जानिए दुनिया के 10 सबसे छोटे देशों के बारे में
Thursday - November 15, 2018 1:09 pm ,
Category : WTN HINDI
वैटिकन सिटी है दुनिया का सबसे छोटा देश
मालदीव है एशिया का सबसे छोटा देश, सैन मैरिनो है यूरोप का सबसे पुराना देश
NOV 15 (WTN) – दुनिया में 200 से भी ज़्यादा देश हैं, लेकिन क्या आ जानते हैं कि कई देश इतने छोटे हैं कि उनका क्षेत्रफल और जनसंख्या भारत के कई सामान्य शहरों से कम है। यदि आप नहीं जानते हैं इस देशों के विषय में तो हम आपको बताते हैं इनके बारे में विस्तार से।
वैटिकन सिटी - यूरोप महाद्वीप में स्थित यह देश दुनिया का सबसे छोटा देश माना जाता है। इस देश का क्षेत्रफल सिर्फ़ 44 हैक्टेयर है और जनसंख्या मात्र 840। इसके बावजूद इस देश को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है। इस देश के अपने सिक्के, अपना डाक विभाग और अपना रेडियो है। क्रिश्चियन समुदाय का प्रसिद्ध रोमन कैथोलिक चर्च यहीं पर स्थित है और ईसाई धर्म गुरु पोप यहीं पर रहते हैं इसी कारण पूरी दुनिया में यह देश ईसाई लोगों के लिए आस्था का केन्द्र है।
मोनैको - वेटिकन सिटी के बाद मोनैको को दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश माना जाता है। यह देश दुनिया के नक्शे पर फ्रांस और इटली के बीच समुद्र किनारे बसा हुआ है। मात्र 2.02 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस छोटे से देश की जनसंख्या साल 2016 की जनगणना के अनुसार लगभग 38,499 है।
नौरु - नौरु प्रशांत महासागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप देश है जो कि दुनिया का तीसरा सबसे छोटा देश है। इस देश का क्षेत्रफल सिर्फ़ 21.3 वर्ग किलोमीटर है। साल 2016 की जनसंख्या गणना के अनुसार इस देश की कुल आबादी करीब 13,049 है।
तुवालु – नौरु के पास प्रशांत महासागर में स्थित तुवालु को दुनिया का चौथा सबसे छोटा देश माना जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह देश पहले ब्रिटेन के अधीन था। इसका क्षेत्रफल क़रीब 26 वर्ग किलोमीटर है और इस देश की जनसंख्या सिर्फ़ 11,097 है।
सैन मैरिनो - सैन मैरिनो यूरोप का सबसे पुराना देश माना जाता है साथ ही यह विश्व का पांचवा सबसे छोटा देश है। इस देश में इटालियन भाषा बोली जाती है। 61 वर्ग किलोमीटर में फैले इस देश की जनसंख्या तकरीबन 33,203 है।
लिक्टनस्टीन – दुनिया का छठा सबसे छोटा देश लिक्टनस्टीन पश्चिमी यूरोप में स्थित है। इस देश की सीमाएं स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया से मिलती हैं। महज 160 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस देश की जनसंख्या क़रीब 37,666 है।
मार्शल आइलैंड - अटलांटिक महासागर में स्थित मार्शल आइलैंड दुनिया का सातवां सबसे छोटा देश है। इस देश का क्षेत्रफल सिर्फ़ 181 वर्ग किलोमीटर है और जनसंख्या क़रीब 53,066।
मालदीव – भारत के दक्षिण में हिंद महासागर में स्थित मालदीव दुनिया का आठवां सबसे छोटा देश है। पर्टयन के लिहाज़ से यह देश पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। जनसंख्या और क्षेत्रफल के हिसाब से मालदीव एशिया का सबसे छोटा देश है। इसका देश का क्षेत्रफल सिर्फ़ 298 वर्ग किलोमीटर है वहीं इस देश की आबादी लगभग 4 लाख 17 हजार है।
माल्टा – माल्टा दुनिया के 10 सबसे छोटे देशों में नौवे नम्बर पर है। माल्टा यूरोपीय महाद्वीप का एक विकसित देश माना जाता है। इस देश की जनसंख्या सिर्फ़ 4 लाख 37 हजार है वहीं इसका क्षेत्रफल 316 वर्ग किलोमीटर है।
ग्रेनाडा – कैरिबियाई सागर के दक्षिणी किनारे पर स्थित ग्रेनाडा द्वीप दुनिया का दसवां सबसे छोटा देश है। यह देश अन्य छोटे 6 द्वीपों से मिलकर बना हुआ है। इस देश का क्षेत्रफल महज 348 वर्ग किलोमीटर है और इस देश की आबादी लगभग 1 लाख है।
NOV 15 (WTN) – दुनिया में 200 से भी ज़्यादा देश हैं, लेकिन क्या आ जानते हैं कि कई देश इतने छोटे हैं कि उनका क्षेत्रफल और जनसंख्या भारत के कई सामान्य शहरों से कम है। यदि आप नहीं जानते हैं इस देशों के विषय में तो हम आपको बताते हैं इनके बारे में विस्तार से।
वैटिकन सिटी - यूरोप महाद्वीप में स्थित यह देश दुनिया का सबसे छोटा देश माना जाता है। इस देश का क्षेत्रफल सिर्फ़ 44 हैक्टेयर है और जनसंख्या मात्र 840। इसके बावजूद इस देश को अंतर्राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त है। इस देश के अपने सिक्के, अपना डाक विभाग और अपना रेडियो है। क्रिश्चियन समुदाय का प्रसिद्ध रोमन कैथोलिक चर्च यहीं पर स्थित है और ईसाई धर्म गुरु पोप यहीं पर रहते हैं इसी कारण पूरी दुनिया में यह देश ईसाई लोगों के लिए आस्था का केन्द्र है।
मोनैको - वेटिकन सिटी के बाद मोनैको को दुनिया का दूसरा सबसे छोटा देश माना जाता है। यह देश दुनिया के नक्शे पर फ्रांस और इटली के बीच समुद्र किनारे बसा हुआ है। मात्र 2.02 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्रफल में फैले इस छोटे से देश की जनसंख्या साल 2016 की जनगणना के अनुसार लगभग 38,499 है।
नौरु - नौरु प्रशांत महासागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप देश है जो कि दुनिया का तीसरा सबसे छोटा देश है। इस देश का क्षेत्रफल सिर्फ़ 21.3 वर्ग किलोमीटर है। साल 2016 की जनसंख्या गणना के अनुसार इस देश की कुल आबादी करीब 13,049 है।
तुवालु – नौरु के पास प्रशांत महासागर में स्थित तुवालु को दुनिया का चौथा सबसे छोटा देश माना जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह देश पहले ब्रिटेन के अधीन था। इसका क्षेत्रफल क़रीब 26 वर्ग किलोमीटर है और इस देश की जनसंख्या सिर्फ़ 11,097 है।
सैन मैरिनो - सैन मैरिनो यूरोप का सबसे पुराना देश माना जाता है साथ ही यह विश्व का पांचवा सबसे छोटा देश है। इस देश में इटालियन भाषा बोली जाती है। 61 वर्ग किलोमीटर में फैले इस देश की जनसंख्या तकरीबन 33,203 है।
लिक्टनस्टीन – दुनिया का छठा सबसे छोटा देश लिक्टनस्टीन पश्चिमी यूरोप में स्थित है। इस देश की सीमाएं स्विट्जरलैंड और ऑस्ट्रिया से मिलती हैं। महज 160 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले इस देश की जनसंख्या क़रीब 37,666 है।
मार्शल आइलैंड - अटलांटिक महासागर में स्थित मार्शल आइलैंड दुनिया का सातवां सबसे छोटा देश है। इस देश का क्षेत्रफल सिर्फ़ 181 वर्ग किलोमीटर है और जनसंख्या क़रीब 53,066।
मालदीव – भारत के दक्षिण में हिंद महासागर में स्थित मालदीव दुनिया का आठवां सबसे छोटा देश है। पर्टयन के लिहाज़ से यह देश पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। जनसंख्या और क्षेत्रफल के हिसाब से मालदीव एशिया का सबसे छोटा देश है। इसका देश का क्षेत्रफल सिर्फ़ 298 वर्ग किलोमीटर है वहीं इस देश की आबादी लगभग 4 लाख 17 हजार है।
माल्टा – माल्टा दुनिया के 10 सबसे छोटे देशों में नौवे नम्बर पर है। माल्टा यूरोपीय महाद्वीप का एक विकसित देश माना जाता है। इस देश की जनसंख्या सिर्फ़ 4 लाख 37 हजार है वहीं इसका क्षेत्रफल 316 वर्ग किलोमीटर है।
ग्रेनाडा – कैरिबियाई सागर के दक्षिणी किनारे पर स्थित ग्रेनाडा द्वीप दुनिया का दसवां सबसे छोटा देश है। यह देश अन्य छोटे 6 द्वीपों से मिलकर बना हुआ है। इस देश का क्षेत्रफल महज 348 वर्ग किलोमीटर है और इस देश की आबादी लगभग 1 लाख है।