जानिए बीमारियों से बचने के लिए वास्तु शास्त्र के उपाय
Saturday - November 24, 2018 10:38 am ,
Category : WTN HINDI
मुख्य दरवाजे के सामने रोज बनाएं स्वास्तिक
घर की पूर्व दिशा में नहीं होना चाहिए गंदगी का ढेर
NOV 24 (WTN) – हर कोई चाहता है कि वो हमेशा स्वस्थ रहे। अगर स्वास्थ्य सही नहीं है तो जीवन में आने वाली सुख-सुविधाएं बेकार है। वेदों में भी कहा गया है कि धर्म को साधने के लिए भी शरीर का स्वस्थ होना ज़रूरी है। यदि आप स्वस्थ हैं तो ज़िन्दगी के हर आनन्द का मजा ले सकते हैं। स्वस्थ शरीर को ही सबसे बड़ा धन माना गया है।
लेकिन देखा गया है कि कभी-कभी किसी घर में बीमारी आकर जाने का नाम ही नहीं लेती है। घर में कोई ना कोई बीमार ही बना रहता है। हर तरह के उपचार कराने और सावधानियां बरतने के बाद भी बीमार व्यक्ति स्वस्थ नहीं हो पाता है। यह सच है कि घर में बीमार व्यक्ति के साथ पूरे घर के लोग भी परेशान रहते हैं। लेकिन यदि आप वास्तु शास्त्र में विश्वास करते हैं, तो इन बीमारियों से बचने के उपाय वास्तु शास्त्र में दिये गये हैं।
यदि आप वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करते हैं तो बीमारियों से जल्द निजात मिल सकती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आख़िर वास्तु शास्त्र और बीमारी का आपस में क्या सम्बन्ध है, लेकिन हम आपको बताते हैं कि वास्तु शास्त्र के उपायों के द्वारा आप किस तरह से बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं।
यदि घर की पूर्व दिशा का स्थान अन्य दिशाओं से ऊंचा है, तो वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा के स्थान के ऊंचा होने से आर्थिक परेशानियां पैदा होती हैं और बच्चे ज़्यादातर बीमार रहते हैं।
यदि घर के पूर्ण कोण की ओर गंदगी, कूड़ा और पत्थरों का ढेर पड़ा हुआ है तो आपके घर की मुख्य महिला को गर्भहानि का ख़तरा बना रहता है।
घर में जिस तरह शौचालय बना हुआ हो या फिर जहां पर वाशिंग मशीन का इस्तेमाल होता है, उस तरफ़ सिर करके नहीं सोना चाहिए।
यदि घर के मुख्य द्वार के सामने गड्ढा हो तो परिवार के सदस्यों को मानसिक रोग और तनाव घेरे रह सकता है। बेहतर होगा कि उस गड्ढे को भर दें।
शयनकक्ष में कभी भी शीशे की ओर सिर करकर नहीं सोना चाहिए। वास्तु शास्त्र में मान्यता है कि शीशा अग्नि तत्व का प्रतिरोधक होता है। शीशा, अग्नितत्व के प्रभाव को कम करता है जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है।
घर के सामने पेड़ या खम्बा होने से घर के बच्चों का स्वास्थ्य खराब रहता है। यदि आपके घर के सामने पेड़ या खम्बा है तो इस वास्तुदोष के बचने के लिए रोज घर के मुख्य दरवाजे के बाहर स्वास्तिक बनाएं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे के सामने ना ही कीचड़ होना चाहिए और ना ही गंदा पानी जमा होना चाहिए।
NOV 24 (WTN) – हर कोई चाहता है कि वो हमेशा स्वस्थ रहे। अगर स्वास्थ्य सही नहीं है तो जीवन में आने वाली सुख-सुविधाएं बेकार है। वेदों में भी कहा गया है कि धर्म को साधने के लिए भी शरीर का स्वस्थ होना ज़रूरी है। यदि आप स्वस्थ हैं तो ज़िन्दगी के हर आनन्द का मजा ले सकते हैं। स्वस्थ शरीर को ही सबसे बड़ा धन माना गया है।
लेकिन देखा गया है कि कभी-कभी किसी घर में बीमारी आकर जाने का नाम ही नहीं लेती है। घर में कोई ना कोई बीमार ही बना रहता है। हर तरह के उपचार कराने और सावधानियां बरतने के बाद भी बीमार व्यक्ति स्वस्थ नहीं हो पाता है। यह सच है कि घर में बीमार व्यक्ति के साथ पूरे घर के लोग भी परेशान रहते हैं। लेकिन यदि आप वास्तु शास्त्र में विश्वास करते हैं, तो इन बीमारियों से बचने के उपाय वास्तु शास्त्र में दिये गये हैं।
यदि आप वास्तु शास्त्र के नियमों का पालन करते हैं तो बीमारियों से जल्द निजात मिल सकती है। आपको जानकर आश्चर्य होगा कि आख़िर वास्तु शास्त्र और बीमारी का आपस में क्या सम्बन्ध है, लेकिन हम आपको बताते हैं कि वास्तु शास्त्र के उपायों के द्वारा आप किस तरह से बीमारियों से छुटकारा पा सकते हैं।
यदि घर की पूर्व दिशा का स्थान अन्य दिशाओं से ऊंचा है, तो वास्तु शास्त्र के अनुसार इस दिशा के स्थान के ऊंचा होने से आर्थिक परेशानियां पैदा होती हैं और बच्चे ज़्यादातर बीमार रहते हैं।
यदि घर के पूर्ण कोण की ओर गंदगी, कूड़ा और पत्थरों का ढेर पड़ा हुआ है तो आपके घर की मुख्य महिला को गर्भहानि का ख़तरा बना रहता है।
घर में जिस तरह शौचालय बना हुआ हो या फिर जहां पर वाशिंग मशीन का इस्तेमाल होता है, उस तरफ़ सिर करके नहीं सोना चाहिए।
यदि घर के मुख्य द्वार के सामने गड्ढा हो तो परिवार के सदस्यों को मानसिक रोग और तनाव घेरे रह सकता है। बेहतर होगा कि उस गड्ढे को भर दें।
शयनकक्ष में कभी भी शीशे की ओर सिर करकर नहीं सोना चाहिए। वास्तु शास्त्र में मान्यता है कि शीशा अग्नि तत्व का प्रतिरोधक होता है। शीशा, अग्नितत्व के प्रभाव को कम करता है जिसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ता है।
घर के सामने पेड़ या खम्बा होने से घर के बच्चों का स्वास्थ्य खराब रहता है। यदि आपके घर के सामने पेड़ या खम्बा है तो इस वास्तुदोष के बचने के लिए रोज घर के मुख्य दरवाजे के बाहर स्वास्तिक बनाएं।
वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य दरवाजे के सामने ना ही कीचड़ होना चाहिए और ना ही गंदा पानी जमा होना चाहिए।