विश्लेषण: क्या सही राह पर जा रही है प्रधानमंत्री मोदी की अर्थव्यवस्था? आईएमएफ़ ने की तारीफ़
Tuesday - October 9, 2018 1:18 pm ,
Category : WTN HINDI
2018 में भारत की विकास दर 7.3 प्रतिशत और 2019 में 7.4 प्रतिशत होने का अनुमान – आईएमएफ़
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आर्थिक सुधारों को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने सराहा
OCT 09 (WTN) – भारत में विपक्ष और ख़ासकर कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक नीतियों पर जमकर निशाना साधता रहता है। नोटबंदी से लेकर जीएसटी, डॉलर के मुक़ाबले कमज़ोर होते रुपये से लेकर महंगे होते पेट्रोल-डीज़ल जैसे मुद्दों पर कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आर्थिक स्तर पर असफलता का आरोप लगाती रहती है। लेकिन इस सबसे दूर, अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आर्थिक सुधारों की तारीफ़ की है और कहा है कि यदि ऐसा ही रहा तो भारत जल्दी ही चीन को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे तेज़ी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था हो जाएगा।
आईएमएफ़ यानि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में लिखा है कि जीएसटी, इन्फ्लेशन टारगेटिंग फ्रेमवर्क और इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड जैसे सुधारों के कारण भारत में बेहतर विकास दर की सम्भावना है। आईएमएफ़ ने साल 2018 में भारत की विकास दर 7.3 प्रतिशत और 2019 में 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2017 में भारत की विकास दर 6.7 प्रतिशत रही थी।
आंकड़ों के अनुसार साल 2017 में चीन पूरी दुनिया में सबसे तेज़ी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था रही थी। यदि भारत और चीन दोनों की अर्थव्यवस्था की तुलना की जाए तो चीन की अर्थव्यवस्था भारत की अर्थव्यवस्था से 0.2 प्रतिशत तेज़ी से बढ़ी थी। हालांकि आईएमएफ़ ने इस बार भारत और चीन दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के विकास दर में कमी की बात कही है। इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत में मुद्रास्फीति में लगातार वृद्धि हो रही है। आईएमएफ ने भारत में मुद्रास्फीति, वित्तीय वर्ष 2017-18 में 3.6 प्रतिशत और 2018-19 में 4.7 प्रतिशत रहने की अनुमान लगाया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वित्तीय वर्ष 206-17 में भारत की मुद्रास्फीति की दर 4.5 प्रतिशत थी।
आईएमएफ़ और वर्ल्ड बैंक की वार्षिक मीटिंग में आईएमएफ़ फ्लैगशिप वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में कहा गया है कि साल 2019 में चीन की विकास दर का अनुमान अप्रैल से कम है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, भारत के पड़ोसी देश चीन में विकास दर साल 2017 में 6.9 प्रतिशत थी तो वहीं साल 2018 में यह 0.3 प्रतिशत कम होकर 6.6 प्रतिशत ही रह गई। इधर साल 2019 में चीन की विकास दर का अनुमान क़रीब 6.2 प्रतिशत लगाया गया है जो कि भारत से काफ़ी कम है। कहा जा रहा है कि चीन के अमेरिका के साथ शीत व्यापार युद्ध का नकारात्मक प्रभाव भी चीन की विकास दर पर पड़ेगा।
जानकारों का मानना है कि यदि मोदी सरकार बैंकों के एनपीए और सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ राजकोषीय घाटे पर ध्यान दे तो भारत की अर्थव्यवस्था चीन को पीछे छोड़ते हुए सबसे तेज़ी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था बन जाएगी। इतना ही नहीं, भारत का शेयर बाज़ार भी दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा बाज़ार बन जाएगा। कहा जा रहा है कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे फ़ैसले धीरे-धीरे भारतीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाते जाएंगे।
OCT 09 (WTN) – भारत में विपक्ष और ख़ासकर कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आर्थिक नीतियों पर जमकर निशाना साधता रहता है। नोटबंदी से लेकर जीएसटी, डॉलर के मुक़ाबले कमज़ोर होते रुपये से लेकर महंगे होते पेट्रोल-डीज़ल जैसे मुद्दों पर कांग्रेस प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर आर्थिक स्तर पर असफलता का आरोप लगाती रहती है। लेकिन इस सबसे दूर, अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आर्थिक सुधारों की तारीफ़ की है और कहा है कि यदि ऐसा ही रहा तो भारत जल्दी ही चीन को पीछे छोड़कर दुनिया की सबसे तेज़ी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था हो जाएगा।
आईएमएफ़ यानि अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने अपनी वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट में लिखा है कि जीएसटी, इन्फ्लेशन टारगेटिंग फ्रेमवर्क और इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्टसी कोड जैसे सुधारों के कारण भारत में बेहतर विकास दर की सम्भावना है। आईएमएफ़ ने साल 2018 में भारत की विकास दर 7.3 प्रतिशत और 2019 में 7.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2017 में भारत की विकास दर 6.7 प्रतिशत रही थी।
आंकड़ों के अनुसार साल 2017 में चीन पूरी दुनिया में सबसे तेज़ी से विकास करने वाली अर्थव्यवस्था रही थी। यदि भारत और चीन दोनों की अर्थव्यवस्था की तुलना की जाए तो चीन की अर्थव्यवस्था भारत की अर्थव्यवस्था से 0.2 प्रतिशत तेज़ी से बढ़ी थी। हालांकि आईएमएफ़ ने इस बार भारत और चीन दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के विकास दर में कमी की बात कही है। इस रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि भारत में मुद्रास्फीति में लगातार वृद्धि हो रही है। आईएमएफ ने भारत में मुद्रास्फीति, वित्तीय वर्ष 2017-18 में 3.6 प्रतिशत और 2018-19 में 4.7 प्रतिशत रहने की अनुमान लगाया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वित्तीय वर्ष 206-17 में भारत की मुद्रास्फीति की दर 4.5 प्रतिशत थी।
आईएमएफ़ और वर्ल्ड बैंक की वार्षिक मीटिंग में आईएमएफ़ फ्लैगशिप वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक में कहा गया है कि साल 2019 में चीन की विकास दर का अनुमान अप्रैल से कम है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़, भारत के पड़ोसी देश चीन में विकास दर साल 2017 में 6.9 प्रतिशत थी तो वहीं साल 2018 में यह 0.3 प्रतिशत कम होकर 6.6 प्रतिशत ही रह गई। इधर साल 2019 में चीन की विकास दर का अनुमान क़रीब 6.2 प्रतिशत लगाया गया है जो कि भारत से काफ़ी कम है। कहा जा रहा है कि चीन के अमेरिका के साथ शीत व्यापार युद्ध का नकारात्मक प्रभाव भी चीन की विकास दर पर पड़ेगा।
जानकारों का मानना है कि यदि मोदी सरकार बैंकों के एनपीए और सार्वजनिक क्षेत्र की कम्पनियों पर प्रभावी नियंत्रण के साथ-साथ राजकोषीय घाटे पर ध्यान दे तो भारत की अर्थव्यवस्था चीन को पीछे छोड़ते हुए सबसे तेज़ी से वृद्धि करने वाली अर्थव्यवस्था बन जाएगी। इतना ही नहीं, भारत का शेयर बाज़ार भी दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा बाज़ार बन जाएगा। कहा जा रहा है कि नोटबंदी और जीएसटी जैसे फ़ैसले धीरे-धीरे भारतीय अर्थव्यवस्था को मज़बूत बनाते जाएंगे।