विश्लेषण: जानिए क्यों महंगे होने जा रहे हैं टीवी और फ्रिज जैसे घरेलू उपकरण
Monday - November 26, 2018 12:42 pm ,
Category : WTN HINDI
क़रीब 7 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं घरेलू उपयोग के उत्पाद
गिरते रुपये और बढ़े उत्पाद शुल्क के कारण महंगे होंगे घरेलू उत्पाद
NOV 26 (WTN) – यदि आप टीवी और फ्रिज जैसे घरेलू उपकरण खरीदने जा रहे हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगले महीन से यह सामान महंगे हो सकते हैं। जानकारी के मुताबिक़, टिकाऊ उपभोक्ता सामान कम्पनियां त्योहरी सीजन के बाद अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। कम्पनियों का दावा है कि त्योहारी बिक्री के मद्देनजर बढ़ी हुई लागत का बोझ उन्होंने ग्राहकों पर डालने की बजाय खुद ही अस्थायी रुप से वहन किया है।
अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर क्यों कम्पनियां दाम बढ़ाने का सोच रही हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉलर के मुक़ाबले रुपये में गिरावट और सीमा शुल्क में बढ़ोतरी से इन उत्पादों की लागत बढ़ी है। जिसके कारण ये कम्पनियों इस घाटे को पूरा करने के लिए दाम बढ़ाने के विकल्प कर रही हैं। कम्पनियों का कहना है कि त्योहारी सीजन के बाद घाटा पूरा करने के लिए दाम बढ़ाना उनकी मज़बूरी है।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, पैनासोनिक इण्डिया अपने उत्पादों के दाम में क़रीब सात प्रतिशत तक की वृद्धि करने के लिये तैयार है, जबकि कुछ अन्य कम्पनियां पहले ही क़ीमतों में वृद्धि कर चुकी हैं या करने जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक़, चूंकि पिछले कुछ महीने में डॉलर की तुलना में रुपये में गिरावट आई है, जिसका असर स्वाभाविक रूप से लागत पर पड़ा है।
कहा जा रहा है कि घरेलू उपभोक्ता उपकरण बनाने वाली कम्पनियों ने काफ़ी कोशिश की कि वे बढ़ी लागत मूल्य का बोझ खुद झेलें, जिसके लिए कम्पनियों ने काफ़ी कोशिश की, लेकिन बाज़ार की स्थिति को देखते हुए अब कम्पनियों ने अगले महीने से दाम में 5 से 7 प्रतिशत की वृद्धि करनी की ठान ली है। क्योंकि यदि कम्पनियों ने ऐसा नहीं किया तो आने वाले समय में लागत मूल्य काफ़ी बढ़ जाएगी जिसके बाद यदि एकदम से दाम बढ़ाया तो उसका काफ़ी बोझ उपभोक्ता पर पड़ेगा।
वैसे तो यह मूल्य वृद्धि काफ़ी पहले करने को योजना थी, लेकिन भारत में त्योहारी सीजन को देखते हुए कम्पनियों ने मूल्य वृद्धि नहीं कि क्योंकि इस दौरान उपभोक्ता टिकाऊ उपभोग की वस्तुएं ज़्यादा खरीदते हैं, ऐसे में त्योहारी सीजन निकलने के बाद कम्पनियों ने दाम बढ़ाने की सोची है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में त्योहारी सीजन 14 जनवरी को शुरू होता है, जिसे संक्रांति और ओणम कहा जाता है, और यह सीजन दशहरा के बाद दीपावली के साथ खत्म होता है। जानकारी के मुताबिक़, इस दौरान उद्योग की कुल बिक्री में से एक-तिहाई त्योहारी सीजन के दौरान ही हासिल होती है। ऐसे में अब जबकि नये साल के बाद 14 जनवरी से त्योहारी सीजन शुरू होने जा रहा है, कम्पनियां अभी से ही दाम बढ़ा रही हैं तो ताकि त्योहारी सीजन शुरू होने के पहले ग्राहक माइण्ड मेकअप कर ले कि दाम बढ़ चुके हैं।
NOV 26 (WTN) – यदि आप टीवी और फ्रिज जैसे घरेलू उपकरण खरीदने जा रहे हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अगले महीन से यह सामान महंगे हो सकते हैं। जानकारी के मुताबिक़, टिकाऊ उपभोक्ता सामान कम्पनियां त्योहरी सीजन के बाद अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। कम्पनियों का दावा है कि त्योहारी बिक्री के मद्देनजर बढ़ी हुई लागत का बोझ उन्होंने ग्राहकों पर डालने की बजाय खुद ही अस्थायी रुप से वहन किया है।
अब आप सोच रहे होंगे कि आख़िर क्यों कम्पनियां दाम बढ़ाने का सोच रही हैं, तो आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉलर के मुक़ाबले रुपये में गिरावट और सीमा शुल्क में बढ़ोतरी से इन उत्पादों की लागत बढ़ी है। जिसके कारण ये कम्पनियों इस घाटे को पूरा करने के लिए दाम बढ़ाने के विकल्प कर रही हैं। कम्पनियों का कहना है कि त्योहारी सीजन के बाद घाटा पूरा करने के लिए दाम बढ़ाना उनकी मज़बूरी है।
मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार, पैनासोनिक इण्डिया अपने उत्पादों के दाम में क़रीब सात प्रतिशत तक की वृद्धि करने के लिये तैयार है, जबकि कुछ अन्य कम्पनियां पहले ही क़ीमतों में वृद्धि कर चुकी हैं या करने जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक़, चूंकि पिछले कुछ महीने में डॉलर की तुलना में रुपये में गिरावट आई है, जिसका असर स्वाभाविक रूप से लागत पर पड़ा है।
कहा जा रहा है कि घरेलू उपभोक्ता उपकरण बनाने वाली कम्पनियों ने काफ़ी कोशिश की कि वे बढ़ी लागत मूल्य का बोझ खुद झेलें, जिसके लिए कम्पनियों ने काफ़ी कोशिश की, लेकिन बाज़ार की स्थिति को देखते हुए अब कम्पनियों ने अगले महीने से दाम में 5 से 7 प्रतिशत की वृद्धि करनी की ठान ली है। क्योंकि यदि कम्पनियों ने ऐसा नहीं किया तो आने वाले समय में लागत मूल्य काफ़ी बढ़ जाएगी जिसके बाद यदि एकदम से दाम बढ़ाया तो उसका काफ़ी बोझ उपभोक्ता पर पड़ेगा।
वैसे तो यह मूल्य वृद्धि काफ़ी पहले करने को योजना थी, लेकिन भारत में त्योहारी सीजन को देखते हुए कम्पनियों ने मूल्य वृद्धि नहीं कि क्योंकि इस दौरान उपभोक्ता टिकाऊ उपभोग की वस्तुएं ज़्यादा खरीदते हैं, ऐसे में त्योहारी सीजन निकलने के बाद कम्पनियों ने दाम बढ़ाने की सोची है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में त्योहारी सीजन 14 जनवरी को शुरू होता है, जिसे संक्रांति और ओणम कहा जाता है, और यह सीजन दशहरा के बाद दीपावली के साथ खत्म होता है। जानकारी के मुताबिक़, इस दौरान उद्योग की कुल बिक्री में से एक-तिहाई त्योहारी सीजन के दौरान ही हासिल होती है। ऐसे में अब जबकि नये साल के बाद 14 जनवरी से त्योहारी सीजन शुरू होने जा रहा है, कम्पनियां अभी से ही दाम बढ़ा रही हैं तो ताकि त्योहारी सीजन शुरू होने के पहले ग्राहक माइण्ड मेकअप कर ले कि दाम बढ़ चुके हैं।