‘सिर्फ़’ आधार कार्ड के ज़रिये कराया है सिम कार्ड रिजस्ट्रेशन, तो भी बंद नहीं होगा मोबाइल नम्बर
Thursday - October 18, 2018 2:59 pm ,
Category : WTN HINDI
आधार कार्ड के आधार पर ली गईं सिम नहीं होंगी बंद
दूरसंचार विभाग और यूआईडीएआई ने सिर्फ़ आधार वेरिफ़िकेशन वाले सिम कनेक्शन बंद होने की ख़बर को बताया ‘काल्पनिक’
18 OCT (WTN) – करोड़ों लोगों की चिंता को दूर करते हुए दूरसंचार विभाग और यूआईडीएआई ने साफ़ कर दिया है कि आधार वेरिफिकेशन के ज़रिये जारी की गईं मोबाइल सिम के बंद होने का कोई भी ख़तरा नहीं है। साझा बयान में दूरसंचार विभाग और यूआईडीएआई ने आधार नम्बर के कारण क़रीब 50 करोड़ उपभोक्ताओं को फ़िर से केवाईसी से जुड़ी समस्या और फेल होने पर सिम डिसकनेक्ट होने की ख़बरों को फ़र्जी बताया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसी ख़बरें आई थीं कि आधार वेरिफिकेशन के ज़रिये जारी किए गए सिम कार्ड अगर नई वेरिफिकेशन में फेल हो जाते हैं, तो इन सिम कार्ड को डिसकनेक्ट किया जा सकता है। अपने बयान में दूरसंचार विभाग और यूआईडीएआई ने कहा गया है, “आधार केस में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद मोबाइल उपभोक्ताओं द्वारा केवाईसी विवरण का पुन: सत्यापन करने का फ़ैसला पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा। सुप्रीम कोर्ट ने आधार केवाईसी के ज़रिये जारी हुए मोबाइल नम्बरों का कनेक्शन काटने का निर्देश नहीं दिया है।”
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ़ आधार कार्ड के ज़रिये अब नई सिम जारी करने पर रोक लगाई है। जबकि यदि आपने इससे पहले आधार कार्ड के ज़रिये सिम नम्बर लिया है आपका मोबाइल डिस्कनेक्ट नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फ़ैसले में निजी कम्पनियों को आधार कार्ड आवश्यक रूप से मांगने पर रोक लगाई थी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसी अफवाह थी कि जिन्होंने सिम कनेक्शन लेने के दौरान आधार कार्ड के अलावा कोई और दूसरा पहचान पत्र नहीं दिया है, ऐसे उपभोक्ताओं को एक बार फ़िर से केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना होगा। वहीं यदि आधार वेरिफिकेशन के जरिए लिए गए इन सिम कार्ड को अगर किसी दूसरा पहचान पत्र नहीं मिला तो ये नम्बर डिस्कनेक्ट हो जाएंगे।
बाज़ार में इस तरह की अफ़वाह आने के बाद सबसे ज़्यादा चिंतित रिलायंस जियो के उपभोक्ताओं हो रहे थे, क्योंकि जियो ने केवल आधार कार्ड के ज़रिये सबसे ज़्यादा मोबाइल सिम बांटी हैं। जियो का पूरा डेटाबेस और नेटवर्क ऑपरेशन बायोमैट्रिक पहचान पर आधारित है। जियो ही नहीं, आधार कार्ड के ज़रिये मोबाइल सिम देने वाली भारती एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल और एमटीएनएल के उपभोक्ताओं को भी नम्बर बंद होने का ख़तरा लग रहा था।
18 OCT (WTN) – करोड़ों लोगों की चिंता को दूर करते हुए दूरसंचार विभाग और यूआईडीएआई ने साफ़ कर दिया है कि आधार वेरिफिकेशन के ज़रिये जारी की गईं मोबाइल सिम के बंद होने का कोई भी ख़तरा नहीं है। साझा बयान में दूरसंचार विभाग और यूआईडीएआई ने आधार नम्बर के कारण क़रीब 50 करोड़ उपभोक्ताओं को फ़िर से केवाईसी से जुड़ी समस्या और फेल होने पर सिम डिसकनेक्ट होने की ख़बरों को फ़र्जी बताया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसी ख़बरें आई थीं कि आधार वेरिफिकेशन के ज़रिये जारी किए गए सिम कार्ड अगर नई वेरिफिकेशन में फेल हो जाते हैं, तो इन सिम कार्ड को डिसकनेक्ट किया जा सकता है। अपने बयान में दूरसंचार विभाग और यूआईडीएआई ने कहा गया है, “आधार केस में सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद मोबाइल उपभोक्ताओं द्वारा केवाईसी विवरण का पुन: सत्यापन करने का फ़ैसला पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा। सुप्रीम कोर्ट ने आधार केवाईसी के ज़रिये जारी हुए मोबाइल नम्बरों का कनेक्शन काटने का निर्देश नहीं दिया है।”
दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने सिर्फ़ आधार कार्ड के ज़रिये अब नई सिम जारी करने पर रोक लगाई है। जबकि यदि आपने इससे पहले आधार कार्ड के ज़रिये सिम नम्बर लिया है आपका मोबाइल डिस्कनेक्ट नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फ़ैसले में निजी कम्पनियों को आधार कार्ड आवश्यक रूप से मांगने पर रोक लगाई थी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऐसी अफवाह थी कि जिन्होंने सिम कनेक्शन लेने के दौरान आधार कार्ड के अलावा कोई और दूसरा पहचान पत्र नहीं दिया है, ऐसे उपभोक्ताओं को एक बार फ़िर से केवाईसी प्रक्रिया से गुजरना होगा। वहीं यदि आधार वेरिफिकेशन के जरिए लिए गए इन सिम कार्ड को अगर किसी दूसरा पहचान पत्र नहीं मिला तो ये नम्बर डिस्कनेक्ट हो जाएंगे।
बाज़ार में इस तरह की अफ़वाह आने के बाद सबसे ज़्यादा चिंतित रिलायंस जियो के उपभोक्ताओं हो रहे थे, क्योंकि जियो ने केवल आधार कार्ड के ज़रिये सबसे ज़्यादा मोबाइल सिम बांटी हैं। जियो का पूरा डेटाबेस और नेटवर्क ऑपरेशन बायोमैट्रिक पहचान पर आधारित है। जियो ही नहीं, आधार कार्ड के ज़रिये मोबाइल सिम देने वाली भारती एयरटेल, वोडाफोन, बीएसएनएल और एमटीएनएल के उपभोक्ताओं को भी नम्बर बंद होने का ख़तरा लग रहा था।