31 अक्टूबर को पड़ रहा है बुध पुष्य नक्षत्र, जमकर करें खरीददारी
Wednesday - October 24, 2018 2:32 pm ,
Category : WTN HINDI
तीस सालों बाद पड़ रहा बुध पुष्य नक्षत्र का संयोग
सभी राशियों के लिए सुख-समृद्धि लेकर आएगा बुध पुष्य नक्षत्र
OCT 24 (WTN) – हिन्दू ज्योतिष में 27 नक्षत्रों में सबसे सर्वश्रेष्ठ पुष्य नक्षत्र को माना जाता है। इसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है। ज्योतिषीय ग्रंथों में कहा गया है कि कोई भी नया कार्य या व्यवसाय शुरू करने के लिए या सोने-चांदी के आभूषण खरीदने समेत कोई भी सामान खरीदने के लिए पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन पूरे देश में बड़ी तादात में व्यापार होता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार 31 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है। धनतेरस से पहले पड़ रहे पुष्य नक्षत्र को इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि तीस सालों बाद बुध पुष्य योग में पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है जो कि बहुत बड़ा संयोग है।
ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन सप्तमी तिथि के साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग है और कई दिनों से अस्त शुक्र तारे का उदय हो रहा है। जैसा कि आप जानते हैं कि शुक्र को ऐश्वर्य का कारक माना जाता है, इसलिए बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र का पड़ना हर तरह की वस्तु खरीदने के लिए शुभ फलदायी साबित होगा।
जानकारी के अनुसार बुध पुष्य नक्षत्र सभी राशि वालों के लिए सुख-समृद्धि लेकर आएगा। कोई भी राशि वाला व्यक्ति अपनी सुविधानुसार सभी तरह की धातुएं खरीद सकता है।
ज्योतिषियों के अनुसार 31 अक्टूबर को गोधूलि बेला के समय गुरु प्रधान मीन लग्न पड़ रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शाम को 6 बजकर 20 मिनट से रात को 8 बजकर 30 मिनट तक स्थिर प्रकृति का वृषभ लग्न पड़ रहा है जोकि खरीददारी के लिए सबसे अच्छा है। तो आप यदि खरीरददारी के लिए किसी शुभ मुहुर्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो 31 अक्टूबर हर तरह की खरीददारी के लिए सबसे उत्तम है।
OCT 24 (WTN) – हिन्दू ज्योतिष में 27 नक्षत्रों में सबसे सर्वश्रेष्ठ पुष्य नक्षत्र को माना जाता है। इसे नक्षत्रों का राजा भी कहा जाता है। ज्योतिषीय ग्रंथों में कहा गया है कि कोई भी नया कार्य या व्यवसाय शुरू करने के लिए या सोने-चांदी के आभूषण खरीदने समेत कोई भी सामान खरीदने के लिए पुष्य नक्षत्र को सबसे शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन पूरे देश में बड़ी तादात में व्यापार होता है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बार 31 अक्टूबर को पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है। धनतेरस से पहले पड़ रहे पुष्य नक्षत्र को इसलिए विशेष माना जा रहा है क्योंकि तीस सालों बाद बुध पुष्य योग में पुष्य नक्षत्र पड़ रहा है जो कि बहुत बड़ा संयोग है।
ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन सप्तमी तिथि के साथ पुष्य नक्षत्र का संयोग है और कई दिनों से अस्त शुक्र तारे का उदय हो रहा है। जैसा कि आप जानते हैं कि शुक्र को ऐश्वर्य का कारक माना जाता है, इसलिए बुधवार के दिन पुष्य नक्षत्र का पड़ना हर तरह की वस्तु खरीदने के लिए शुभ फलदायी साबित होगा।
जानकारी के अनुसार बुध पुष्य नक्षत्र सभी राशि वालों के लिए सुख-समृद्धि लेकर आएगा। कोई भी राशि वाला व्यक्ति अपनी सुविधानुसार सभी तरह की धातुएं खरीद सकता है।
ज्योतिषियों के अनुसार 31 अक्टूबर को गोधूलि बेला के समय गुरु प्रधान मीन लग्न पड़ रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शाम को 6 बजकर 20 मिनट से रात को 8 बजकर 30 मिनट तक स्थिर प्रकृति का वृषभ लग्न पड़ रहा है जोकि खरीददारी के लिए सबसे अच्छा है। तो आप यदि खरीरददारी के लिए किसी शुभ मुहुर्त की प्रतीक्षा कर रहे हैं तो 31 अक्टूबर हर तरह की खरीददारी के लिए सबसे उत्तम है।