BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

विश्लेषण: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के सामने 2003 का प्रदर्शन दोहराने की चुनौती

Thursday - October 18, 2018 11:16 am , Category : WTN HINDI
2003 के विधानसभा चुनाव में सपा ने जीती थीं 7 सीटें
2003 के विधानसभा चुनाव में सपा ने जीती थीं 7 सीटें

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव: पिछले चुनाव को भूलकर पूरे दमखम के साथ चुनाव लड़ेगी सपा

0CT 18 (WTN) – जैसा कि आप जानते हैं कि मध्य प्रदेश में कुछ दिनों पहले तक ऐसी चर्चा थी कि विधानसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच ‘गठबंधन’ हो सकता है। लेकिन चर्चा केवल चर्चा तक ही सीमित रही, और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘साफ़’ कर दिया कि कांग्रेस के साथ किसी भी तरह का कोई भी गठबंधन समाजवादी पार्टी मध्य प्रदेश में नहीं करेगी। अखिलेश यादव का आरोप था कि कांग्रेस गठबंधन के लिए ‘समय’ लगा रही है और ऐसे में किसी भी तरह का कोई भी गठबंधन ‘सम्भव’ नहीं है।
 
इतना ही नहीं, अखिलेश यादव ने ‘साफ़’ कर दिया था कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी बसपा या गोण्डवाना गणतंत्र पार्टी से गठबंधन कर सकती है। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या समाजवादी पार्टी से गठबंधन ना करके कांग्रेस ने समझदारी का काम किया है? क्योंकि यदि पिछले विधानसभा चुनाव पर ‘नज़र’ डाली जाए, तो समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन ‘काफ़ी खराब’ रहा है। आइये आपको बताते हैं कि पिछले चार विधानसभा चुनावों में समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन कैसा रहा है।
 
साल 1992 में समाजवादी पार्टी का गठन हुआ था और इसके अगले साल यानि कि 1993 के विधानसभा चुनाव में सपा ने किसी भी प्रत्याशी को चुनाव नहीं लड़ाया था। साल 1998 के विधानसभा चुनाव में पहली बार समाजवादी पार्टी ने मध्य प्रदेश की राजनीति में अपना कदम रखा। इस चुनाव में सपा ने 94 सीटों पर चुनाव लड़ा और 1.58 प्रतिशत मत हासिल कर 4 सीटों पर जीत हासिल करने में कामयाब भी रही। इस चुनाव में सपा के 84 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
 
2003 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी पूरी दमखम के साथ चुनाव मैदान में उतरी। इस चुनाव में सपा ने 161 सीटों पर चुनाव लड़ा और 7 सीटों पर उसके प्रत्याशियों ने जीत का परमच लहराया। इस विधानसभा चुनाव में सपा का प्रदर्शन सबसे बढ़िया था और उसे 3.71 प्रतिशत वोट हासिल हुए, लेकिन इस चुनाव में उसके 146 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
 
2003 के विधानसभा चुनाव में 7 सीटों पर जीत से उत्साहित समाजवादी पार्टी ने 2008 के विधानसभा चुनाव में 187 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को चुनाव मैदान में उतारा। लेकिन इस चुनाव में सपा कुछ ख़ास नहीं कर सकी और सिर्फ 1.99 प्रतिशत मत हासिल कर 1 ही सीट पर जीत हासिल कर पाई। इस चुनाव में सपा के 183 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
 
पिछले विधानसभा चुनाव में सपा ने 164 सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन उसे साल 2003 जैसी सफलता नहीं मिल सकी। 2013 के विधानसभा चुनाव में सपा को सिर्फ़ 1.20 प्रतिशत वोट ही मिले और किसी भी सीट पर उसके प्रत्याशी जीत हासिल नहीं कर सके। इस चुनाव में सपा के 161 प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई थी।
 
साफ़ है कि यदि साल 2003 के विधानसभा चुनाव को छोड़ दिया जाए, तो समाजवादी पार्टी का प्रदर्शन कुछ ज़्यादा खास नहीं रहा है। पिछले चुनाव में उसे सिर्फ़ 1.20 प्रतिशत ही मत मिले जो कि उसका अभी तक का ‘सबसे कमज़ोर’ प्रदर्शन था। कांग्रेस के साथ गठबंधन ना होने से ‘नाराज़’ अखिलेश यादव ने छतपरपुर में साफ़-साफ़ कहा था, “जिस भी कांग्रेसी को विधानसभा चुनाव मे टिकट नहीं मिलता है, वो समाजवादी पार्टी में आ जाए, सपा उसे टिकट देगी।” अब देखना होगा कि अपनी इस रणनीति पर कितना ‘खरा’ अखिलेश यादव उतर पाते हैं और 2003 में जो प्रदर्शन समाजवादी पार्टी ने किया था उसे दोहरा पाते हैं कि नहीं।
 
Leave a Comment
* Name
* Email (will not be published)
*
* - Required fields