मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए परेशानी का कारण रही है बसपा
Tuesday - October 16, 2018 11:13 am ,
Category : WTN HINDI
पिछले विधानसभा चुनाव में बसपा ने जीती थीं 4 सीटें
जीतने से ज़्यादा वोट काटने में यक़ीन रखती है बसपा
OCT 16 (WTN) – वैसे तो मध्य प्रदेश में बसपा यानि कि बहुजन समाज पार्टी का इतना जनाधार नहीं है कि वो अपने दम पर सत्ता हासिल कर सके। लेकिन यूपी से लगे ज़िलों में बसपा का अच्छा प्रभाव है। पिछले पांच विधानसभा चुनावों पर नज़र डालें तो बसपा इन ज़िलों में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रही है। इस बार के विधानसभा चुनाव में बसपा को कमज़ोर समझने की भूल भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही नहीं करना चाहिए, क्योंकि बसपा इन दोनों ही पार्टियों के वोट काफ़ी तादात में काटने में हमेशा से ही सफल रही है और इसका नुकसान दोनों ही पार्टियों को उठाना पड़ा है। आइये आपके बताते हैं कि मध्य प्रदेश के पिछले पांच विधानसभा चुनावों में बसपा का प्रदर्शन कैसा रहा है।
1993 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने एक राज्यस्तरीय पार्टी के तौर पर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा। 1993 के विधानसभा चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों ही राज्य एक ही थे और इस समय मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 320 सीटें थीं। इस चुनाव में बसपा ने 320 सीटों में से 286 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 7.05 प्रतिशट वोटों के साथ 11 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही थी। वहीं बसपा की 233 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी।
1998 के विधानसभा चुनाव में भी मध्य प्रदेश में विधानसभा की 320 सीटें थीं। इस चुनाव में बसपा ने राष्ट्रीय दल के रूप में चुनाव लड़ा था। इस विधानसभा चुनाव में बसपा ने 170 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 6.15 प्रतिशत वोटों के साथ वो 11 सीटें जीतने में सफल रही थी। वहीं इस चुनाव में बसपा के 121 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
अब आपको बताते हैं कि 2003 के विधानसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन कैसा रहा था। 2003 के विधानसभा चुनाव के समय मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य अलग हो गया था और मध्य प्रदेश में विधानसभा की सीटों की संख्या 230 हो गई थी। इस विधानसभा चुनाव में बसपा ने 157 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 7.26 प्रतिशत वोटों के साथ सिर्फ़ दो सीटें ही जीतने में सफल रही थी। इस चुनाव में बसपा के 122 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
2003 के मुक़ाबले साल 2008 कि विधानसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन बढ़िया रहा। इस चुनाव में बसपा ने 228 सीटों पर चुना लड़ा और 8.97 प्रतिशत मतों के साथ 7 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही। इस चुनाव में बसपा की 182 सीटों पर जमानत जब्त हो गई।
साल 2013 के विधानसभा चुनाव बसपा के लिए कुछ ख़ास नहीं रहे। इस चुनाव में बसपा ने 227 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 6.29 प्रतिशत वोटों के साथ सिर्फ़ 4 सीटों पर ही जीत हासिल की थी। इस चुनाव में बसपा के 194 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
पिछले पांच विधानसभा चुनावों के आंकड़ों से साफ़ है कि बसपा मध्य प्रदेश में क़रीब क़रीब 7 प्रतिशत मत हासिल करने में सफल रही है और सीटें जीतने में भी कामयाब रही है। बसपा का मध्य प्रदेश में अभी इतना जनाधार नहीं है कि वो अपने दम पर मध्य प्रदेश में जीत कर सके लेकिन बसपा कांग्रेस के लिए हमेशा से ही परेशानी का कारण रही है। कहा जा रहा था कि इस चुनाव में कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसका ख़ामियाज़ा कांग्रेस को ज़रूर भुगतना पड़ेगा।
OCT 16 (WTN) – वैसे तो मध्य प्रदेश में बसपा यानि कि बहुजन समाज पार्टी का इतना जनाधार नहीं है कि वो अपने दम पर सत्ता हासिल कर सके। लेकिन यूपी से लगे ज़िलों में बसपा का अच्छा प्रभाव है। पिछले पांच विधानसभा चुनावों पर नज़र डालें तो बसपा इन ज़िलों में अच्छा प्रदर्शन करने में सफल रही है। इस बार के विधानसभा चुनाव में बसपा को कमज़ोर समझने की भूल भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही नहीं करना चाहिए, क्योंकि बसपा इन दोनों ही पार्टियों के वोट काफ़ी तादात में काटने में हमेशा से ही सफल रही है और इसका नुकसान दोनों ही पार्टियों को उठाना पड़ा है। आइये आपके बताते हैं कि मध्य प्रदेश के पिछले पांच विधानसभा चुनावों में बसपा का प्रदर्शन कैसा रहा है।
1993 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने एक राज्यस्तरीय पार्टी के तौर पर मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ा। 1993 के विधानसभा चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ दोनों ही राज्य एक ही थे और इस समय मध्य प्रदेश में विधानसभा की कुल 320 सीटें थीं। इस चुनाव में बसपा ने 320 सीटों में से 286 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 7.05 प्रतिशट वोटों के साथ 11 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही थी। वहीं बसपा की 233 सीटों पर जमानत जब्त हो गई थी।
1998 के विधानसभा चुनाव में भी मध्य प्रदेश में विधानसभा की 320 सीटें थीं। इस चुनाव में बसपा ने राष्ट्रीय दल के रूप में चुनाव लड़ा था। इस विधानसभा चुनाव में बसपा ने 170 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 6.15 प्रतिशत वोटों के साथ वो 11 सीटें जीतने में सफल रही थी। वहीं इस चुनाव में बसपा के 121 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
अब आपको बताते हैं कि 2003 के विधानसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन कैसा रहा था। 2003 के विधानसभा चुनाव के समय मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ राज्य अलग हो गया था और मध्य प्रदेश में विधानसभा की सीटों की संख्या 230 हो गई थी। इस विधानसभा चुनाव में बसपा ने 157 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 7.26 प्रतिशत वोटों के साथ सिर्फ़ दो सीटें ही जीतने में सफल रही थी। इस चुनाव में बसपा के 122 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
2003 के मुक़ाबले साल 2008 कि विधानसभा चुनाव में बसपा का प्रदर्शन बढ़िया रहा। इस चुनाव में बसपा ने 228 सीटों पर चुना लड़ा और 8.97 प्रतिशत मतों के साथ 7 सीटों पर जीत हासिल करने में सफल रही। इस चुनाव में बसपा की 182 सीटों पर जमानत जब्त हो गई।
साल 2013 के विधानसभा चुनाव बसपा के लिए कुछ ख़ास नहीं रहे। इस चुनाव में बसपा ने 227 सीटों पर चुनाव लड़ा था और 6.29 प्रतिशत वोटों के साथ सिर्फ़ 4 सीटों पर ही जीत हासिल की थी। इस चुनाव में बसपा के 194 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
पिछले पांच विधानसभा चुनावों के आंकड़ों से साफ़ है कि बसपा मध्य प्रदेश में क़रीब क़रीब 7 प्रतिशत मत हासिल करने में सफल रही है और सीटें जीतने में भी कामयाब रही है। बसपा का मध्य प्रदेश में अभी इतना जनाधार नहीं है कि वो अपने दम पर मध्य प्रदेश में जीत कर सके लेकिन बसपा कांग्रेस के लिए हमेशा से ही परेशानी का कारण रही है। कहा जा रहा था कि इस चुनाव में कांग्रेस और बसपा के बीच गठबंधन हो सकता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ और इसका ख़ामियाज़ा कांग्रेस को ज़रूर भुगतना पड़ेगा।