BrahMos WORLD INDIA MADHYA PRADESH BHOPAL WTN SPECIAL GOSSIP CORNER RELIGION SPORTS BUSINESS FUN FACTS ENTERTAINMENT LIFESTYLE TRAVEL ART & LITERATURE SCIENCE & TECHNOLOGY HEALTH EDUCATION DIASPORA OPINION & INTERVIEW RECIPES DRINKS BIG MEMSAAB 2017 BUDGET 2017 FUNNY VIDEOS VIRAL ON WEB PICTURE STORIES Mahakal Ke Darshan
WTN HINDI ABOUT US PRIVACY POLICY SITEMAP CONTACT US
logo
Breaking News

विश्लेषण: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच वोट प्रतिशत और सीटों के बीच रहा है काफ़ी अंतर

Friday - October 19, 2018 11:20 am , Category : WTN HINDI
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली थीं कांग्रेस से 107 सीटें ज़्यादा
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली थीं कांग्रेस से 107 सीटें ज़्यादा

1998 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को भाजपा से मिले थे सिर्फ़ 1.31 प्रतिशत वोट ज़्यादा, लेकिन 53 सीटें अधिक जीतने में रही थी सफल

OCT 19 (WTN) – मध्य प्रदेश में हुए पिछले पांच विधानसभा चुनावों पर नज़र डाली जाए तो साफ़ है कि यहां के मतदाताओं ने किसी एक पार्टी पर खूब विश्वास किया और उसे पूर्ण बहुमत दिया। 1993 और 1998 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत हासिल हुआ तो 2003, 2008 और 2013 के चुनाव में भाजपा ने अपने दम पर सरकार बनाई।
 
लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन दोनों ही पार्टियों के बीच जीत और हार में वोट प्रतिशत का अंतर कितना रहा है। यदि आप नहीं जानते हैं तो हम आपको बताते हैं कि पिछले पांच विधानसभा चुनावों में भाजपा और कांग्रेस के बीच जीत-हार के बीच वोट प्रतिशत का कितना अंतर था और दौरान सीटों का अंतर कितना रहा।
 
सबसे पहले बात करते हैं साल 1993 के विधानसभा चुनाव की। इस साल हुए चुनाव में भाजपा ने सभी 320 सीटों पर प्रत्याशी चुनाव में खड़े किये थे और उसे 38.82 प्रतिशत वोटों के साथ 117 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। वहीं कांग्रेस ने 318 सीटों पर चुनाव लड़ा था और उसे 40.67 प्रतिशत वोटों के साथ 174 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। यदि इन दोनों पार्टियों के बीच वोट प्रतिशत और सीटों का अंतर देखें तो कांग्रेस को भाजपा से सिर्फ़ 1.85 प्रतिशत वोट ही ज़्यादा मिले थे, लेकिन उसे भाजपा से 57 सीटें ज़्यादा मिलीं थीं।
 
1998 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सभी 320 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे सिर्फ़ 119 सीटों पर जीत हासिल हुई। इस चुनाव में भाजपा को 39.28 प्रतिशत वोट मिले। वहीं कांग्रेस ने इस चुनाव में 316 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसके 172 प्रत्याशी जीत हासिल करने में सफल रहे। इस चुनाव में कांग्रेस को 40.59 प्रतिशत वोट मिले थे। यदि अंतर देखा जाए तो कांग्रेस को भाजपा से मात्र 1.31 प्रतिशत वोट ही ज़्यादा मिले थे लेकिन वो 53 सीटें ज़्यादा जीतने में कामयाब रही।
 
साल 2003 के चुनाव में भाजपा ने कांग्रेस को करारी मात दी और उसके दस साल के शासन का अंत किया। इस चुनाव के समय छत्तीसगढ़ राज्य मध्य प्रदेश से अलग हो गया था और मध्य प्रदेश में सीटों की संख्या 320 से घटकर 230 हो गई थी। राज्य की सभी 230 सीटों पर भाजपा ने चुनाव लड़ा और 42.50 प्रतिशत वोटों के साथ वो रिकॉर्ड 173 सीटें जीतने में सफल रही। वहीं इस चुनाव में कांग्रेस की बुरी तरह से पराजय हुई। इन चुनावों में कांग्रेस को सिर्फ़ 31.61 प्रतिशत ही मत मिले और वो सिर्फ़ 38 सीटों पर ही जीत हासिल कर सकी। यदि अंतर देखा जाए तो भाजपा को कांग्रेस से 10.89 प्रतिशत वोट ज़्यादा मिले जिसके आधार पर भाजपा को कांग्रेस से 135 सीटें ज़्यादा मिलीं।
 
साल 2008 के विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा। इस चुनाव में भाजपा ने 228 सीटों पर चुनाव लड़ा और उसे 37.64 प्रतिशत वोटों के साथ 143 सीटों पर जीत हासिल हुई। बात करें कांग्रेस की तो कांग्रेस ने भी 228 सीटों पर चुनाव लड़ा और पर उसे मात्र 71 सीटों पर ही जीत हासिल हुई। इस चुनाव में उसे 32.39 प्रतिशत वोट ही हासिल हो सके। 2008 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को कांग्रेस से 5.25 प्रतिशट वोट ज़्यादा मिले और इसके आधार पर उसे 72 सीटें कांग्रेस से अधिक मिली।
 
पिछले विधानसभा चुनाव में जो कि साल 2013 में हुए थे, उसमें भाजपा ने सभी 230 सीटों पर चुनाव लड़ा औऱ उसे 165 सीटों पर जीत हासिल हुई। इस चुनाव में भाजपा को 44.88 प्रतिशत वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस ने इस चुनाव में 229 सीटों पर चुनाव लड़ा और सिर्फ़ 58 सीटों पर ही उसके प्रत्याशी जीत हासिल कर सके। कांग्रेस को इस चुनाव में 36.38 प्रतिशत ही वोट मिल सके। इन चुनावों में भाजपा को कांग्रेस से 8.5 प्रतिशत वोट ज़्यादा मिले जिसके आधार पर भाजपा कांग्रेस से 107 सीटें ज़्यादा जीतने में सफल रही।
Leave a Comment
* Name
* Email (will not be published)
*
* - Required fields