं के नाम घोषित करेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विजेता उपभोक्ताओं के नाम कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम से तय होंगे। पहले पांच विजेताओं को दस-दस हज़ार रुपये, दूसरे दस विजेताओं को पांच-पांच हज़ार रुपये और तीसरे 15 विजेताओं को तीन-तीन हज़ार रुपयों का इनाम दिया जाएगा।
देखा गया है कि काफ़ी उपभोक्ता बिल लेना ज़रूरी नहीं समझते हैं जबकि किसी वस्तु की खरीदी या सेवा के उपयोग के बाद बिल लेना आपका अधिकार है। खरीदी के बाद बिल लेने और देने दोनों ही मामलों में मध्य प्रदेश काफ़ी पिछड़ा है। हमारी आपको सलाह है कि आप जब भी खरीदी करें या किसी सेवा का उपभोग करें तो उसका बिल ज़रूर लें। क्योंकि ऐसा करने से सरकार को राजस्व मिलता है साथ ही यदि खरीदी गई वस्तु या उपभोग की गई सेवा से आप संतुष्ट नहीं हैं तो उसकी शिकायत बिल के ज़रिये कर सकते हैं।
OCT 06 (WTN) – यदि आप मध्य प्रदेश में बिल लेकर खरीददारी करते हैं, तो आप जैसे ईमानदार करदाताओं के लिए राज्य सरकार ने एक ईनामी योजना शुरू की है। दरअसल जैसा कि आप जानते हैं कि लोक लुभावन घोषणाओं के चलते मध्य प्रदेश का खजाना ख़ाली हो चुका है और राज्य सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक नहीं है। बड़ी मुश्किल से कर्मचारियों को वेतन मिल पा रहा है। ऐसे में राज्य का ख़ाली खजाना भरने के लिए वाणिज्यिक कर विभाग ने एक ईनामी योजना शुरू की है। सरकार का मानना है कि इस योजना से उपभोक्ताओं में बिल लेने की आदत पड़ेगी और सरकार का राजस्व कलेक्शन भी बढ़ेगा।
राज्य की बिगड़ती वित्तीय हालत को देखते हुए, टैक्स कलेक्शन बढ़ाने और टैक्स चोरी रोकने के लिए मध्य प्रदेश में वाणिज्यिक कर विभाग ने ‘मध्य प्रदेश बिल संग्रहण व पुरस्कार योजना 2018’ चालू की है। इस योजना के तहत सामान खरीदकर बिल लेने वाले ‘विजेता उपभोक्ताओं’ को पुरस्कार दिया जाएगा। शर्त यह है कि यह बिल मध्य प्रदेश में ही जनरेट होना चाहिए। यह योजना ग्राहक द्वारा खरीदे गए सामान और उपयोग की गई सेवा दोनों के लिए होगी। जिसको भी यह पुरस्कार मिलता है, उसे पुरस्कार लेते समय बिल की मूल प्रति दिखाना होगी।
जानकारी के मुताबिक़, यदि आप मध्य प्रदेश में 200 रुपये से ज़्यादा के सामान की खरीदी करते हैं या फिर कोई सेवा का उपयोग करते हैं जिसका शुल्क 200 रुपये से ज़्यादा है, तो ऐसे में उपभोक्ता को अपना बिल वाणिज्यिक कर विभाग की वेबसाइट पर स्कैन करके अपलोड करना होगा साथ ही अपनी पूरी जानकारी जैसे नाम, पता, मोबाइल नम्बर भी देना होगा। वाणिज्यिक कर विभाग हर तीन महीने में विजेता उपभोक्ताओं के नाम घोषित करेगा। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विजेता उपभोक्ताओं के नाम कम्प्यूटराइज्ड सिस्टम से तय होंगे। पहले पांच विजेताओं को दस-दस हज़ार रुपये, दूसरे दस विजेताओं को पांच-पांच हज़ार रुपये और तीसरे 15 विजेताओं को तीन-तीन हज़ार रुपयों का इनाम दिया जाएगा।
देखा गया है कि काफ़ी उपभोक्ता बिल लेना ज़रूरी नहीं समझते हैं जबकि किसी वस्तु की खरीदी या सेवा के उपयोग के बाद बिल लेना आपका अधिकार है। खरीदी के बाद बिल लेने और देने दोनों ही मामलों में मध्य प्रदेश काफ़ी पिछड़ा है। हमारी आपको सलाह है कि आप जब भी खरीदी करें या किसी सेवा का उपभोग करें तो उसका बिल ज़रूर लें। क्योंकि ऐसा करने से सरकार को राजस्व मिलता है साथ ही यदि खरीदी गई वस्तु या उपभोग की गई सेवा से आप संतुष्ट नहीं हैं तो उसकी शिकायत बिल के ज़रिये कर सकते हैं।