विशेष: 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद मध्य प्रदेश में 14 सीटों पर हुए उपचुनाव
Monday - November 26, 2018 4:45 pm ,
Category : WTN HINDI
विधायकों के निधन और त्यागपत्र के कारण हुए उपचुनाव
14 सीटों पर हुए उपचुनाव में 9 सीटों पर भाजपा तो 5 सीटों पर कांग्रेस ने हासिल की जीत
NOV 26 (WTN) – साल 2013 में मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से लेकर 2018 में हो रहे विधानसभा चुनाव तक के दरमियान, मध्य प्रदेश में 14 बार उपचुनाव हुए। 9 बार उपचुनाव विधायक की मृत्यु होने के कारण और 5 बार उपचुनाव विधायक के त्यागपत्र देने के कारण हुए। आइये आपको विस्तार से बताते हैं मध्य प्रदेश कि किन 14 सीटों पर उपचुनाव हुए और उपचुनाव के क्या नतीजे रहे। इन 14 सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने 9 सीटों पर तो कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत हासिल की।
साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बहोरीबंद से जीते भाजपा विधायक प्रभात पाण्डेय का निधन 12 अप्रैल 2014 को हुआ, जिसके इस सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के कुंवर सौरभ सिंह ने जीत हासिल की।
गरोठ से जीते भाजपा विधायक राजेश यादव का निधन 27 मार्च 2015 को हुआ, जिसके बाद गरोठ सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी चन्दर सिंह सिसौदिया ने जीत हासिल की।
देवास से भाजपा विधायक तुकोजीराव पवार का निधन 19 जून 2015 को हुआ, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी गायत्री राजे गायकवाड़ ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की।
घोड़ाडोंगरी से भाजपा विधायक सज्जन सिंह उइके का निधन 19 मार्च 2016 को हुआ, जिसके बाद उस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी मंगल सिंग धुर्वे ने जीत हासिल की।
नेपानगर से भाजपा विधायक राजेन्द्र श्यामलाल दादू का निधन 9 जून 2016 को हुआ, इस सीट पर हुए उपचुनाव में दिवंगत विधायक राजेन्द्र श्यामलाल दादू की बेटी सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू ने जीत हासिल की।
अटेर से कांग्रेस विधायक सत्यदेव कटारे का निधन 20 अक्टूबर 2016 को हुआ, जिसके बाद उस सीट पर हुए उपचुनाव में उनके बेटे हेमन्त सत्यदेव कटारे ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की।
चित्रकूट से कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह का निधन 29 मई 2017 को हुआ, चित्रकूट सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नीलांशु चतुर्वेदी ने जीत हासिल की।
मुंगावली से कांग्रेस विधायक महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा का निधन 11 सितम्बर 2017 को हुआ, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में बृजेन्द्र सिंह यादव ने जीत हासिल की।
कोलारस से कांग्रेस विधायक राम सिंह यादव का निधन 18 अक्टूबर 2017 को हुआ, इस सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी महेन्द्र सिंह यादव ने जीत हासिल की।
विधानसभा चुनाव 2013 में बुधनी और विदिशा दो सीटों से जीत हासिल करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा सीट से त्यागपत्र दे दिया था, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी कल्याण सिंह ठाकुर ने जीत हासिल की थी।
विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस टिकट पर जीत हासिल करने वाले संजय पाठक ने कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र देकर भाजपा पार्टी ज्वाइन की थी, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में संजय पाठक ने जीत हासिल की।
2014 के लोकसभा चुनाव में देवास लोकसभा सीट से जीत हासिल करने के बाद आगर सीट से विधायक चुने गये मनोहर ऊंटवाल ने आगर सीट से त्यागपत्र दे दिया था, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी गोपाल परमार ने जीत हासिल की थी।
मैहर विधानसभा सीट से साल 2013 में कांग्रेस टिकट पर जीत हासिल करने वाले नारायण त्रिपाठी ने कांग्रेस से त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, जिसके बाद मैहर सीट पर हुए उपचुनाव में नारायण त्रिपाठी ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की।
2016 में शहडोल लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बांधवगढ़ सीट से विधायक चुने गये भाजपा विधायक ज्ञान सिंह ने त्यागपत्र दे दिया था, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी शिवनारायण सिंह ने जीत हासिल की।
NOV 26 (WTN) – साल 2013 में मध्य प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के बाद से लेकर 2018 में हो रहे विधानसभा चुनाव तक के दरमियान, मध्य प्रदेश में 14 बार उपचुनाव हुए। 9 बार उपचुनाव विधायक की मृत्यु होने के कारण और 5 बार उपचुनाव विधायक के त्यागपत्र देने के कारण हुए। आइये आपको विस्तार से बताते हैं मध्य प्रदेश कि किन 14 सीटों पर उपचुनाव हुए और उपचुनाव के क्या नतीजे रहे। इन 14 सीटों पर हुए उपचुनाव में भाजपा ने 9 सीटों पर तो कांग्रेस ने 5 सीटों पर जीत हासिल की।
साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बहोरीबंद से जीते भाजपा विधायक प्रभात पाण्डेय का निधन 12 अप्रैल 2014 को हुआ, जिसके इस सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस के कुंवर सौरभ सिंह ने जीत हासिल की।
गरोठ से जीते भाजपा विधायक राजेश यादव का निधन 27 मार्च 2015 को हुआ, जिसके बाद गरोठ सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी चन्दर सिंह सिसौदिया ने जीत हासिल की।
देवास से भाजपा विधायक तुकोजीराव पवार का निधन 19 जून 2015 को हुआ, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में उनकी पत्नी गायत्री राजे गायकवाड़ ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की।
घोड़ाडोंगरी से भाजपा विधायक सज्जन सिंह उइके का निधन 19 मार्च 2016 को हुआ, जिसके बाद उस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी मंगल सिंग धुर्वे ने जीत हासिल की।
नेपानगर से भाजपा विधायक राजेन्द्र श्यामलाल दादू का निधन 9 जून 2016 को हुआ, इस सीट पर हुए उपचुनाव में दिवंगत विधायक राजेन्द्र श्यामलाल दादू की बेटी सुश्री मंजू राजेन्द्र दादू ने जीत हासिल की।
अटेर से कांग्रेस विधायक सत्यदेव कटारे का निधन 20 अक्टूबर 2016 को हुआ, जिसके बाद उस सीट पर हुए उपचुनाव में उनके बेटे हेमन्त सत्यदेव कटारे ने कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल की।
चित्रकूट से कांग्रेस विधायक प्रेम सिंह का निधन 29 मई 2017 को हुआ, चित्रकूट सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी नीलांशु चतुर्वेदी ने जीत हासिल की।
मुंगावली से कांग्रेस विधायक महेन्द्र सिंह कालूखेड़ा का निधन 11 सितम्बर 2017 को हुआ, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में बृजेन्द्र सिंह यादव ने जीत हासिल की।
कोलारस से कांग्रेस विधायक राम सिंह यादव का निधन 18 अक्टूबर 2017 को हुआ, इस सीट पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी महेन्द्र सिंह यादव ने जीत हासिल की।
विधानसभा चुनाव 2013 में बुधनी और विदिशा दो सीटों से जीत हासिल करने के बाद शिवराज सिंह चौहान ने विदिशा सीट से त्यागपत्र दे दिया था, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी कल्याण सिंह ठाकुर ने जीत हासिल की थी।
विजयराघवगढ़ विधानसभा सीट से कांग्रेस टिकट पर जीत हासिल करने वाले संजय पाठक ने कांग्रेस पार्टी से त्यागपत्र देकर भाजपा पार्टी ज्वाइन की थी, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में संजय पाठक ने जीत हासिल की।
2014 के लोकसभा चुनाव में देवास लोकसभा सीट से जीत हासिल करने के बाद आगर सीट से विधायक चुने गये मनोहर ऊंटवाल ने आगर सीट से त्यागपत्र दे दिया था, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी गोपाल परमार ने जीत हासिल की थी।
मैहर विधानसभा सीट से साल 2013 में कांग्रेस टिकट पर जीत हासिल करने वाले नारायण त्रिपाठी ने कांग्रेस से त्यागपत्र देकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली थी, जिसके बाद मैहर सीट पर हुए उपचुनाव में नारायण त्रिपाठी ने भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की।
2016 में शहडोल लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में जीत हासिल करने के बाद साल 2013 के विधानसभा चुनाव में बांधवगढ़ सीट से विधायक चुने गये भाजपा विधायक ज्ञान सिंह ने त्यागपत्र दे दिया था, जिसके बाद इस सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी शिवनारायण सिंह ने जीत हासिल की।