चुनाव आचार संहिता का खौफ़, झांकियों में रात दस बजे के बाद नहीं बज पाएंगे डीजे
Thursday - October 11, 2018 10:14 am ,
Category : WTN HINDI
रात दस बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रहेगा प्रतिबंध
OCT 11 (WTN) – प्रदेश में लगी आचार संहिता के कारण राजधानी भोपाल समेत पूरे राज्य में नवरात्रि में रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तार यंत्रों यानि कि डीजे और लाउड स्पीकर सिस्टम का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि गरबे के आयोजन पर किसी भी तरह की कोई भी पाबंदी नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक लगा दी है। चुनाव आचार संहिता लगी होने के दौरान यदि कोई इस नियम को तोड़ता है तो कोई भी व्यक्ति आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत चुनाव आयोग को सी-विजिल एप के ज़रिये कर सकता है जिसकी निगरानी खुद भारत निर्वाचन आयोग करेगा।
अब चूंकि पूरा मामला चुनाव आचार संहिता से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन इस मामले में कुछ भी नहीं कर सकता है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ इस बारे में ज़िला कलेक्टर का कहना है कि रात 10 बजे के बाद गरबे का आयोजन ढोल या संगीत साधनों पर कर सकते हैं, लेकिन डीजे और लाउड स्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध है।
इधर, प्रशासन के इस फ़ैसले पर धार्मिक आयोजन समितियां ने आपत्ति जताई है। समितियों से जुड़े लोगों का कहना है कि रात में दस बजे के बाद ही झांकियों में भीड़ आती है और उसके बाद डीजे और लाउड स्पीकर ना बजे तो झांकियों को रौनक कम हो जाएगी। झांकी समितियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाउड स्पीकर भी ज़रूरी होता है इसलिए यदि उस पर भी पाबंदी लगा दी जाएगी तो फ़िर भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाएगा। समितियों का कहना है कि इस मामले में प्रशासन को मज़बूरी समझना चाहिए और हिन्दुओं के इस प्रमुख त्यौहार पर नरमी बरतते हुए सहयोग करना चाहिए।
OCT 11 (WTN) – प्रदेश में लगी आचार संहिता के कारण राजधानी भोपाल समेत पूरे राज्य में नवरात्रि में रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तार यंत्रों यानि कि डीजे और लाउड स्पीकर सिस्टम का उपयोग प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि गरबे के आयोजन पर किसी भी तरह की कोई भी पाबंदी नहीं है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने रात 10 बजे के बाद ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर रोक लगा दी है। चुनाव आचार संहिता लगी होने के दौरान यदि कोई इस नियम को तोड़ता है तो कोई भी व्यक्ति आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत चुनाव आयोग को सी-विजिल एप के ज़रिये कर सकता है जिसकी निगरानी खुद भारत निर्वाचन आयोग करेगा।
अब चूंकि पूरा मामला चुनाव आचार संहिता से जुड़ा हुआ है, इसलिए प्रशासन इस मामले में कुछ भी नहीं कर सकता है। मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ इस बारे में ज़िला कलेक्टर का कहना है कि रात 10 बजे के बाद गरबे का आयोजन ढोल या संगीत साधनों पर कर सकते हैं, लेकिन डीजे और लाउड स्पीकर के प्रयोग पर प्रतिबंध है।
इधर, प्रशासन के इस फ़ैसले पर धार्मिक आयोजन समितियां ने आपत्ति जताई है। समितियों से जुड़े लोगों का कहना है कि रात में दस बजे के बाद ही झांकियों में भीड़ आती है और उसके बाद डीजे और लाउड स्पीकर ना बजे तो झांकियों को रौनक कम हो जाएगी। झांकी समितियों का कहना है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाउड स्पीकर भी ज़रूरी होता है इसलिए यदि उस पर भी पाबंदी लगा दी जाएगी तो फ़िर भीड़ को कैसे नियंत्रित किया जाएगा। समितियों का कहना है कि इस मामले में प्रशासन को मज़बूरी समझना चाहिए और हिन्दुओं के इस प्रमुख त्यौहार पर नरमी बरतते हुए सहयोग करना चाहिए।