क्या देश को मिलेगी पहली महिला मुख्य आर्थिक सलाहकार?
Wednesday - November 21, 2018 3:00 pm ,
Category : WTN HINDI
IMF और वर्ल्ड बैंक का अनुभव है पूनम गुप्ता को
मोदी सरकार कर सकती है पहली महिला आर्थिक सलाहकार की नियुक्ति
NOV 21 (NOV) – भारत में बहुत दिनों से मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद खाली है और ऐसे में कहा जा रहा है कि जल्द ही इस पद पर किसी की नियुक्ति हो सकती है। ऐसे में चर्चा है कि भारत में पहली बार कोई महिला मुख्य आर्थिक सलाहकार बन सकती है। ये पद अरविंद सुब्रमण्यन के अगस्त में कार्यकाल खत्म होने के बाद से खाली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केन्द्र की मोदी सरकार इस पद के लिए कोई नया चेहरा देख रही है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ इस पद के लिए वर्ल्ड बैंक की लीड इकोनॉमिस्ट पूनम गुप्ता का नाम सामने आ रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूनम गुप्ता इस समय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस और पॉलिसी में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की चेयर प्रोफेसर हैं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ मुख्य आर्थिक सलहाकार पद की दौड़ में जेपी मॉर्गन के चीफ इकोनॉमिस्ट साजिद चिनॉय और इंडियन स्कूल ऑफ़ बिजनेस के कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि केन्द्र की मोदी सरकार को लगता है कि भले ही उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है और सिर्फ़ 6 महीने का मचा है लेकिन विश्व की आर्थिक स्थिति को देखते हुए एक मुख्य आर्थिक सलाहकार जरूरी है।
इस पद पर रहे अरविंद सुब्रमण्यन शुरू में 3 साल के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार बने थे बाद में उन्हें 12 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। इधर मोदी सरकार ने रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में मुख्य आर्थिक सलाहकार ढूंढने के लिए कमेटी बनाई है। पहले के दो मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन और अरविंद सुब्रमण्यन को IMF और वर्ल्ड बैंक का अनुभव था। वहीं अगर पूनम गुप्ता इस पद पर चुनी जाती हैं तो ये पहले की ही तरह का सिलसिला चलता रहेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुख्य आर्थिक सलाहकार दरअसल वित्त मंत्रालय का मुख्य आर्थिक सलाहकार होता है ना कि भारत सरकार का नहीं। आर्थिक सलाहकार तो हर मंत्रालय में होते हैं जो कि भारतीय राजस्व सेवा से आते हैं जिनका चयन यूपीएससी के जरिये ही होता है। साल 2009 तक मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद भी यूपीएससी से आए अधिकारियों से ही भरा जाता था। वैसे वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि मुख्य आर्थिक सलाहकार का काम सिर्फ़ आर्थिक सर्वेक्षण तैयार करना है।
माना जा रहा है कि मोदी सरकार जल्द से जल्द मुख्य आर्थिक सलाहकार के पद पर किसी की नियुक्ति करना चाहेगी क्योंकि जिस तरह की वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं उससे वित्त मंत्रालय को किसी विशेषज्ञ की जरूरत है। अब देखना होगा कि पूनम गुप्ता के नाम पर सहमति बन पाती है कि नहीं। यदि ऐसा होता है तो वे देश की पहली महिला मुख्य आर्थिक सलाहकार होंगी।
NOV 21 (NOV) – भारत में बहुत दिनों से मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद खाली है और ऐसे में कहा जा रहा है कि जल्द ही इस पद पर किसी की नियुक्ति हो सकती है। ऐसे में चर्चा है कि भारत में पहली बार कोई महिला मुख्य आर्थिक सलाहकार बन सकती है। ये पद अरविंद सुब्रमण्यन के अगस्त में कार्यकाल खत्म होने के बाद से खाली है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि केन्द्र की मोदी सरकार इस पद के लिए कोई नया चेहरा देख रही है।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ इस पद के लिए वर्ल्ड बैंक की लीड इकोनॉमिस्ट पूनम गुप्ता का नाम सामने आ रहा है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पूनम गुप्ता इस समय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक फाइनेंस और पॉलिसी में रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की चेयर प्रोफेसर हैं।
मीडिया से मिली जानकारी के मुताबिक़ मुख्य आर्थिक सलहाकार पद की दौड़ में जेपी मॉर्गन के चीफ इकोनॉमिस्ट साजिद चिनॉय और इंडियन स्कूल ऑफ़ बिजनेस के कृष्णमूर्ति सुब्रमणियन भी शामिल हैं। कहा जा रहा है कि केन्द्र की मोदी सरकार को लगता है कि भले ही उनका कार्यकाल खत्म हो रहा है और सिर्फ़ 6 महीने का मचा है लेकिन विश्व की आर्थिक स्थिति को देखते हुए एक मुख्य आर्थिक सलाहकार जरूरी है।
इस पद पर रहे अरविंद सुब्रमण्यन शुरू में 3 साल के लिए मुख्य आर्थिक सलाहकार बने थे बाद में उन्हें 12 महीने का एक्सटेंशन दिया गया था। इधर मोदी सरकार ने रिज़र्व बैंक के पूर्व गवर्नर बिमल जालान की अध्यक्षता में मुख्य आर्थिक सलाहकार ढूंढने के लिए कमेटी बनाई है। पहले के दो मुख्य आर्थिक सलाहकार रघुराम राजन और अरविंद सुब्रमण्यन को IMF और वर्ल्ड बैंक का अनुभव था। वहीं अगर पूनम गुप्ता इस पद पर चुनी जाती हैं तो ये पहले की ही तरह का सिलसिला चलता रहेगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुख्य आर्थिक सलाहकार दरअसल वित्त मंत्रालय का मुख्य आर्थिक सलाहकार होता है ना कि भारत सरकार का नहीं। आर्थिक सलाहकार तो हर मंत्रालय में होते हैं जो कि भारतीय राजस्व सेवा से आते हैं जिनका चयन यूपीएससी के जरिये ही होता है। साल 2009 तक मुख्य आर्थिक सलाहकार का पद भी यूपीएससी से आए अधिकारियों से ही भरा जाता था। वैसे वित्त मंत्रालय के अधिकारियों का मानना है कि मुख्य आर्थिक सलाहकार का काम सिर्फ़ आर्थिक सर्वेक्षण तैयार करना है।
माना जा रहा है कि मोदी सरकार जल्द से जल्द मुख्य आर्थिक सलाहकार के पद पर किसी की नियुक्ति करना चाहेगी क्योंकि जिस तरह की वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां निर्मित हो रही हैं उससे वित्त मंत्रालय को किसी विशेषज्ञ की जरूरत है। अब देखना होगा कि पूनम गुप्ता के नाम पर सहमति बन पाती है कि नहीं। यदि ऐसा होता है तो वे देश की पहली महिला मुख्य आर्थिक सलाहकार होंगी।