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यदि जाना चाहते हैं विदेश, तो सोशल मीडिया पर रहें सतर्क!

Saturday - November 24, 2018 4:41 pm , Category : WTN HINDI
सोशल मीडिया पर हैट स्पीच और प्रतिबंधित संगठनों से बनाएं दूरी
सोशल मीडिया पर हैट स्पीच और प्रतिबंधित संगठनों से बनाएं दूरी

वीज़ा आवेदन के समय देखी जा सकती है आपको सोशल मीडिया हिस्ट्री!
 
NOV 24 (WTN) – सोशल मीडिया यानि कि फेसबुक और ट्विटर आदि पर तो आजकल लगभग हर कोई एक्टिव है। सोशल मीडिया पर सक्रिय लोग समय-समय पर अपने विचार उस पर व्यक्त करते रहते हैं, लेकिन कई बार देखा गया है कि सोशल मीडिया पर पोस्ट करते समय कई लोग कुछ ज़्यादा सोचते नहीं हैं और आवेग, गुस्से और उत्तेजना में कुछ ऐसा पोस्ट कर देते हैं जो उन्हें नहीं करना चाहिए था।
 
यदि आपकी भी यह आदत है कि आप सोशल मीडिया पर बिना कुछ सोचे-समझे पोस्ट कर देते हैं, तो फ़िर विदेश जाने के आपके इरादों पर पानी फ़िर सकता है। आप सोच रहे होंगे कि आख़िर सोशल मीडिया पर लिखने मात्र से क्या विदेश जाने के सपनों पर पानी फ़िर सकता है, तो आख़िर क्या है पूरा मामला, आइये आपको बताते हैं।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अमेरिका समेत विश्व के कई देशों के आव्रजन एवं सीमा सुरक्षा अधिकारी अब वीजा लेने वाले लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर भी नज़र रखने लगे हैं। ऐसा इसलिए, क्योंकि इनके जरिए वे वीजा आवेदक की पूरी जानकारी जुटाने को कोशिश करके हैं। अधिकारी इस तरफ़ ख़ासा ध्यान देते हैं कि वीज़ा के लिए आवेदन करने वाले आवेदक द्वारा मेजबान देश के नियमों के अनुसार हेट स्पीच को बढ़ावा देने वाले पोस्ट तो नहीं किये गये हैं।
 
इतना ही नहीं, मेजबान देश के अधिकारियों द्वारा यह भी देखा जाता है कि आवेदक द्वारा अतिवादी संगठनों या प्रतिबंधित संगठनों के समर्थन में किसी भी तरह की कोई पोस्ट तो नहीं डाली गई है। यदि ऐसा आवेदन ने किया है तो सम्बन्धित देश के नियमों के अनुसार वीज़ा आवेदक का आवेदन रद्द किया जा सकता है।
 
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सोशल मीडिया पर आपके पोस्ट चेक करने के साथ-साथ अमेरिका जैसे देशों में तो अथॉरिटीज की ओर से आपकी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जैसे कि फ़ोन और लैपटॉप को भी चेक किया जा सकता है। एक जानकारी के अनुसार, साल 2017 में अमेरिका में सीमा अधिकारियों द्वारा क़रीब 30,200 इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को चेक किया गया, जो कि साल 2016 के मुक़ाबले 58 प्रतिशत ज़्यादा है। वहीं साल 2015 में सिर्फ़ 8,500 ऐसे मामले थे जब वीज़ा आवेदन पर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज को चेक किया गया।
 
इधर, अमेरिका ने अब अपने यहां के वीज़ा के नियमों को और भी कड़ा कर दिया है। जानकारी के अनुसार अब वीज़ा का आवदेन करने वालों को अपने पुराने मोबाइल नम्बरों, ईमेल आईडी और सोशल मीडिया का इतिहास समेत कई अन्य जानकारियां भी मुहैया करानी होंगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इनके द्वारा अमेरिकी अधिकारी वीज़ा आवेदक का इतिहास चेक करेंगे कि कहीं उसका सम्बन्ध किसी प्रतिबंधित संगठन से तो नहीं रहा है, या फ़िर उसके द्वारा सोशल मीडिया में अतिवादी और प्रतिबंधित संगठनों का समर्थन तो नहीं किया गया है।
 
तो यदि आप भी अमेरिका या दुनिया के किसी देश में जाने की योजना बना रहे हैं, तो ध्यान रखें कि सोशल मीडिया पर कोई भी ऐसी पोस्ट ना करें जिसकी भाषा आपत्तिजक हो या फ़िर जो किसी अतिवादी या प्रतिबंधित संगठनों का समर्थन करती हो। 9/11 के हमले के बाद से अमेरिका काफ़ी सतर्क और सावधान हो गया है, ऐसे में अमेरिका किसी भी ऐसे व्यक्ति को अपने देश में प्रवेश करने से रोकना चाहता है जो कि हैट स्पीच में विश्वास रखता हो या फ़िर जिसका अतिवादी संगठनों या प्रतिबंधित संगठनों से सम्बन्ध हो।
 
तो हमारी आपको यही सलाह है कि सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने से पहले आप काफ़ी सावधानी बरतें। सोशल मीडिया पर आप किसे फॉलो कर रहे हैं, कौन आपको फॉलो कर रहा है, आप किस पोस्ट पर कमेंट या शेयर कर रहे हैं, इस सभी बातों पर काफ़ी ध्यान देने की ज़रूरत है। यदि आपने इस तरफ़ ध्यान नहीं दिया और हैच स्पीच या आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया तो आपका वीज़ा आवेदन सम्बन्धित देश की पॉलिसी के अनुसार रद्द भी हो सकता है।