आंकड़ें: मध्य प्रदेश के पिछले पांच विधानसभा चुनाव के भाजपा और कांग्रेस के जीत हार के आंकड़े
Saturday - October 13, 2018 3:11 pm ,
Category : WTN HINDI
भाजपा और कांग्रेस के बीच है कड़ी टक्कर
लगातार दस साल सत्ता में रहने के बाद हारी थी कांग्रेस तो पिछले 15 सालों से सरकार में है भाजपा
OCT 13 (OCT) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए तारीख़ों का ऐलान हो चुका है। ऐसे में सभी की निगाहें इस तरफ़ टिकी हुई हैं कि कौन सी पार्टी जीत हासिल करती है। मध्य प्रदेश में पिछले 15 सालों से भाजपा का शासन है। भाजपा ने लगातार 2003, 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। आइये आपको बताते हैं कि पिछले पांच विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा है।
बात करें साल 1993 के विधानसभा चुनाव की तो इस समय मध्य प्रदेश राज्य का विभाजन नहीं हुआ था और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ एक ही राज्य थे। उस समय मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 320 सीटें थीं। भाजपा ने सभी 320 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 117 सीटों पर उसे जीत हासिल हुई थी वहीं 11 सीटों पर भाजपा की जमानत जब्त हो गई थी। बात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस ने 318 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 174 सीटों पर जीत हासिल हुई थी वहीं 8 सीटों पर कांग्रेस की जमानत जब्त हो गई थी।
1998 के विधानसभा चुनाव के समय भी मध्य प्रदेश राज्य का विभाजन नहीं हुआ था। 1998 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 320 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 119 सीटों पर जीत हासिल थी, वहीं 13 सीटों पर भाजपा की जमानत जब्त हो गई थी। कांग्रेस ने 1998 के विधानसभा चुनाव में 316 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसने 172 सीटों पर जीत हासिल की थी। 1998 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की 12 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी।
2003 के विधानसभा चुनाव के पहले ही मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ नया राज्य बन गया था और मध्य प्रदेश विधानसभा में सीटों की कुल संख्या 230 रह गई थी। 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 173 सीटों पर जीत हासिल की थी, वहीं 8 सीटों पर भाजपा की जमानत जब्त हो गई थी। 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई थी, कांग्रेस ने 229 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे सिर्फ़ 38 सीटों पर ही जीत हासिल हो पाई थी। इस चुनाव में कांग्रेस की 19 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी।
2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 230 में से 228 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 143 सीटों पर जीत हासिल की थी वहीं भाजपा की 7 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी। बात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस को 2008 के विधानसभा चुनाव में भी करारी हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस ने 228 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 71 सीटों पर जीत हासिल हुई थी वहीं कांग्रेस के 20 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को फ़िर से जीत नसीब हुई और कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने इस चुनाव में सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 165 सीटों पर जीत हासिल हुई थी वहीं एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई थी। इधर कांग्रेस ने 229 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसके 58 प्रत्याशी ही चुनाव जीत सके थे, इस चुनाव में कांग्रेस के 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
OCT 13 (OCT) – मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए तारीख़ों का ऐलान हो चुका है। ऐसे में सभी की निगाहें इस तरफ़ टिकी हुई हैं कि कौन सी पार्टी जीत हासिल करती है। मध्य प्रदेश में पिछले 15 सालों से भाजपा का शासन है। भाजपा ने लगातार 2003, 2008 और 2013 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। आइये आपको बताते हैं कि पिछले पांच विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस का प्रदर्शन कैसा रहा है।
बात करें साल 1993 के विधानसभा चुनाव की तो इस समय मध्य प्रदेश राज्य का विभाजन नहीं हुआ था और मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ एक ही राज्य थे। उस समय मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 320 सीटें थीं। भाजपा ने सभी 320 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 117 सीटों पर उसे जीत हासिल हुई थी वहीं 11 सीटों पर भाजपा की जमानत जब्त हो गई थी। बात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस ने 318 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 174 सीटों पर जीत हासिल हुई थी वहीं 8 सीटों पर कांग्रेस की जमानत जब्त हो गई थी।
1998 के विधानसभा चुनाव के समय भी मध्य प्रदेश राज्य का विभाजन नहीं हुआ था। 1998 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 320 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 119 सीटों पर जीत हासिल थी, वहीं 13 सीटों पर भाजपा की जमानत जब्त हो गई थी। कांग्रेस ने 1998 के विधानसभा चुनाव में 316 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसने 172 सीटों पर जीत हासिल की थी। 1998 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की 12 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी।
2003 के विधानसभा चुनाव के पहले ही मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ नया राज्य बन गया था और मध्य प्रदेश विधानसभा में सीटों की कुल संख्या 230 रह गई थी। 2003 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 173 सीटों पर जीत हासिल की थी, वहीं 8 सीटों पर भाजपा की जमानत जब्त हो गई थी। 2003 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की करारी हार हुई थी, कांग्रेस ने 229 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे सिर्फ़ 38 सीटों पर ही जीत हासिल हो पाई थी। इस चुनाव में कांग्रेस की 19 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी।
2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 230 में से 228 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 143 सीटों पर जीत हासिल की थी वहीं भाजपा की 7 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी। बात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस को 2008 के विधानसभा चुनाव में भी करारी हार का सामना करना पड़ा था। कांग्रेस ने 228 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 71 सीटों पर जीत हासिल हुई थी वहीं कांग्रेस के 20 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को फ़िर से जीत नसीब हुई और कांग्रेस को करारी हार का सामना करना पड़ा। भाजपा ने इस चुनाव में सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 165 सीटों पर जीत हासिल हुई थी वहीं एक सीट पर भाजपा प्रत्याशी की जमानत जब्त हो गई थी। इधर कांग्रेस ने 229 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसके 58 प्रत्याशी ही चुनाव जीत सके थे, इस चुनाव में कांग्रेस के 11 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।