कन्फर्म टिकिट रिफण्ड से लेकर टिकिट ट्रांसफर तक की सुविधाएं देता है रेलवे
Saturday - November 24, 2018 2:55 pm ,
Category : WTN HINDI
भारतीय रेलवे देता है यात्रियों को कई सुविधाएं और अधिकार
यदि किया है ई-टिकिट बुक, तो यात्रा से 24 घण्टे पहले बदल सकते हैं बोर्डिंग स्टेशन
NOV 24 (WTN) – क्या आप जानते हैं कि भारतीय रेलवे आपको ट्रेन में यात्रा के दौरान कई अधिकार देता है। इन अधिकारों का प्रयोग आप ज़रूरत पड़ने पर कभी भी कर सकते हैं। इन अधिकारों का उपयोग करने से आपको कोई भी रेलवे का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आपको रोक नहीं सकता है। आज हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही अधिकारों के बारे में जो कि हर रेलयात्री को पता होना चाहिए।
1. कन्फर्म तत्काल टिकिट तो वैसे आप कैंसल नहीं कर सकते हैं, लेकिन कुछ विशेष परिस्थतियों में आप इसके बदले रिफण्ड ले सकते हैं। जैसे कि यदि ट्रेन तीन घण्टे से ज़्यादा लेट है और आप उसमें सफ़र नहीं करते हैं तो आपको रिफण्ड मिलेगा। वहीं यदि बंद, रेल रोको और बाढ़ समेत अन्य किसी कारण से यदि ट्रेन कैंसल होती है, तो आपको रिफण्ड मिलेगा। किसी कारण से ट्रेन को डायवर्टेड रूट पर चलाया जाता है और आपका स्टेशन उस रूट पर नहीं पड़ता है, तो भी आप नियमों के अनुसार रिफण्ड ले सकते हैं।
2. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपके कन्फर्म टिकट पर आपके माता-पिता, भाई, बहन, बेटा, बेटी और आपकी पत्नी सफ़र कर सकती है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको टिकट ट्रांसफर करना होगा, और इसके लिए आपको 24 घण्टे पहले चीफ़ रिजर्वेशन सुपरवाइजर से निवेदन करना होगा, जिसके बाद आपके आवेदन पर सम्बन्धित अधिकारी फ़ैसला लेते हुआ आपके परिजन के नाम पर आपके टिकिट को ट्रांसफ़र कर सकते हैं।
3. आप अनारक्षित टिकिट पर भी रिजर्व्ड कोच में यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उसके लिए शर्त है कि सम्बन्धित कोच में कोई सीट खाली हो और रिजर्व्ड सीट खाली होने पर आपको सिर्फ़ रिजर्व्ड टिकिट लेने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि सीट खाली नहीं है तो और आप रिजर्व्ड कोच में बैठते हैं, तो आपसे पेनल्टी वसूली जाएगी।
4. अगर आपने कोई टिकिट रिजर्वेशन काउण्टर पर बुक कराया है, तो आप उसकी डुप्लीकेट कॉपी ले सकते हैं। इसके लिए आप अपने पास के रिजर्वेशन सेंटर पर जा सकते हैं और डुप्लीकेट टिकिट ले सकते हैं, लेकिन यह सुविधा सिर्फ़ कन्फर्म टिकिट पर ही मिलती है और इसके लिए आपको कुछ शुल्क भी देना पड़ेगा।
5. ई-टिकट बुक करने वाले यात्री अपनी यात्रा से 24 घण्टे पहले बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं, लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सिर्फ़ एक बार ही किया जा सकता है और इसके बाद आप चाहकर भी बोर्डिंग स्टेशन नहीं बदल सकते हैं।
6. हर यात्री ट्रेन में फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा रेलवे द्वारा मुहैया कराई जाती है। ऐसे में यदि किसी भी यात्री को कोई भी स्वास्थ्य सम्बन्धित परेशानी ट्रेन में सफ़र के दौरान होती है, तो आप ट्रेन में टीटीई या फ़िर ट्रेन के किसी भी कर्मचारी से फर्स्ट एड बॉक्स मांग सकते हैं जो कि पूरी तरह से निशुल्क है।
7. यदि आपका टिकिट एसी क्लास का है और आपको स्लीपर में यात्रा करना पड़ रही है, तो आप रिफण्ड क्लेम कर सकते हैं। इतना ही नहीं, एसी कोच में यदि एसी खराब होता है, तो भी यात्री रिफण्ड क्लेम कर सकता है।
NOV 24 (WTN) – क्या आप जानते हैं कि भारतीय रेलवे आपको ट्रेन में यात्रा के दौरान कई अधिकार देता है। इन अधिकारों का प्रयोग आप ज़रूरत पड़ने पर कभी भी कर सकते हैं। इन अधिकारों का उपयोग करने से आपको कोई भी रेलवे का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी आपको रोक नहीं सकता है। आज हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही अधिकारों के बारे में जो कि हर रेलयात्री को पता होना चाहिए।
1. कन्फर्म तत्काल टिकिट तो वैसे आप कैंसल नहीं कर सकते हैं, लेकिन कुछ विशेष परिस्थतियों में आप इसके बदले रिफण्ड ले सकते हैं। जैसे कि यदि ट्रेन तीन घण्टे से ज़्यादा लेट है और आप उसमें सफ़र नहीं करते हैं तो आपको रिफण्ड मिलेगा। वहीं यदि बंद, रेल रोको और बाढ़ समेत अन्य किसी कारण से यदि ट्रेन कैंसल होती है, तो आपको रिफण्ड मिलेगा। किसी कारण से ट्रेन को डायवर्टेड रूट पर चलाया जाता है और आपका स्टेशन उस रूट पर नहीं पड़ता है, तो भी आप नियमों के अनुसार रिफण्ड ले सकते हैं।
2. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आपके कन्फर्म टिकट पर आपके माता-पिता, भाई, बहन, बेटा, बेटी और आपकी पत्नी सफ़र कर सकती है। इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको टिकट ट्रांसफर करना होगा, और इसके लिए आपको 24 घण्टे पहले चीफ़ रिजर्वेशन सुपरवाइजर से निवेदन करना होगा, जिसके बाद आपके आवेदन पर सम्बन्धित अधिकारी फ़ैसला लेते हुआ आपके परिजन के नाम पर आपके टिकिट को ट्रांसफ़र कर सकते हैं।
3. आप अनारक्षित टिकिट पर भी रिजर्व्ड कोच में यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उसके लिए शर्त है कि सम्बन्धित कोच में कोई सीट खाली हो और रिजर्व्ड सीट खाली होने पर आपको सिर्फ़ रिजर्व्ड टिकिट लेने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यदि सीट खाली नहीं है तो और आप रिजर्व्ड कोच में बैठते हैं, तो आपसे पेनल्टी वसूली जाएगी।
4. अगर आपने कोई टिकिट रिजर्वेशन काउण्टर पर बुक कराया है, तो आप उसकी डुप्लीकेट कॉपी ले सकते हैं। इसके लिए आप अपने पास के रिजर्वेशन सेंटर पर जा सकते हैं और डुप्लीकेट टिकिट ले सकते हैं, लेकिन यह सुविधा सिर्फ़ कन्फर्म टिकिट पर ही मिलती है और इसके लिए आपको कुछ शुल्क भी देना पड़ेगा।
5. ई-टिकट बुक करने वाले यात्री अपनी यात्रा से 24 घण्टे पहले बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं, लेकिन आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह सिर्फ़ एक बार ही किया जा सकता है और इसके बाद आप चाहकर भी बोर्डिंग स्टेशन नहीं बदल सकते हैं।
6. हर यात्री ट्रेन में फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा रेलवे द्वारा मुहैया कराई जाती है। ऐसे में यदि किसी भी यात्री को कोई भी स्वास्थ्य सम्बन्धित परेशानी ट्रेन में सफ़र के दौरान होती है, तो आप ट्रेन में टीटीई या फ़िर ट्रेन के किसी भी कर्मचारी से फर्स्ट एड बॉक्स मांग सकते हैं जो कि पूरी तरह से निशुल्क है।
7. यदि आपका टिकिट एसी क्लास का है और आपको स्लीपर में यात्रा करना पड़ रही है, तो आप रिफण्ड क्लेम कर सकते हैं। इतना ही नहीं, एसी कोच में यदि एसी खराब होता है, तो भी यात्री रिफण्ड क्लेम कर सकता है।